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DUSU Election Results 2026 - डीयू छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने जीते 3 पद, NSUI खाली हाथ; इसके क्या हैं सियासी मायने?

DUSU चुनाव 2026 में ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय पद जीते। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने। निर्दलीय दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष चुने गए, जबकि NSUI किसी पद पर जीत नहीं सका।

DUSU Election Results 2026 - डीयू छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने जीते 3 पद, NSUI खाली हाथ; इसके क्या हैं सियासी मायने?

DUSU Election Results 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी जीत दर्ज नहीं कर सका। चुनाव में ABVP, NSUI और AISA-SFI के लेफ्ट गठबंधन के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में थे।DUSU के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था और 19 सितंबर को वोटों की गिनती की गई। इस बार कुल 40.46% मतदान दर्ज हुआ। 1,51,519 योग्य छात्रों में से 61,312 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह पिछले दो साल की तुलना में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी थी; 2025 में करीब 39.5% मतदान हुआ था।

ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया और लक्ष्य जीते

चार केंद्रीय पदों में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद अपने नाम किया। यश डबास ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। रिया छावड़ी सचिव बनीं, जबकि लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की।उपाध्यक्ष पद का मुकाबला अलग रहा। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। काउंटिंग के शुरुआती दौर से ही शौकीन मजबूत स्थिति में थे और कई राउंड तक उनकी बढ़त बनी रही। उन्होंने ABVP के ईशू मौर्य और NSUI के वीर चतरथ को पीछे छोड़ा।
इस चुनाव में ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास का मुकाबला मुख्य रूप से NSUI के विजय शंकर मीणा और AISA-SFI गठबंधन की अनन्या रतूड़ी से था। काउंटिंग के दौरान अध्यक्ष पद पर डबास और मीणा के बीच कई बार बढ़त बदली, जिससे मुकाबला काफी करीबी रहा।

कौन हैं दीपांशु शौकीन, जिन्होंने निर्दलीय जीता उपाध्यक्ष पद?

दीपांशु शौकीन ने DUSU चुनाव 2026 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। उन्होंने ABVP और NSUI के उम्मीदवारों के बीच चुनाव लड़ते हुए यह जीत हासिल की। शौकीन इससे पहले NSUI से टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उनकी जीत इस चुनाव में इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि DUSU के चार प्रमुख पदों में से एक पर किसी छात्र संगठन के उम्मीदवार के बजाय एक निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा।

पिछले साल भी ABVP ने तीन पद जीते थे

DUSU चुनाव में ABVP का प्रदर्शन लगातार दूसरे साल तीन केंद्रीय पदों तक रहा। पिछले साल ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था।इस बार तस्वीर थोड़ी अलग रही। ABVP ने अपने तीन पद बरकरार रखे, लेकिन उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के पास चला गया। NSUI पिछले साल के उपाध्यक्ष पद को भी बरकरार नहीं रख सका और इस बार चारों केंद्रीय पदों में उसका खाता नहीं खुला।
चुनाव में ABVP और कांग्रेस समर्थित NSUI के अलावा AISA-SFI का लेफ्ट गठबंधन भी प्रमुख दावेदारों में था। कुल चार केंद्रीय पदों के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में थे।

1,000 EVM, 2 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती

DUSU चुनाव के लिए करीब 1,000 EVM की व्यवस्था की गई थी। इनमें 960 EVM मतदान के लिए इस्तेमाल हुईं, जबकि 40 मशीनें रिजर्व रखी गई थीं। 18 सितंबर को मतदान खत्म होने के बाद EVM को पुलिस सुरक्षा में काउंटिंग सेंटर तक पहुंचाया गया।19 सितंबर को वोटों की गिनती नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हुई। सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए। काउंटिंग सेंटर के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
पुलिस ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर एंट्री-एग्जिट, छात्रों की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की। कैंपस में फुट पेट्रोलिंग, बाइक टीम और PCR वैन भी तैनात रहीं। काउंटिंग के दौरान नॉर्थ कैंपस के आसपास कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध भी लागू किए गए।

DU में 91 कॉलेज, लेकिन DUSU चुनाव में 52 ही शामिल

दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो प्रमुख कैंपस हैं—नॉर्थ कैंपस और साउथ कैंपस। दोनों कैंपस के बीच करीब 15 किलोमीटर की दूरी है। पूरी यूनिवर्सिटी में कुल 91 कॉलेज हैं, लेकिन DUSU के केंद्रीय चुनाव में सभी कॉलेज सीधे तौर पर मतदान नहीं करते।DUSU चुनाव में इस बार 52 कॉलेज और फैकल्टी सीधे चुनाव प्रक्रिया में शामिल हुए। सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज जैसे कुछ प्रमुख कॉलेज DUSU के सीधे चुनावी ढांचे में शामिल नहीं हैं।
यही वजह है कि DU में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या और DUSU चुनाव में सीधे मतदान करने वाले छात्रों की संख्या अलग होती है। इस बार 52 मतदान केंद्रों पर हुए चुनाव में 1.51 लाख से ज्यादा छात्र वोट डालने के पात्र थे और 61,312 छात्रों ने मतदान किया।

क्या हैं DUSU चुनाव के सियासी मायने?

DUSU चुनाव सीधे तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का चुनाव है, लेकिन इसका असर कैंपस की राजनीति से आगे भी देखा जाता है। इसकी वजह यह है कि ABVP का संबंध BJP से और NSUI का संबंध कांग्रेस से है। इसलिए DUSU में इन संगठनों का प्रदर्शन उनके छात्र संगठन के प्रभाव और कैंपस में संगठनात्मक पकड़ का एक संकेत माना जाता है।इस बार ABVP ने तीन पद जीते, जबकि एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया और NSUI कोई पद नहीं जीत सकी। इसे राजनीतिक दलों की राष्ट्रीय चुनावी जीत-हार के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि DUSU का मतदाता वर्ग सीमित है और चुनाव का मुद्दा भी मुख्य रूप से विश्वविद्यालय तथा छात्र राजनीति से जुड़ा होता है।
फिर भी, DUSU का महत्व इसलिए है क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में आने वाले कई छात्र नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रहा है। यहां जीतने वाले छात्र नेता आगे चलकर मुख्यधारा की राजनीति में भी सक्रिय हुए हैं। इसलिए चुनाव परिणाम छात्र राजनीति में संगठनों की मौजूदा पकड़, कैंपस नेटवर्क और युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पिछले साल ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के तीन पद जीते थे, जबकि उपाध्यक्ष का पद NSUI के पास गया था। इस बार भी ABVP के तीन पदों पर जीत और NSUI का कोई पद न जीतना छात्र संगठनों के बीच मौजूदा कैंपस समीकरण में बदलाव को समझने के लिए प्रासंगिक है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

DUSU Election 2026 में किसने जीत हासिल की?

DUSU के चार केंद्रीय पदों में ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता। NSUI को चारों केंद्रीय पदों में से कोई पद नहीं मिला।

DUSU चुनाव 2026 में ABVP ने कितने पद जीते?

ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय पद जीते। उसके उम्मीदवार यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने।

DUSU चुनाव में NSUI को कितनी सीटें मिलीं?

NSUI को DUSU के चार केंद्रीय पदों में से कोई भी सीट नहीं मिली। पिछले साल NSUI ने उपाध्यक्ष पद जीता था।

DUSU चुनाव 2026 में कितने प्रतिशत मतदान हुआ?

इस बार 40.46% मतदान हुआ। कुल 1,51,519 योग्य छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया। 2025 में मतदान प्रतिशत करीब 39.5% था।

DUSU चुनाव में कितने कॉलेज वोट करते हैं?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुल 91 कॉलेज हैं, लेकिन DUSU के केंद्रीय चुनाव में 52 कॉलेज और फैकल्टी सीधे तौर पर मतदान प्रक्रिया में शामिल होते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्रीराम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ कॉलेज इस सीधे चुनावी ढांचे में शामिल नहीं हैं।

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