Dog Vaccination Rabies Prevention: बच्चों को नहीं, कुत्तों को Vaccinate करना ज्यादा असरदार? Lancet Study ने बताया Rabies रोकने का रास्ता
नई Lancet Study के मुताबिक Dog Vaccination Rabies Prevention में बड़े स्तर पर कुत्तों का टीकाकरण, बच्चों को routine PrEP देने से ज्यादा प्रभावी और किफायती हो सकता है। Kerala में 70% dog vaccination से करीब तीन वर्षों में human rabies deaths शून्य के करीब पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
भारत में हर साल लाखों लोग जानवरों के काटने का शिकार होते हैं और इनमें बड़ी संख्या कुत्तों के काटने की होती है। ऐसे में Dog Vaccination Rabies Prevention को लेकर सामने आई नई Lancet Study ने ध्यान खींचा है। अध्ययन के मुताबिक, Kerala में इंसानों को नियमित तौर पर bite से पहले rabies vaccine देने की तुलना में बड़े स्तर पर कुत्तों का टीकाकरण मानव मौतों को रोकने में ज्यादा प्रभावी और किफायती हो सकता है।
Rabies Deaths Prevention के लिए Study ने क्या पाया?

The Lancet Regional Health में प्रकाशित अध्ययन ने Kerala में 2026 से 2035 के बीच rabies रोकने की अलग-अलग रणनीतियों का गणितीय मॉडल के जरिए आकलन किया।अध्ययन के अनुसार, अगर कुत्तों में करीब 70 प्रतिशत vaccination coverage हासिल कर ली जाए, तो Kerala में इंसानों की rabies से होने वाली वार्षिक मौतें लगभग तीन साल के भीतर शून्य के करीब पहुंच सकती हैं।इसके विपरीत, बच्चों को नियमित रूप से bite से पहले rabies vaccine यानी PrEP देने से अतिरिक्त लाभ काफी सीमित रहने का अनुमान लगाया गया। मॉडल के मुताबिक 10 वर्षों में इससे औसतन 10 से भी कम अतिरिक्त मौतें रोकी जा सकेंगी, जबकि इसकी लागत काफी अधिक होगी।
Dog Vaccination Rabies Prevention को क्यों माना गया ज्यादा असरदार?
Rabies संक्रमण को रोकने की रणनीति में कुत्तों का टीकाकरण बीमारी के मूल स्रोत पर काम करता है। जब बड़ी संख्या में कुत्तों को vaccinated किया जाता है, तो उनमें virus के फैलने और इंसानों तक पहुंचने की संभावना कम होती है।अध्ययन के मुताबिक Kerala में हर साल करीब 10 लाख लोगों को Post-Exposure Prophylaxis (PEP) मुफ्त में दिया जाता है और राज्य में vaccination पूरा करने की दर भी देश के सबसे ऊंचे स्तरों में है।इसके बावजूद 2025 में Kerala में 33 human rabies deaths दर्ज हुईं, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।इससे यह सवाल उठा कि केवल काटे जाने के बाद इंसानों को इलाज देने के बजाय क्या बीमारी के transmission source यानी कुत्तों पर ज्यादा निवेश किया जाना चाहिए।
क्या बच्चों को Pre-Exposure Vaccine देना महंगा विकल्प है?
अध्ययन में routine childhood PrEP को cost-effective नहीं पाया गया। इसका कारण यह है कि अधिकांश बच्चों को rabies exposure का सामना नहीं करना पड़ता, इसलिए बड़े स्तर पर पहले से vaccine देने पर खर्च अधिक होता है, जबकि अतिरिक्त रूप से बचाई जाने वाली मौतों की संख्या बहुत कम रहती है।अध्ययन का निष्कर्ष यह नहीं है कि इंसानों को काटे जाने के बाद vaccine नहीं लेना चाहिए। इसके उलट, Human Rabies Prevention में समय पर PEP लेना बेहद महत्वपूर्ण है।असल समस्या उन मामलों में सामने आती है जहां व्यक्ति कुत्ते के काटने के बाद इलाज लेने में देरी करता है या इलाज शुरू ही नहीं कराता।
Mass Dog Vaccination से कितनी बदल सकती है तस्वीर?
Mass Dog Vaccination को अध्ययन ने सबसे प्रभावी रणनीतियों में रखा है। मॉडल के मुताबिक 70 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण होने पर Kerala में human rabies deaths तेजी से घट सकती हैं।इसके उलट अगर बच्चों की PrEP पर खर्च बढ़ाने के कारण stray dog vaccination के लिए उपलब्ध संसाधन कम हो जाते हैं, तो स्थिति और खराब हो सकती है। अध्ययन के मॉडल में ऐसी स्थिति में 10 वर्षों में मौतों की संख्या 488 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया।यानी Rabies Prevention Through Dog Vaccination का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह संक्रमण की श्रृंखला को इंसानों तक पहुंचने से पहले तोड़ने की कोशिश करता है।
Kerala में Stray Dogs की संख्या कितनी है?
अध्ययन में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। मॉडल के अनुसार Kerala में वास्तविक stray dog population आधिकारिक census आंकड़ों से करीब पांच गुना ज्यादा हो सकती है।अगर यह अनुमान सही है, तो मौजूदा Canine Rabies Control कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधन जरूरत की तुलना में काफी कम हो सकते हैं।इसका सीधा असर vaccination coverage पर पड़ता है। यदि वास्तविक कुत्तों की संख्या अधिक है, तो 70 प्रतिशत coverage हासिल करने के लिए मौजूदा अनुमान से कहीं अधिक vaccination की जरूरत होगी।
PEP के तरीके में बदलाव से भी बच सकता है पैसा
अध्ययन ने केवल dog vaccination पर जोर नहीं दिया है। इसमें भारत में इस्तेमाल होने वाले चार-dose PEP schedule की तुलना WHO की अनुशंसित एक सप्ताह वाली छोटी regimen से भी की गई।अध्ययन के मॉडल के मुताबिक WHO की छोटी PEP regimen अपनाने से उपचार की प्रभावशीलता कम किए बिना लागत बचाई जा सकती है।इसके साथ ही bite victims को समय पर healthcare तक पहुंचाना और लोगों को rabies के खतरे तथा treatment की जरूरत के बारे में जागरूक करना भी बेहद जरूरी बताया गया है।
निष्कर्ष
Dog Vaccination Rabies Prevention को लेकर Lancet Study का संदेश साफ है-मानव rabies deaths को खत्म करने के लिए सिर्फ इंसानों को vaccine देना पर्याप्त नहीं हो सकता। Kerala के मॉडल में बड़े स्तर पर Mass Dog Vaccination, समय पर PEP और बेहतर healthcare access को ज्यादा प्रभावी रणनीति बताया गया है। अध्ययन के अनुसार 2030 तक human rabies deaths खत्म करने के लक्ष्य में कुत्तों का टीकाकरण अहम भूमिका निभा सकता है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Dog Vaccination Rabies Prevention से इंसानों की मौत कैसे कम हो सकती है?
कुत्तों में बड़े स्तर पर टीकाकरण करने से rabies virus के प्रसार और इंसानों तक संक्रमण पहुंचने की संभावना कम हो सकती है।
Vaccinate Dogs Not Kids का क्या मतलब है?
इसका मतलब बच्चों का इलाज या bite के बाद vaccination रोकना नहीं है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि routine childhood PrEP की तुलना में mass dog vaccination पर निवेश अधिक प्रभावी हो सकता है।
Mass Dog Vaccination में 70% coverage क्यों महत्वपूर्ण है?
अध्ययन के गणितीय मॉडल के अनुसार करीब 70 प्रतिशत कुत्तों को vaccinated करने पर Kerala में human rabies deaths लगभग तीन साल में शून्य के करीब पहुंच सकती हैं।
क्या कुत्ते के काटने पर इंसान को vaccine नहीं लगवानी चाहिए?
नहीं। कुत्ते के काटने के बाद समय पर medical assessment और जरूरी PEP लेना बेहद महत्वपूर्ण है। अध्ययन ने treatment तक समय पर पहुंच को rabies deaths रोकने की अहम रणनीति बताया है।
Rabies Elimination Strategy में सबसे महत्वपूर्ण कदम क्या बताए गए हैं?
अध्ययन के अनुसार mass dog vaccination, समय पर PEP और treatment तक बेहतर पहुंच को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।