Is Old Monk Really Rum? जिस Drink को पीढ़ियों से Rum समझकर पिया, FSSAI अब उसे क्यों नहीं मान रहा?
Old Monk FSSAI Case ने देशभर में बहस छेड़ दी है। FSSAI ने Bombay High Court में कहा कि Old Monk को Rum के नाम से नहीं बेचा जा सकता और इसे rum-flavoured spirit कहा जा सकता है। मामले ने Indian liquor labelling और consumer rights पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।
क्या Is Old Monk Really Rum? यह सवाल इन दिनों लाखों Old Monk प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI का Bombay High Court में दिया गया बयान। नियामक ने कहा है कि Old Monk को Rum के नाम से नहीं बेचा जा सकता। इसके बाद सवाल सिर्फ एक ब्रांड का नहीं रहा, बल्कि भारत में बिकने वाली mass-market whisky और rum की पूरी व्यवस्था पर उठ खड़ा हुआ है।मामला अब Bombay High Court में है और अगली सुनवाई 11 सितंबर को होनी है। लेकिन इस विवाद ने एक पुराने सवाल को फिर सामने ला दिया है-बोतल पर जो नाम लिखा है, क्या उसके अंदर वही चीज भी है?
Is Old Monk Really Rum? FSSAI ने ऐसा क्यों कहा?

Old Monk FSSAI Case की शुरुआत अगस्त में हुई, जब FSSAI ने artificial flavouring के इस्तेमाल को लेकर Old Monk समेत कुछ लोकप्रिय liquor variants की बिक्री पर आपत्ति जताई थी।3 सितंबर को Bombay High Court में सुनवाई के दौरान FSSAI की ओर से कहा गया कि Old Monk को Rum के तौर पर बेचना स्वीकार्य नहीं है। नियामक की मुख्य आपत्ति केवल इसके लेबल पर लिखे “7 years old blended” या “very old vatted” जैसे दावों को लेकर नहीं थी, बल्कि उत्पाद की प्रकृति को लेकर थी।FSSAI की ओर से सुझाव दिया गया कि इसे “rum-flavoured spirit” के तौर पर बताया जा सकता है।यही बयान Old Monk के करोड़ों प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका बना, क्योंकि ब्रांड लंबे समय से भारतीय शराब संस्कृति और खासकर सर्दियों की यादों से जुड़ा रहा है।
Old Monk Rum Controversy के पीछे असली कहानी क्या है?
यह समझने के लिए पहले Rum को समझना जरूरी है। दुनिया के कई हिस्सों में Rum गन्ने के रस या उसके उत्पादों से बनाया जाता है। Whisky मुख्य रूप से अनाज से और Brandy अंगूर से बनाई जाती है। इन उत्पादों में alcohol fermentation और distillation की प्रक्रिया से पैदा होता है और ageing से इनके स्वाद व aroma में बदलाव आता है।भारत में mass-market IMFL यानी Indian-Made Foreign Liquor का मॉडल कुछ अलग रहा है। स्रोत के अनुसार, बड़ी संख्या में mass-market whisky और rum उत्पादों में Extra Neutral Alcohol यानी ENA या Grain Neutral Spirit यानी GNS का इस्तेमाल होता है। इसके बाद flavouring और colouring agents के जरिए उन्हें संबंधित spirit का स्वाद और रूप दिया जाता है।यही वजह है कि Rum Flavoured Spirit को लेकर विवाद इतना बड़ा हो गया है।
Indian Whisky और Rum को लेकर इतना बड़ा सवाल क्यों उठा?
भारत में mass-market alcohol का एक बड़ा हिस्सा उस वर्ग से आता है जिसे imported whisky या rum से सस्ता विकल्प देने के लिए विकसित किया गया था। इतिहास में molasses यानी चीनी बनाने की प्रक्रिया से निकलने वाले उप-उत्पाद का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर neutral spirit बनाने में किया गया।स्रोत के मुताबिक, यही neutral spirit बाद में अलग-अलग flavours और colours के साथ whisky या rum जैसे उत्पादों में इस्तेमाल होता रहा।हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि भारत की हर whisky या rum एक जैसी है। Premium whisky, Indian single malts और अन्य crafted spirits में अलग manufacturing processes इस्तेमाल होते हैं। भारत में Indri, Amrut, Paul John और Rampur जैसे Indian single malt brands भी वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुके हैं।इसलिए Old Monk Label Controversy को पूरे भारतीय alcohol industry पर एक ही निष्कर्ष लागू करने के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
FSSAI Alcohol Rules में क्या है असली पेंच?
इस विवाद का एक अहम हिस्सा नियमों की व्याख्या है। स्रोत में alcobev industry से जुड़े विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि भारत में alcoholic beverages, additives और labelling के लिए अलग-अलग regulations मौजूद हैं।कानूनी विशेषज्ञ Rajnish Singh के मुताबिक, मौजूदा नियमों के तहत भारत में बिकने वाले कई rum और whisky products regulatory requirements का पालन करते हैं। लेकिन दूसरी तरफ consumer का यह अधिकार भी महत्वपूर्ण है कि उसे बोतल के अंदर मौजूद उत्पाद की वास्तविक प्रकृति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिले।यानी विवाद सिर्फ यह नहीं है कि कोई उत्पाद कानूनी है या नहीं। सवाल यह भी है कि consumer को वास्तव में क्या बताया जा रहा है।
क्या Old Monk की Bottle और Label बदल सकता है?
फिलहाल Bombay High Court में मामला जारी है, इसलिए Old Monk के अंतिम लेबल या category को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।हालांकि industry experts का मानना है कि एक संभावित रास्ता ऐसी अलग categories बनाना हो सकता है, जिससे उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से पता चले कि वह किस तरह का spirit product खरीद रहा है।2018 में Brandy को लेकर भी इसी तरह का regulatory सवाल सामने आया था। इसके बाद Indian Brandy जैसी category का रास्ता निकाला गया। इसी तर्ज पर Indian Rum या Indian Whisky जैसी स्पष्ट sub-categories पर विचार किया जा सकता है।इससे एक तरफ उद्योग को अपने mass-market products जारी रखने का रास्ता मिलेगा और दूसरी तरफ consumer को बेहतर जानकारी मिल सकेगी।
Old Monk के दीवाने क्या कहते हैं?
Old Monk Rum Controversy 2026 के बीच सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसके कई पुराने प्रशंसकों के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बोतल में तकनीकी रूप से क्या है।Old Monk के साथ लोगों की nostalgia जुड़ी हुई है। वर्षों से यह सर्दियों, दोस्तों की महफिल और निजी यादों का हिस्सा रहा है। दिल्ली के Press Club से लेकर मुंबई के restaurants तक, इसके loyal consumers का एक मजबूत base बताया गया है।एक लंबे समय से Old Monk पीने वाले पत्रकार ने स्रोत में कहा कि उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि तकनीकी तौर पर इसे Rum कहा जाए या नहीं-वह इसे इसलिए पीते हैं क्योंकि यह Old Monk है।यही इस पूरे विवाद का सबसे मानवीय पहलू है: लोगों को सिर्फ एक drink के नाम से नहीं, उससे जुड़ी यादों से भी लगाव है।
निष्कर्ष
Is Old Monk Really Rum का सीधा जवाब फिलहाल इतना है कि FSSAI ने Bombay High Court में कहा है कि इसे Rum के रूप में बेचना स्वीकार्य नहीं है और इसे rum-flavoured spirit के तौर पर वर्णित करने का सुझाव दिया गया है। लेकिन अंतिम कानूनी और नियामकीय स्थिति अभी तय नहीं हुई है। Old Monk FSSAI Case ने हालांकि एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है-क्या भारतीय consumers को अपनी पसंदीदा शराब के अंदर मौजूद ingredients और उसकी वास्तविक category के बारे में और ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए?
FAQ (Frequently Asked Questions):
Is Old Monk Really Rum और विवाद क्यों है?
FSSAI ने Bombay High Court में कहा है कि Old Monk को Rum के नाम से नहीं बेचा जा सकता और इसे rum-flavoured spirit के रूप में वर्णित करने का सुझाव दिया है।
Old Monk Rum Controversy में FSSAI की क्या भूमिका है?
FSSAI ने artificial flavouring और उत्पाद की प्रकृति को लेकर आपत्ति जताई है। मामला Bombay High Court में विचाराधीन है।
Old Monk Label Controversy किस वजह से सामने आई?
विवाद उत्पाद की प्रकृति और उसके लेबल पर किए गए दावों को लेकर सामने आया है। FSSAI की मुख्य आपत्ति सिर्फ ageing-related wording तक सीमित नहीं है।
Old Monk Ageing Claim को लेकर क्या सवाल हैं?
सुनवाई के दौरान “7 years old blended” और “very old vatted” जैसे दावों का उल्लेख हुआ, लेकिन FSSAI ने स्पष्ट किया कि उसकी मुख्य आपत्ति उत्पाद को Rum के रूप में बेचने से जुड़ी है।
क्या Old Monk का Label बदल सकता है?
संभावना पर चर्चा हो रही है, लेकिन फिलहाल अंतिम फैसला नहीं हुआ है। Bombay High Court में मामले की सुनवाई जारी है।