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Sanjay Raut FDA Allegations : होटल-रेस्टोरेंट से ₹2 लाख तक वसूली का आरोप, महाराष्ट्र FDA पर क्यों उठे सवाल?

संजय राउत ने महाराष्ट्र FDA के कुछ अधिकारियों पर होटल, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स कारोबारियों से लाइसेंस सस्पेंशन की धमकी देकर कथित वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने ₹75 हजार से ₹2 लाख तक के ‘क्लोजिंग नोटिस’ रेट का दावा किया। FDA कमिश्नर ने ठोस सबूत पर कार्रवाई की बात कही।

Sanjay Raut FDA Allegations : होटल-रेस्टोरेंट से ₹2 लाख तक वसूली का आरोप, महाराष्ट्र FDA पर क्यों उठे सवाल?

Sanjay Raut FDA Allegations : महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की सख्ती के बीच शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को लिखी चिट्ठी में दावा किया कि कुछ डेजिग्नेटेड ऑफिसर, असिस्टेंट कमिश्नर और फूड सेफ्टी ऑफिसर होटल, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स कंपनियों को लाइसेंस सस्पेंड करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसे मांग रहे हैं। उनका दावा है कि 'क्लोजिंग नोटिस' के नाम पर कथित वसूली की रकम पहले ₹10-12 हजार के आसपास थी, जो अब ₹75 हजार से ₹2 लाख तक पहुंच गई है। राउत ने इस मामले में स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

राउत का दावा- सख्ती के बीच चल रहा वसूली का खेल

राउत ने अपनी तीन पेज की चिट्ठी में कहा कि मुंबई, ठाणे, नागपुर, पुणे, सोलापुर, वर्धा और छत्रपति संभाजीनगर समेत कई जगहों के कारोबारियों ने उनसे FDA की कार्रवाई और कथित पैसों की मांग को लेकर शिकायत की है। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी लाइसेंस सस्पेंड करने का डर दिखाकर होटल, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स कारोबारियों पर दबाव बना रहे हैं।राउत ने ठाणे के एक मामले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि दो FDA डेजिग्नेटेड ऑफिसरों ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी का लाइसेंस बहाल कराने के लिए कथित तौर पर ₹17-18 लाख लिए। उन्होंने एक अन्य मामले में दावा किया कि सोशल मीडिया पर किसी प्रतिष्ठान में चूहा होने की पोस्ट के बाद लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया, जबकि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कोई चूहा नहीं मिला था। इन दावों के समर्थन में राउत ने सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र दस्तावेज या जांच रिपोर्ट पेश नहीं की है।
राउत ने FDA की कार्रवाई की पूरी पारदर्शिता की भी मांग की है। उनका कहना है कि हर लाइसेंस सस्पेंशन या बहाली के मामले में कारण, तारीख और सुनवाई का संक्षिप्त विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने उन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है जो कथित तौर पर तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई करते हैं।

मुंढे का जवाब- ठोस सबूत दें, दोषी मिले तो कार्रवाई होगी

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने राउत के आरोपों को लेकर कहा कि अगर किसी अधिकारी द्वारा ब्लैकमेलिंग या भ्रष्टाचार की ठोस जानकारी है तो उसे उनके सामने या एंटी-करप्शन ब्यूरो के पास शिकायत के रूप में रखा जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुंढे ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति की बात भी कही।मुंढे के मुताबिक, उनके कार्यकाल में FDA ने बड़े पैमाने पर निरीक्षण और कार्रवाई की है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 25 मई से अब तक विभाग ने 12 हजार से ज्यादा निरीक्षण किए और 603 लाइसेंस सस्पेंड किए हैं। दूसरी रिपोर्ट में अगस्त तक 12,083 निरीक्षण और 5,269 सुधार नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों की तारीख अलग होने के कारण इन्हें उसी समयावधि के संदर्भ में देखना जरूरी है।
यह कार्रवाई अस्वच्छ किचन, मिलावटी खाद्य पदार्थ, मिलावटी दूध, एक्सपायर्ड स्टॉक और दूसरी फूड सेफ्टी कमियों को लेकर की जा रही है। इसी सख्त अभियान के बीच राउत ने आरोप लगाया है कि विभाग की कार्रवाई का डर कुछ अधिकारियों द्वारा कथित वसूली के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

लाइसेंस सीधे सस्पेंड नहीं किया जा सकता, कानून में तय है प्रक्रिया

राउत के आरोपों में जिस 'नोटिस-हियरिंग-सस्पेंशन' प्रक्रिया का जिक्र है, उसका आधार फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 32 है। कानून के मुताबिक, अगर डेजिग्नेटेड ऑफिसर को लगता है कि किसी फूड बिजनेस ऑपरेटर ने नियमों का पालन नहीं किया है, तो वह इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी कर सकता है। इसमें कमी और उसे दूर करने के लिए जरूरी कदम बताए जाते हैं और इसके लिए कम से कम 14 दिन का समय दिया जाना चाहिए।अगर कारोबारी इम्प्रूवमेंट नोटिस का पालन नहीं करता है तो उसका लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। लाइसेंस कैंसिल करने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का मौका देना होता है। FSSAI के लाइसेंसिंग रेगुलेशन में भी सस्पेंशन के लिए कारण दर्ज करने और कारोबारी को उचित सुनवाई का अवसर देने की बात कही गई है।
हालांकि, सार्वजनिक स्वास्थ्य के तत्काल खतरे की स्थिति में कानून अथॉरिटी को बिना सामान्य प्रक्रिया पूरी किए लाइसेंस को तुरंत सस्पेंड या कैंसिल करने की अनुमति देता है, लेकिन ऐसे फैसले के कारण लिखित रूप में दर्ज करने होते हैं। सस्पेंशन या कैंसिलेशन से प्रभावित कारोबारी कमिश्नर ऑफ फूड सेफ्टी के पास अपील भी कर सकता है।
इसी प्रक्रिया को लेकर राउत ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी नियमों को दरकिनार कर पहले कार्रवाई का डर पैदा करते हैं और फिर कथित तौर पर पैसे की मांग करते हैं। यह दावा फिलहाल राउत की शिकायत का हिस्सा है, इसकी जांच या स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

FDA की सख्ती के बीच बढ़ा विवाद

महाराष्ट्र FDA पिछले कुछ महीनों से खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज किए हुए है। विभाग का फोकस खाद्य मिलावट, खराब हाइजीन, असुरक्षित उत्पादों और नियमों के उल्लंघन पर है। इसी दौरान कई होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे खाद्य कारोबारियों पर कार्रवाई हुई है।राउत ने FDA की इस कार्रवाई की आलोचना नहीं, बल्कि उसके तरीके पर सवाल उठाया है। अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कारोबारियों को कथित तौर पर डराना या पैसे मांगना अलग मामला है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल मामला आरोप और जवाब के स्तर पर है। राउत ने जिन कारोबारियों की शिकायतों का हवाला दिया है, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और कथित ₹17-18 लाख की वसूली या ₹75 हजार से ₹2 लाख के 'रेट कार्ड' की स्वतंत्र जांच रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है। FDA कमिश्नर ने ठोस शिकायत और सबूत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसलिए जांच के बिना इन आरोपों को साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Sanjay Raut ने Maharashtra FDA पर क्या आरोप लगाया?

संजय राउत ने आरोप लगाया कि FDA के कुछ अधिकारी होटल, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स कारोबारियों को लाइसेंस सस्पेंड करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसे मांग रहे हैं। उन्होंने 'क्लोजिंग नोटिस' के नाम पर रकम बढ़ने का भी दावा किया है।

FDA officers पर hotels से पैसे मांगने का आरोप क्या है?

राउत का दावा है कि कुछ अधिकारी लाइसेंस सस्पेंशन का डर दिखाकर पैसे मांग रहे हैं। उन्होंने 'क्लोजिंग नोटिस' की कथित रकम ₹10-12 हजार से बढ़कर ₹75 हजार से ₹2 लाख होने का दावा किया और ठाणे में एक क्विक-कॉमर्स कंपनी से ₹17-18 लाख लिए जाने का आरोप लगाया।

Tukaram Mundhe ने Sanjay Raut के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?

मुंढे ने कहा कि अगर किसी के पास भ्रष्टाचार या ब्लैकमेलिंग की ठोस जानकारी है तो वह शिकायत करे। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या Sanjay Raut ने FDA allegations के सबूत दिए हैं?

राउत ने अपनी चिट्ठी में कई कारोबारियों से मिली शिकायतों और कुछ मामलों का हवाला दिया है, लेकिन उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। मुंढे ने भी ठोस जानकारी और शिकायत देने को कहा है।

Maharashtra FDA hotels और restaurants पर क्या कार्रवाई कर सकता है?

फूड सेफ्टी कानून के तहत नियमों का उल्लंघन होने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस, लाइसेंस सस्पेंशन और कुछ परिस्थितियों में लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। सामान्य स्थिति में सुधार के लिए कम से कम 14 दिन का समय और लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले सुनवाई का अवसर दिया जाता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के तत्काल खतरे में तुरंत सस्पेंशन या कैंसिलेशन का प्रावधान भी है।

FDA licence suspension से पहले कौन-सी प्रक्रिया होती है?

आम तौर पर उल्लंघन मिलने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस दिया जाता है, जिसमें कम से कम 14 दिन का अनुपालन समय होता है। पालन नहीं होने पर लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है और सस्पेंशन से पहले उचित सुनवाई का मौका दिया जाता है। सस्पेंशन या कैंसिलेशन के खिलाफ कमिश्नर ऑफ फूड सेफ्टी के पास अपील का प्रावधान है।

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