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Putin Ukraine Peace Proposals : यूक्रेन के हमलों पर पुतिन की चेतावनी, शांति वार्ता के बीच रूस अब क्या करेगा?

व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने से जुड़े सभी शांति प्रस्ताव अभी टेबल पर हैं, लेकिन रूस अपने हितों के आधार पर फैसला करेगा। उन्होंने यूक्रेन पर रूसी चुनाव और मॉस्को पर हमलों का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

Putin Ukraine Peace Proposals : यूक्रेन के हमलों पर पुतिन की चेतावनी, शांति वार्ता के बीच रूस अब क्या करेगा?

Putin Ukraine Peace Proposals : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को कहा कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने से जुड़े सभी शांति प्रस्ताव अभी भी टेबल पर हैं, लेकिन रूस को यह तय करने से पहले देखना होगा कि उसके हित में क्या है। सेंट पीटर्सबर्ग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन ने यह भी कहा कि रूस पिछले हफ्ते हुए संसदीय चुनाव के बाद यूक्रेन के साथ बातचीत फिर शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन उनके मुताबिक यूक्रेन ने मॉस्को और चुनाव से जुड़े मतदान केंद्रों पर हमले किए। इसके बाद पुतिन ने रूस की जवाबी कार्रवाई और आगे के हमलों की चेतावनी दी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 25 सितंबर, 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग, रूस में 12वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल यूनाइटेड कल्चर्स फोरम में भाषण देते हुए।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 25 सितंबर, 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग, रूस में 12वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल यूनाइटेड कल्चर्स फोरम में भाषण देते हुए।

पुतिन बोले- शांति के सभी विकल्प अभी खुले हैं

पुतिन का बयान ऐसे समय आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत फिर शुरू करने की कोशिशें जारी हैं। पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने कहा कि समाधान के सभी प्रस्ताव अभी भी मौजूद हैं और उन पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी साफ किया कि रूस किसी प्रस्ताव को केवल इसलिए स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि वह बातचीत की मेज पर मौजूद है।पुतिन के मुताबिक मॉस्को को पहले यह देखना होगा कि किसी समझौते से रूस के हित किस तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की हालिया कार्रवाइयों के बाद रूस को अपनी प्रतिक्रिया के बारे में भी गंभीरता से सोचना होगा।
इस बयान का मतलब यह नहीं है कि रूस और यूक्रेन के बीच कोई नया शांति समझौता तय हो गया है। पुतिन ने बातचीत और समाधान के विकल्प खुले होने की बात कही है, लेकिन किसी प्रस्ताव को स्वीकार करने या नई वार्ता की तारीख तय होने की घोषणा नहीं की।

बातचीत शुरू होने से पहले हमलों को लेकर रूस-यूक्रेन में आरोप

पुतिन ने कहा कि रूस पिछले हफ्ते हुए संसदीय चुनाव के बाद यूक्रेन के साथ बातचीत फिर शुरू करने की तैयारी में था। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान यूक्रेन ने मॉस्को और मतदान केंद्रों को निशाना बनाया, जिससे रूस की स्थिति बदल गई।उन्होंने यूक्रेन पर सेंट पीटर्सबर्ग में जून में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान बड़े हमले करने का भी आरोप लगाया। पुतिन ने कहा कि मॉस्को और चुनाव के दिन हुए हमलों के बाद रूस को जवाब देना पड़ा।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन को अब रूस की जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि उकसावे और सैन्य दबाव के जरिए कोई लक्ष्य हासिल करने की कोशिश यूक्रेन के लिए स्थिति को और मुश्किल बनाएगी।
हालांकि, इन आरोपों को इसी रूप में देखना जरूरी है कि ये रूसी राष्ट्रपति का पक्ष है। यूक्रेन का कहना है कि रूस पहले से ही उसके शहरों, नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले करता रहा है और रूस पर यूक्रेन के हमले उसकी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हैं।

जेलेंस्की ने भी बातचीत की इच्छा जताई है

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के साथ सीधे बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उनका कहना है कि रूस के हमलों के जवाब में यूक्रेन को अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब देने का अधिकार है।हाल ही में जेलेंस्की ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों को लेकर पारस्परिक संघर्षविराम का प्रस्ताव भी दोहराया था। उनका कहना है कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है तो यूक्रेन भी रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने के लिए तैयार है।
यानी दोनों पक्ष बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं, लेकिन संघर्षविराम की शर्तों और पहले कदम को लेकर दोनों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

रूस के जवाबी हमलों के बीच कीव में 7 लोगों की मौत

पुतिन के बयान के दिन यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार के हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई।रूस पिछले लंबे समय से यूक्रेन के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करता रहा है। हाल के हफ्तों में कीव और दूसरे शहरों पर दिनभर चलने वाले हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।
दूसरी ओर, यूक्रेन भी रूस के भीतर सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाता रहा है। इनमें खास तौर पर रूस का तेल उद्योग शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ यूक्रेनी हमले यूक्रेन की सीमा से करीब 3,000 किलोमीटर दूर तक भी पहुंचे हैं।

चुनाव के दौरान हमलों का भी पुतिन ने दिया हवाला

रूस में 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच संसदीय चुनाव हुए थे। चुनाव के दौरान रूसी अधिकारियों ने यूक्रेन पर ड्रोन हमले करने और मतदान से जुड़ी जगहों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। रूसी अधिकारियों के मुताबिक कुछ चुनावी इमारतों को नुकसान पहुंचा और कुछ जगहों पर चुनाव अधिकारियों के मारे जाने की भी जानकारी दी गई।अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के संसदीय चुनाव के दौरान मॉस्को और दूसरे इलाकों में बड़े पैमाने पर यूक्रेनी ड्रोन हमले हुए थे। रूस ने इन हमलों को चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश बताया था, जबकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में उपलब्ध नहीं थी।
पुतिन ने अब इन्हीं घटनाओं को बातचीत दोबारा शुरू करने में आई रुकावट से जोड़ते हुए कहा है कि रूस को आगे की रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।

जेट ड्रोन की चुनौती का भी पुतिन ने किया जिक्र

पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन की बातचीत में लौटने की इच्छा के पीछे रूस के नए जेट-पावर्ड ड्रोन से निपटने में उसकी मुश्किलें भी एक कारण हैं। ऐसे ड्रोन अधिक ऊंचाई पर उड़ सकते हैं और उन्हें रोकना कुछ परिस्थितियों में ज्यादा कठिन माना जाता है।रूस और यूक्रेन दोनों पिछले कुछ समय में ड्रोन युद्ध पर ज्यादा निर्भर हुए हैं। लंबे समय तक चल रहे संघर्ष में ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी से लेकर लंबी दूरी के हमलों तक के लिए बढ़ा है।
पुतिन का यह दावा कि रूस के जवाबी हमलों के कारण यूक्रेन ने संघर्षविराम और बातचीत की मांग तेज की, रूस का आकलन है। यूक्रेन पहले भी रूस के साथ ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर पारस्परिक संघर्षविराम की इच्छा सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुका है।

ट्रंप-शी जिनपिंग की बैठक पर भी पुतिन ने बात की

पुतिन ने अमेरिका और चीन के संबंधों पर भी टिप्पणी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस सप्ताह वॉशिंगटन में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रूस दोनों देशों के बीच किसी भी सकारात्मक समझौते का स्वागत करेगा।पुतिन ने चीन में होने वाले आगामी एपीईसी शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी को लेकर भी कहा कि उनका वहां जाना रूस के अंदर के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
इस तरह पुतिन के शुक्रवार के बयान में एक तरफ यूक्रेन के साथ शांति वार्ता का रास्ता खुला रखने का संकेत है, तो दूसरी तरफ मॉस्को पर हुए हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी भी है। फिलहाल किसी नए शांति समझौते या बातचीत की निश्चित तारीख की घोषणा नहीं हुई है। रूस की तरफ से यह जरूर कहा गया है कि समाधान के प्रस्ताव अभी भी टेबल पर हैं, लेकिन आगे की दिशा रूस अपने हितों और मौजूदा सैन्य परिस्थितियों को देखते हुए तय करेगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Putin ने Ukraine peace proposals को लेकर क्या कहा?

पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के समाधान से जुड़े सभी प्रस्ताव अभी भी टेबल पर हैं और उन पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, रूस को यह देखना होगा कि किसी समझौते से उसके हित किस तरह प्रभावित होंगे।

Are all Ukraine peace proposals still on the table?

पुतिन के मुताबिक हां, सभी प्रस्ताव अभी भी टेबल पर हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि रूस अपनी प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई अपने हितों को ध्यान में रखकर तय करेगा। इसका मतलब किसी प्रस्ताव की स्वीकृति या शांति समझौते की घोषणा नहीं है।

Putin ने Ukraine को retaliation की warning क्यों दी?

पुतिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और रूसी चुनाव से जुड़े मतदान केंद्रों पर हमले किए। उन्होंने इन्हें उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए रूस की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ये आरोप रूस की ओर से किए गए दावे हैं।

Russia और Ukraine के बीच peace talks फिर शुरू होंगी क्या?

बातचीत की संभावना पूरी तरह बंद नहीं हुई है। पुतिन ने कहा कि रूस चुनाव के बाद बातचीत फिर शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन हालिया हमलों के बाद मॉस्को को अपनी स्थिति पर दोबारा विचार करना होगा। फिलहाल किसी नई बातचीत की निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।

What did Putin say about Russia’s interests in a peace settlement?

पुतिन ने कहा कि किसी भी समाधान पर आगे बढ़ने से पहले रूस को यह देखना होगा कि उसके हित में क्या है। इसलिए शांति प्रस्तावों का टेबल पर होना और रूस का उन्हें स्वीकार करना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।

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