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Hockey Legends का बड़ा विरोध, Hockey India में बदलाव और Fresh Elections की मांग!

Hockey Legends ने New Delhi में Hockey India की Governance को लेकर विरोध किया। पूर्व खिलाड़ियों ने मौजूदा Executive Committee में बदलाव Ad Hoc Committee और छह महीने के भीतर Fresh Elections की मांग की। साथ ही Sports Code के पालन और खिलाड़ियों की भागीदारी पर जोर दिया।

Hockey Legends का बड़ा विरोध, Hockey India में बदलाव और Fresh Elections की मांग!

Hockey Legends Protest Delhi में क्या हुआ ?

Asian Games 2026 के बीच भारतीय हॉकी से जुड़ा Hockey India Controversy एक बार फिर चर्चा में है। 25 सितंबर 2026 को पूर्व भारतीय कप्तानों और Hockey Legends ने New Delhi के Major Dhyan Chand National Stadium के बाहर प्रदर्शन किया।प्रमोद बटला अशोक दीवान रोमियो जेम्स और पूर्व भारतीय कप्तान असुंता लाकड़ा समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्हें Stadium के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली जिसके बाद उन्होंने बाहर ही अपनी मांगें रखीं। इस Hockey Legends Protest का मुख्य मुद्दा भारतीय टीम का प्रदर्शन नहीं बल्कि Hockey India की Governance और Federation के कामकाज में बदलाव था।

Hockey India Controversy आखिर क्या है ?

Hockey India में President Dilip Tirkey और Secretary General Bhola Nath Singh के बीच पिछले कुछ समय से मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।विवाद का एक अहम हिस्सा भारतीय Hockey Team की Jersey से जुड़ा रहा। Dilip Tirkey ने कहा था कि टीम की Jersey का रंग बदलने का फैसला उनकी जानकारी और Hockey India Executive Board की मंजूरी के बिना किया गया। इसके बाद Executive Board Meeting को लेकर भी दोनों पदाधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए। Bhola Nath Singh ने 18 सितंबर को Emergent Executive Board Meeting बुलाने की प्रक्रिया शुरू की थी जबकि Tirkey ने Hockey India के Bye Laws का हवाला देते हुए उस Meeting को बुलाने के अधिकार पर सवाल उठाया था। इसी Hockey India Governance Row के बीच अब पूर्व खिलाड़ियों का Protest Federation की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

Source : IndiaToday
Source : IndiaToday

Hockey Legends ने Hockey India में क्या बदलाव मांगे ?

पूर्व खिलाड़ियों ने Sports Ministry को एक Memorandum सौंपकर अपनी मांगें रखीं। उनकी प्रमुख मांग मौजूदा Executive Committee में बदलाव करके एक Ad Hoc Committee बनाने की है। प्रस्तावित Committee में Former Indian Players और Olympians के साथ एक Retired Judge या Legal Expert को शामिल करने की मांग की गई है। Sports Ministry और Sports Authority of India यानी SAI के प्रतिनिधियों को Observer के रूप में रखने की बात भी कही गई है।Hockey Legends चाहते हैं कि यह Ad Hoc Committee Federation का काम देखे और छह महीने के भीतर Fresh Elections कराए।

Hockey India Governance को लेकर क्या है मुख्य मांग ?

Hockey Legends ने National Sports Development Code 2025 के सख्ती से पालन की मांग की है।उनकी मांगों में Office Bearers के लिए Age और Tenure Limits का पालन शामिल है। इसके अलावा Executive Committee में कम से कम 25 प्रतिशत खिलाड़ियों के Representation की मांग भी रखी गई है। उन्होंने Elections को Independent Election Officer के जरिए कराने और Sports Code के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पूर्व खिलाड़ियों ने Cooling Off Rules को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनकी मांग है कि एक National Sports Federation में निर्धारित कार्यकाल पूरा करने वाला पदाधिकारी तय Cooling Off अवधि के दौरान किसी दूसरी National Sports Federation में पद न संभाले। उन्होंने Hockey India की Recognition और Funding को भी Sports Code के पूर्ण पालन से जोड़ने की मांग रखी है।

Dilip Tirkey Hockey India विवाद में क्यों हैं अहम ?

Hockey Legends की मांगों में मौजूदा व्यवस्था में बदलाव और Fresh Elections शामिल हैं। लेकिन इसी के साथ Protest करने वाले कई पूर्व खिलाड़ी Dilip Tirkey के समर्थन में भी नजर आए।India Today की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी Bhola Nath Singh को पद से हटाने और Dilip Tirkey को Hockey India President के रूप में वापस देखने की मांग कर रहे हैं। पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि Tirkey खुद Former Indian Captain और Olympian रहे हैं और उनका अनुभव भारतीय हॉकी के काम आ सकता है। यानी Hockey Legends की मांग केवल पदाधिकारियों में बदलाव तक सीमित नहीं है। वे Hockey India की Governance में Former Players की भूमिका बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया के जरिए आगे की व्यवस्था तय करने की बात कर रहे हैं।

Source : IndiaToday
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Bhola Nath Singh को लेकर Hockey Legends की क्या आपत्ति है ?

Protest के दौरान Bhola Nath Singh को लेकर भी पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई। एक Placard पर लिखा था , Hockey ka ABCD pata nahi ban gaya Secretary यह टिप्पणी प्रदर्शनकारियों की ओर से Bhola Nath Singh को लेकर की गई थी। इस विवाद में Asunta Lakra की शिकायत भी चर्चा में है। Lakra ने Bhola Nath Singh के खिलाफ कथित धमकी और प्रताड़ना से जुड़े आरोप लगाए थे। Sports Ministry ने जुलाई 2026 में इस मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। बाद में Indian Olympic Association से Independent Inquiry Panel बनाने को भी कहा गया था।इन आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।

Asian Games Hockey 2026 के बीच क्यों बढ़ी चर्चा ?

यह Hockey India Controversy ऐसे समय सामने आई है जब Indian Hockey Teams Asian Games 2026 में मुकाबले खेल रही हैं। 25 सितंबर को भारतीय महिला Hockey Team ने मेजबान Japan को 3-1 से हराया था। इस जीत के साथ टीम ने Tournament में अपना unbeaten run जारी रखा।हालांकि Hockey Legends का यह Protest Asian Games में खेल रहे खिलाड़ियों के प्रदर्शन के खिलाफ नहीं था। उनकी मांगें Hockey India की Administration Governance और Federation में Former Players की भूमिका से जुड़ी हैं।

Indian Hockey Federation और Hockey India में क्या अंतर है ?

Indian Hockey Federation पुराने समय में भारतीय हॉकी का प्रमुख governing body था। मौजूदा व्यवस्था में Hockey India भारतीय हॉकी की National Sports Federation के रूप में काम करता है।Hockey India की official website पर Dilip Tirkey को President और Bhola Nath Singh को Secretary General के रूप में listed किया गया है।

Hockey India Overhaul Demand का मतलब क्या है ?

Hockey Legends की मुख्य मांग Hockey India की मौजूदा Governance व्यवस्था में बदलाव की है।वे चाहते हैं कि Former Players और Olympians को Federation के कामकाज में ज्यादा भूमिका मिले। साथ ही National Sports Development Code 2025 का पालन हो और Elections एक स्पष्ट तथा स्वतंत्र प्रक्रिया के तहत कराए जाएं। पूर्व खिलाड़ियों ने मौजूदा Executive Committee में बदलाव के साथ Ad Hoc Committee बनाने और छह महीने के भीतर Fresh Elections कराने की मांग रखी है।

निष्कर्ष

Hockey Legends Protest ने भारतीय हॉकी में चल रहे Governance विवाद को सामने ला दिया है। पूर्व खिलाड़ियों की मांग है कि Hockey India की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव हो Former Players को अधिक भूमिका मिले और Fresh Elections कराए जाएं। अब इस मांग पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

New Delhi में Hockey Legends ने Protest क्यों किया ?

पूर्व खिलाड़ियों ने Hockey India की Governance व्यवस्था में बदलाव Former Players की अधिक भागीदारी और Sports Code के पालन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

Hockey Legends ने Hockey India में क्या बदलाव मांगे ?

उन्होंने मौजूदा Executive Committee में बदलाव करके Ad Hoc Committee बनाने और छह महीने के भीतर Fresh Elections कराने की मांग की है।

Hockey India के खिलाफ Former Players की क्या demands हैं ?

Former Players ने Sports Code के पालन Age और Tenure Limits Independent Elections तथा Executive Committee में कम से कम 25 प्रतिशत खिलाड़ियों के Representation की मांग की है।

Dilip Tirkey और Hockey India से जुड़ा विवाद क्या है ?

Dilip Tirkey और Secretary General Bhola Nath Singh के बीच Federation की कार्यप्रणाली और अधिकारों को लेकर मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। Jersey विवाद और Executive Board Meeting को लेकर भी दोनों के बीच मतभेद सामने आए।

Bhola Nath Singh को लेकर Hockey Legends की क्या आपत्ति है ?

कुछ Hockey Legends ने Bhola Nath Singh की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। Asunta Lakra की ओर से लगाए गए कथित धमकी और प्रताड़ना के आरोप भी इस व्यापक विवाद का हिस्सा हैं। इन आरोपों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

Hockey India में Governance Issue क्या है ?

मौजूदा विवाद में Federation के भीतर अधिकारों को लेकर मतभेद Sports Code का पालन Former Players की Representation और Election Process जैसे मुद्दे शामिल हैं।

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