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ट्रेन गुजरते ही AI करेगा वैगन की जांच! Indian Railways का DRISHTI System कैसे पकड़ेगा चोरी और छेड़छाड़?

Indian Railways ने मालगाड़ियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए Indian Railways AI System Project DRISHTI शुरू किया है। NFR और IIT Guwahati द्वारा विकसित यह तकनीक कैमरों और AI की मदद से चलते माल वैगनों के दरवाजे, लॉक और सील की जांच कर संभावित गड़बड़ियों की पहचान करेगी।

ट्रेन गुजरते ही AI करेगा वैगन की जांच! Indian Railways का DRISHTI System कैसे पकड़ेगा चोरी और छेड़छाड़?

Indian Railways AI System क्या है?

Indian Railways AI System के तहत विकसित DRISHTI System एक AI आधारित निगरानी तकनीक है, जिसे मालगाड़ियों के वैगनों की जांच को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए तैयार किया गया है।यह प्रोजेक्ट Northeast Frontier Railway (NFR) और IIT Guwahati के सहयोग से विकसित किया गया है। इसमें हाई-स्पीड कैमरे, AI तकनीक, इंटेलिजेंट लाइटिंग और सुरक्षित नेटवर्किंग का इस्तेमाल किया जाता है।इसका मुख्य उद्देश्य मालगाड़ियों के वैगन नंबर के साथ-साथ उनके दरवाजे, लॉक और सील की स्थिति की जांच करना है।

DRISHTI System कैसे करेगा काम?

जब कोई मालगाड़ी निर्धारित मॉनिटरिंग प्वाइंट से गुजरेगी, तो वहां लगे हाई-स्पीड कैमरे ट्रेन के वैगनों की तस्वीरें कैप्चर करेंगे।इसके बाद AI सिस्टम इन तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और प्रमुख चीजों की पहचान करेगा, जैसे-

  • वैगन का नंबर
  • दरवाजा ठीक से बंद है या नहीं
  • लॉक सुरक्षित है या नहीं
  • सील सही स्थिति में है या नहीं
  • किसी तरह की संभावित अनियमितता तो नहीं है

जांच से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड भी की जा सकती है। इससे रेलवे कर्मचारियों को किसी संदिग्ध स्थिति की पहचान और उस पर कार्रवाई करने में कम समय लग सकता है।

मालगाड़ियों की सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है यह तकनीक?

देश में मालगाड़ियां जरूरी वस्तुओं और औद्योगिक सामान की सप्लाई में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान वैगन के दरवाजे, लॉक और सील सुरक्षित रहना महत्वपूर्ण है।अब तक इन चीजों की जांच काफी हद तक मैनुअल इंस्पेक्शन पर निर्भर रही है। रात के समय, खराब मौसम या लंबे मालगाड़ी रेक के दौरान हर वैगन की जांच करना कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला काम हो सकता है।DRISHTI AI System इसी प्रक्रिया को तकनीक के जरिए तेज करने की कोशिश करता है। इससे रेलवे को संभावित गड़बड़ियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है और मैनुअल जांच पर पूरी निर्भरता कम हो सकती है।

RPF और रेलवे कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

यह AI Freight Wagon Monitoring सिस्टम रेलवे के फ्रंटलाइन कर्मचारियों, खासकर RPF और कमर्शियल स्टाफ, के काम में सहायता कर सकता है।अगर किसी वैगन के लॉक, दरवाजे या सील में संभावित समस्या दिखाई देती है, तो सिस्टम से मिली जानकारी के आधार पर कर्मचारी उस वैगन की जांच कर सकते हैं।इससे संभावित अनियमितताओं की पहचान जल्दी होने के साथ-साथ मालगाड़ियों में होने वाली देरी को कम करने में भी मदद मिल सकती है।हालांकि, यह सिस्टम रेलवे कर्मचारियों की जगह लेने के बजाय उनकी जांच प्रक्रिया को तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार किया गया है।

निष्कर्ष

Indian Railways AI System के रूप में Project DRISHTI मालगाड़ी सुरक्षा में AI और कैमरा तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक नया कदम है। वैगन के दरवाजे, लॉक और सील की जांच को तेज और डिजिटल बनाने से रेलवे को संभावित अनियमितताओं पर जल्दी ध्यान देने में मदद मिल सकती है। खास बात यह है कि DRISHTI System मैनुअल जांच को खत्म करने के बजाय उसे तकनीकी सहायता देने पर केंद्रित है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Indian Railways का DRISHTI System क्या है?

DRISHTI एक AI आधारित सिस्टम है, जो कैमरों की मदद से मालगाड़ियों के वैगनों के दरवाजे, लॉक और सील की निगरानी करता है।

DRISHTI System किसने विकसित किया है?

इसे Northeast Frontier Railway और IIT Guwahati के सहयोग से विकसित किया गया है।

DRISHTI AI System किन चीजों की जांच करता है?

सिस्टम वैगन नंबर के साथ दरवाजे, लॉक और सील की स्थिति की जांच करता है।

इस तकनीक से रेलवे को क्या फायदा होगा?

इससे संभावित अनियमितताओं की पहचान तेजी से हो सकती है और मैनुअल निरीक्षण पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या DRISHTI रेलवे कर्मचारियों की जगह लेगा?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य RPF और कमर्शियल स्टाफ जैसे कर्मचारियों को तकनीकी सहायता देना है।

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