Elon Musk National Medal of Science: ट्रंप ने मस्क समेत 6 टेक दिग्गजों को किया सम्मानित, आखिर क्यों मिला अमेरिका का सर्वोच्च सम्मान?
डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर को एलन मस्क, सर्गेई ब्रिन, जेनसन हुआंग, लिसा सु, माइकल डेल और सत्या नडेला को अमेरिकी विज्ञान और तकनीक सम्मान दिए। मस्क समेत चार को नेशनल मेडल ऑफ साइंस, जबकि डेल और नडेला को टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मेडल मिला।
Elon Musk National Medal of Science: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज’ समिट में एलन मस्क समेत छह दिग्गज टेक्नोलॉजी लीडर्स को अमेरिका के सर्वोच्च विज्ञान और टेक्नोलॉजी सम्मानों से नवाजा। स्पेसएक्स के सीईओ मस्क, गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और एएमडी की सीईओ लिसा सु को नेशनल मेडल ऑफ साइंस दिया गया। वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया गया। ट्रंप ने इन लोगों को अमेरिका के तकनीकी भविष्य को आगे बढ़ाने वाला बताया।

मस्क को ‘मॉडर्न-डे थॉमस एडिसन’ बताया
समारोह के दौरान ट्रंप ने एलन मस्क की तारीफ करते हुए उन्हें ‘मॉडर्न-डे थॉमस एडिसन’ और ‘इंडस्ट्रियल टाइटन’ कहा। उन्होंने कहा कि मस्क ने अलग-अलग क्षेत्रों में अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। मस्क को यह सम्मान स्पेस एक्सप्लोरेशन, इंटेलिजेंट सिस्टम, कम्युनिकेशन और बड़े स्तर पर इंजीनियरिंग से जुड़े उनके काम के लिए दिया गया।व्हाइट हाउस के मुताबिक, मस्क के नेतृत्व में स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष तकनीक और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम किया है, जबकि टेस्ला के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों और उनसे जुड़ी तकनीक को आगे बढ़ाया गया है। सम्मान के लिए जारी आधिकारिक विवरण में मस्क के काम को अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को आगे बढ़ाने से जोड़ा गया।

सत्या नडेला समेत इन 6 लोगों को मिला सम्मान
इस समारोह में चार लोगों को नेशनल मेडल ऑफ साइंस और दो लोगों को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया।गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन को सूचना खोजने और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े बुनियादी एल्गोरिदम विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया। एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी जीपीयू को सामान्य कंप्यूटिंग और वैज्ञानिक कामों में उपयोगी बनाने में योगदान के लिए मेडल मिला। एएमडी की सीईओ लिसा सु को सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग, प्रोसेसर डिजाइन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में उनके काम के लिए सम्मानित किया गया।
डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल को पर्सनल और एंटरप्राइज कंप्यूटिंग को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने तथा टेक्नोलॉजी कंपनी के निर्माण में योगदान के लिए नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को कंपनी को क्लाउड कंप्यूटिंग के दौर में आगे बढ़ाने और बड़े कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
नेशनल मेडल ऑफ साइंस और टेक्नोलॉजी मेडल में अंतर
अमेरिका का नेशनल मेडल ऑफ साइंस विज्ञान और इंजीनियरिंग में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को दिया जाता है। इसकी शुरुआत 1963 में हुई थी। इसके लिए नामांकन नेशनल साइंस फाउंडेशन के माध्यम से मांगे जाते हैं और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त समिति प्राप्त नामों पर विचार करती है।दूसरी ओर, नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन तकनीकी विकास और नवाचार में असाधारण योगदान को मान्यता देता है। यह सम्मान 1985 में शुरू हुआ था। दोनों पुरस्कारों का उद्देश्य अमेरिका में विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने वाले योगदानों को पहचान देना है। इस बार मस्क, ब्रिन, हुआंग और सु को विज्ञान का मेडल मिला, जबकि माइकल डेल और सत्या नडेला को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का सम्मान दिया गया।
टेक कंपनियों से करीबी और इमिग्रेशन नीति पर सवाल
यह समारोह ऐसे समय हुआ, जब ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट और कुछ अन्य बड़ी टेक कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों से जुड़े एक कार्यक्रम से निलंबित करने की घोषणा की। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया में कथित धोखाधड़ी की और अमेरिकी कामगारों के रोजगार के अवसर प्रभावित किए। यह कार्रवाई एच-1बी वीजा और स्थायी निवास से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच के बीच हुई।एलन मस्क और ट्रंप के संबंध भी पिछले कुछ समय में चर्चा में रहे हैं। मस्क ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का समर्थन किया था और उनके चुनाव अभियान के सबसे बड़े वित्तीय समर्थकों में शामिल थे। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती महीनों में मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग यानी डीओजीई के काम में भी भूमिका निभाई। बाद में सरकारी खर्च और टैक्स नीति को लेकर दोनों के बीच सार्वजनिक मतभेद सामने आए, हालांकि बाद में उनके संबंध फिर सुधरे।
माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान डेल ने ट्रंप प्रशासन की ‘ट्रंप अकाउंट्स’ योजना के लिए 6.25 अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई थी। इस योजना का उद्देश्य ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में जन्म लेने वाले अमेरिकी बच्चों के लिए सरकारी समर्थन वाले निवेश खाते उपलब्ध कराना है। वहीं, व्हाइट हाउस ने अगस्त में चीन को एनवीडिया और एएमडी के कुछ एआई चिप्स की बिक्री से जुड़ी व्यवस्था पर भी समझौता किया था, जिसके तहत अमेरिकी सरकार को ऐसी बिक्री से 15% हिस्सा मिलना था। इन घटनाओं के कारण टेक कंपनियों और ट्रंप प्रशासन के बीच कारोबारी तथा राजनीतिक संबंध भी चर्चा में रहे हैं।
ट्रंप ने समारोह में कहा कि सम्मान पाने वाले लोगों ने अमेरिका के लिए एक असाधारण भविष्य बनाने में मदद की है। हालांकि, पुरस्कार ऐसे समय दिए गए हैं जब अमेरिकी प्रशासन एक ओर विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में देश का नेतृत्व मजबूत करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विदेशी कामगारों की नियुक्ति पर सख्ती बढ़ा रहा है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Elon Musk को National Medal of Science क्यों दिया गया?
व्हाइट हाउस के मुताबिक, मस्क को अंतरिक्ष अन्वेषण, कम्युनिकेशन, इंटेलिजेंट सिस्टम और बड़े स्तर पर इंजीनियरिंग में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
National Medal of Science क्या है और इसे कौन प्रदान करता है?
यह अमेरिका का प्रमुख विज्ञान सम्मान है, जो विज्ञान और इंजीनियरिंग में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति प्रदान करते हैं और चयन प्रक्रिया में नेशनल साइंस फाउंडेशन तथा राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त समिति की भूमिका होती है।
Donald Trump ने Elon Musk को यह Medal कब दिया?
ट्रंप ने 8 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज’ समिट के दौरान मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस दिया।
Elon Musk के Science और Technology में प्रमुख योगदान क्या हैं?
मस्क के प्रमुख कामों में स्पेसएक्स के जरिए अंतरिक्ष तकनीक और रॉकेट विकास, सैटेलाइट कम्युनिकेशन तथा टेस्ला के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक को आगे बढ़ाना शामिल है।
National Medal of Science और National Medal of Technology में क्या अंतर है?
नेशनल मेडल ऑफ साइंस विज्ञान और इंजीनियरिंग में योगदान को मान्यता देता है, जबकि नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन तकनीकी विकास, नवाचार और उनके व्यावहारिक उपयोग में योगदान के लिए दिया जाता है।