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Para-Asian Games 2026- शूटिंग टीम के चयन पर बवाल, खिलाड़ियों के 20% कमीशन के आरोप, अब खेल मंत्री करेंगे मुलाकात!

Para-Asian Games 2026 की भारतीय पैरा-शूटिंग टीम के चयन पर विवाद गहरा गया है। खिलाड़ियों ने 20 प्रतिशत कमीशन और चयन में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। PCI ने आरोपों को खारिज किया है। अब खेल मंत्री की प्रस्तावित बैठक पर नजर है।

Para-Asian Games 2026- शूटिंग टीम के चयन पर बवाल, खिलाड़ियों के 20% कमीशन के आरोप, अब खेल मंत्री करेंगे मुलाकात!

Para-Asian Games 2026 से पहले भारतीय पैरा-शूटिंग टीम के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने कथित पक्षपात, वित्तीय अनियमितताओं और चयन मानदंडों के पालन पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि बेहतर रैंकिंग और प्रदर्शन के बावजूद उन्हें भारतीय दल में जगह नहीं मिली।

8 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारतीय दल के विदाई समारोह के दौरान संदीप कुमार और आकाश समेत कई पैरा-शूटर्स ने विरोध जताया। इससे पहले खिलाड़ी भारतीय खेल प्राधिकरण यानी Sports Authority of India (SAI) के मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर चुके थे।

यह विरोध ऐसे समय हुआ जब भारत की टीम जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक होने वाले Asian Para Games की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक इस बार प्रतियोगिता के लिए भारत का कोटा 130 से घटकर 60 रह गया। इससे कई खिलाड़ियों के चयन से बाहर होने की स्थिति बनी, हालांकि खिलाड़ियों की मुख्य शिकायत सिर्फ सीमित कोटे को लेकर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और खिलाड़ियों की योग्यता को समान रूप से महत्व नहीं दिया गया।

20% कमीशन के आरोप में क्या कहा गया ?

Para Shooting Team Selection Controversy में सबसे गंभीर आरोप सरकारी नकद पुरस्कार राशि से जुड़े हैं। प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने SAI के महानिदेशक को सौंपे गए प्रतिवेदन में आरोप लगाया कि उनसे सरकारी नकद पुरस्कार राशि का 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक कथित तौर पर इस राशि को राष्ट्रीय टीम में चयन की शर्त से जोड़ा गया था।

खिलाड़ियों ने चयन समिति की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय कोटा स्थानों के आवंटन और क्वालिफाइंग स्कोर के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चयन प्रक्रिया में कुछ फैसले निर्धारित मानदंडों के अनुरूप नहीं थे और चयन पैनल में बदलाव के पीछे भी स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किए गए।
प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। हालांकि 20 प्रतिशत कमीशन मांगने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे खिलाड़ियों की शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि साबित हो चुके भ्रष्टाचार के रूप में।

source : ECONOMICTIMES
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Akash और Sandeep Kumar ने चयन पर क्या सवाल उठाए ?

प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों में संदीप कुमार और आकाश प्रमुख हैं। दोनों ने अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन का हवाला देते हुए टीम में चयन नहीं होने पर सवाल उठाए हैं।

Source : Shutterstock
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आकाश ने क्या आरोप लगाया ?

रिपोर्ट के अनुसार आकाश ने कहा कि वह Mixed 50m Pistol SH1 स्पर्धा में भारत में पहले और एशिया में तीसरे स्थान पर हैं। इसके बावजूद उनका नाम भारतीय दल में शामिल नहीं किया गया।आकाश ने आरोप लगाया कि शूटिंग कोच जय प्रकाश नौटियाल को अपना कोच नहीं बताने के कारण उनके चयन पर असर पड़ा। यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संदीप कुमार की रैंकिंग को लेकर क्या जानकारी है ?

संदीप कुमार P4 50m Free Pistol SH1 स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं। The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार वह इस स्पर्धा में एशिया में सातवें और भारत में दूसरे स्थान पर थे। दूसरी ओर India Today की रिपोर्ट में उन्हें एशिया में तीसरे स्थान पर बताया गया है।

दोनों रिपोर्टों में रैंकिंग को लेकर अंतर है। इसलिए आधिकारिक रैंकिंग रिकॉर्ड की पुष्टि के बिना किसी एक स्थान को अंतिम तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। संदीप ने आरोप लगाया कि उनसे पुरस्कार राशि में कमीशन मांगा गया और चयन में पक्षपात हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी शिकायतों के समर्थन में दस्तावेज देने के बावजूद उन्हें अधिकारियों से ठोस आश्वासन नहीं मिला।

रुद्रांक्ष खंडेलवाल के चयन पर भी सवाल

प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने रुद्रांक्ष खंडेलवाल के चयन पर भी आपत्ति जताई। India Today की रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ियों का दावा है कि रुद्रांक्ष की एशियाई रैंकिंग 14वीं थी और उन्हें आकाश तथा संदीप से पहले चुना गया,

हालांकि केवल रैंकिंग की तुलना से चयन में अनियमितता साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित स्पर्धा के पात्रता नियमों, ट्रायल के परिणामों और आधिकारिक चयन मानदंडों की समीक्षा जरूरी है।

PCI और कोच ने आरोपों पर क्या जवाब दिया ?

प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों के आरोपों पर Paralympic Committee of India (PCI) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया और कोच जय प्रकाश नौटियाल ने अपना पक्ष रखा है। PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया का पक्ष: उन्होंने कहा कि टीम का चयन निर्धारित मानदंडों और खिलाड़ियों की योग्यता के आधार पर किया गया है। उन्होंने खिलाड़ियों की शिकायतें सुनने और मामले पर बातचीत करने की बात भी कही।

कोच जय प्रकाश नौटियाल का पक्ष: उन्होंने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चयन PCI की पहले से तय नीति के अनुसार हुआ और इसके लिए दो चयन ट्रायल आयोजित किए गए थे। उनके अनुसार ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली।

मुख्य कोच सत्यनारायण का पक्ष: विदाई समारोह के दौरान उन्होंने भी चयन प्रक्रिया का बचाव किया। उनका कहना था कि भारत का कोटा 130 से घटकर 60 रह जाने के कारण चयन कठिन हुआ, लेकिन टीम में शामिल खिलाड़ियों को पात्रता और प्रतिभा के आधार पर चुना गया।
इस तरह खिलाड़ियों और खेल प्रशासन का पक्ष अलग है। खिलाड़ियों ने चयन में कथित अनियमितताओं की जांच मांगी है, जबकि संबंधित अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और योग्यता पर आधारित बताया है।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया की बैठक का क्या अपडेट है ?

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया 8 अक्टूबर को भारतीय दल के विदाई समारोह में मौजूद थे। उसी दौरान प्रदर्शनकारी खिलाड़ी उनसे मिलकर अपनी शिकायतें रखना चाहते थे। रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने शुक्रवार यानी 9 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी पैरा-शूटर्स से मिलने की बात कही थी। समारोह के बाद उन्होंने PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया, TOPS के CEO एनएस जोहल और अन्य अधिकारियों के साथ भी मामले पर चर्चा की थी।

खेल मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक आरोप गंभीर हैं और उन्हें बिना पूरी जानकारी लिए खारिज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि प्रतियोगिता के लिए अंतिम प्रविष्टियां जमा किए जाने के कारण भारतीय दल में बदलाव की संभावना सीमित बताई गई थी।
9 अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक का अंतिम परिणाम और किसी औपचारिक जांच के आदेश की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए बैठक के बाद क्या निर्णय हुआ, इसकी जानकारी आधिकारिक अपडेट मिलने पर ही जोड़ी जानी चाहिए।

पैरा-साइक्लिंग के चयन पर भी उठे सवाल

Para-Asian Games 2026 से पहले पैरा-साइक्लिंग के चयन को लेकर भी असंतोष सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार PCI और Cycling Federation of India ने छह पैरा-साइकिलिस्ट के नामों की सिफारिश की थी, लेकिन खेल मंत्रालय ने अंततः केवल एक साइकिलिस्ट अरशद शेख को मंजूरी दी।

मंत्रालय के फैसले के बाद चयन से बाहर रहे साइकिलिस्टों ने भी विरोध जताया। PCI अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने छह खिलाड़ियों की सिफारिश किए जाने और मंत्रालय की ओर से केवल एक को मंजूरी मिलने की बात स्वीकार की।

यह मामला भी चयन मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व के अवसरों पर सवाल खड़े करता है। हालांकि पैरा-साइक्लिंग और पैरा-शूटिंग के चयन नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए दोनों विवादों का मूल्यांकन उनके संबंधित मानदंडों के आधार पर किया जाना चाहिए।

Para Shooting Team Selection Controversy में आगे क्या होगा?

इस विवाद में अब तीन अहम सवाल हैं। पहला यह कि 20 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोपों की स्वतंत्र जांच होगी या नहीं। दूसरा यह कि चयन समिति ने खिलाड़ियों की रैंकिंग, ट्रायल के प्रदर्शन, पात्रता और कोटा नियमों को किस तरह लागू किया।

तीसरा यह कि खेल मंत्रालय और PCI खिलाड़ियों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
प्रतियोगिता नजदीक होने के कारण चयन प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान महत्वपूर्ण है, हालांकि टीम में बदलाव होगा या नहीं, इस बारे में संबंधित अधिकारियों के फैसले और प्रतियोगिता के नियमों की पुष्टि के बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष

Para-Asian Games 2026 की भारतीय पैरा-शूटिंग टीम के चयन पर विवाद ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खिलाड़ियों ने 20 प्रतिशत कमीशन और कथित पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जबकि PCI और कोच ने चयन प्रक्रिया का बचाव किया है। अब शिकायतों की निष्पक्ष जांच और खेल मंत्रालय की आधिकारिक कार्रवाई से ही विवाद के प्रमुख सवालों पर स्पष्टता आ सकेगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

. Para-Asian Games 2026 की शूटिंग टीम के चयन को लेकर विवाद क्यों हुआ ?

प्रदर्शनकारी पैरा-शूटर्स ने चयन प्रक्रिया में कथित पक्षपात, क्वालिफाइंग स्कोर और अंतरराष्ट्रीय कोटा स्थानों के आवंटन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की है।

खिलाड़ियों ने 20% कमीशन को लेकर क्या आरोप लगाए हैं ?

खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उनसे सरकारी नकद पुरस्कार राशि का 20 प्रतिशत कमीशन मांगा गया और कथित तौर पर इसे टीम में चयन से जोड़ा गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Para Shooting Team Selection Controversy पर खेल मंत्री क्या कदम उठा रहे हैं ?

8 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 9 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों से मिलने की बात कही थी। बैठक के अंतिम परिणाम और किसी औपचारिक जांच के आदेश की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती।

Para-Asian Games 2026 के लिए भारतीय शूटिंग टीम का चयन कैसे किया जाता है ?

चयन में संबंधित पात्रता मानदंड, चयन ट्रायल में प्रदर्शन और प्रतियोगिता के नियम महत्वपूर्ण होते हैं। PCI का कहना है कि टीम का चयन निर्धारित नीति और मेरिट के आधार पर किया गया, जबकि प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

इस विवाद का भारतीय पैरा खिलाड़ियों की तैयारी पर क्या असर पड़ सकता है?

विवाद खिलाड़ियों के भरोसे और प्रतियोगिता की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि उनके प्रदर्शन पर इसका वास्तविक असर क्या होगा, इस बारे में अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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