Delhi PG Safety Portal: दिल्ली में PG में रहने वाले छात्रों के लिए बड़ा कदम, 3 दिन में 100 इमारतों की जांच; 1,133 हादसों का आंकड़ा डराने वाला
दिल्ली सरकार छात्र पीजी आवासों का रिकॉर्ड जुटाने के लिए वेब पोर्टल शुरू करेगी और तीन दिनों में 100 संपत्तियों की जांच होगी। सत्य निकेतन और सीमापुरी हादसों के बाद सुरक्षित निर्माण और पीजी संचालन के नियमों पर जोर बढ़ा है।
दिल्ली में PG और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। Delhi PG Safety Portal के जरिए राजधानी में छात्र आवासों की जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि अगले तीन दिनों में 100 चिन्हित जगहों का निरीक्षण किया जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने उच्चस्तरीय समिति की दूसरी बैठक के बाद यह जानकारी दी। यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब दिल्ली में इमारतें गिरने की घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
Delhi PG Safety Portal: छात्रों के आवासों पर सरकार की नजर, क्या बदलेगा?

दिल्ली सरकार प्रस्तावित वेब पोर्टल के जरिए राजधानी में चल रहे छात्र पीजी आवासों का रिकॉर्ड तैयार करेगी। शुरुआत में पोर्टल को सरल रखा जाएगा, ताकि संचालकों से कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और दूसरी जरूरी जानकारियां जुटाई जा सकें।इसके साथ ही नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की संयुक्त टीमें अगले तीन दिनों में 100 चिन्हित संपत्तियों का निरीक्षण करेंगी। इसका उद्देश्य आवासों में सुरक्षा मानकों और कानूनी नियमों के पालन की स्थिति का आकलन करना है।इस पूरी पहल का मकसद केवल पीजी की सूची तैयार करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था विकसित करना है। पोर्टल पर कौन-सी जानकारी अनिवार्य होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी, इसका विस्तृत ढांचा आगे तय किया जाना है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद क्यों तेज हुई कार्रवाई?
6 सितंबर को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल होने वाली पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद छात्र आवासों की सुरक्षा, अनधिकृत निर्माण और मौजूदा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे।इसी के बाद छात्र आवासों और हॉस्टल की सुरक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई गई। शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में हुई दूसरी बैठक में तत्काल सुरक्षा उपायों, मौजूदा नियमों में सुधार और पीजी संचालन से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।समिति में DDA, नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालयों सहित प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उपसमिति मास्टर प्लान और दिल्ली नगर निगम अधिनियम में जरूरी बदलावों तथा संभावित छूट की समीक्षा भी करेगी।
दिल्ली में 1,133 Building Collapse Incidents, 98 लोगों की मौत
उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में इमारतें गिरने की 1,133 घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 98 लोगों की जान गई। यह आंकड़ा राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत को रेखांकित करता है।समिति की उपसमिति यह भी अध्ययन करेगी कि प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के पांच से छह किलोमीटर के दायरे में पीजी आवासों का संचालन किस तरह व्यवस्थित किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) वाले इलाकों में सुरक्षित पीजी को कानूनी रूप से संचालित करने की संभावनाओं पर भी विचार होगा।छात्रों के लिए सस्ते और शिक्षण संस्थानों के नजदीक आवास की उपलब्धता भी अहम मुद्दा है। ऐसे में नियम बनाते समय सुरक्षा के साथ-साथ वैध आवासों की उपलब्धता पर भी ध्यान देना होगा।
सीमापुरी हादसे ने फिर बढ़ाई चिंता, 5 लोगों की मौत
दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में 7 अक्टूबर को ईदगाह मछली बाजार के पास एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी। बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। आठ घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया था कि एक दिन पहले आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके बाद मालिक इमारत खाली कराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, मालिक के बारे में किए गए इस दावे की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है और हादसे के कारणों की जांच जरूरी है।इमारत गिरने से आसपास की दो इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। पास स्थित ईदगाह की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हुई और बिजली का खंभा टूटने तथा तारों को नुकसान पहुंचने के कारण इलाके की बिजली आपूर्ति काटनी पड़ी। संकरी गलियों और घनी आबादी के चलते बचाव कार्य में भी मुश्किलें आईं।
निष्कर्ष
Delhi PG Safety Portal और 100 संपत्तियों के निरीक्षण की योजना राजधानी में छात्र आवासों की सुरक्षा बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम है। सत्य निकेतन और सीमापुरी जैसे हादसों के बाद जरूरी है कि निरीक्षण, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि छात्रों और दूसरे निवासियों की जान जोखिम में न पड़े।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Delhi PG Safety Portal क्या है?
यह दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ऑनलाइन व्यवस्था है, जिसके जरिए छात्र पीजी आवासों की जानकारी, कमरों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड जुटाया जाएगा।
दिल्ली में कितनी पीजी संपत्तियों की जांच होगी?
सरकार की घोषणा के अनुसार, अगले तीन दिनों में 100 चिन्हित संपत्तियों का निरीक्षण किया जाएगा।
दिल्ली में पीजी सुरक्षा के लिए समिति क्यों बनाई गई?
6 सितंबर को सत्य निकेतन में पीजी के रूप में इस्तेमाल होने वाली इमारत गिरने और सात लोगों की मौत के बाद छात्र आवासों के लिए बेहतर सुरक्षा नियम तैयार करने के उद्देश्य से समिति बनाई गई।
दिल्ली में 2022 से 2025 के बीच कितने Building Collapse Incidents हुए?
उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 1,133 घटनाएं दर्ज हुईं और 98 लोगों की मौत हुई।
क्या पीजी संचालकों के नियम बदलेंगे?
समिति मास्टर प्लान और दिल्ली नगर निगम अधिनियम में संभावित बदलावों, छूट और सुरक्षित पीजी संचालन के लिए जरूरी प्रावधानों का अध्ययन करेगी। अंतिम नियमों की जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।