LPU Protests : LPU में 10 दिन क्लास बंद, मिड-टर्म एग्जाम टले; हिंसक प्रदर्शन के बाद क्यों लिया फैसला?
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिंसक छात्र प्रदर्शन के बाद 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लासेस सस्पेंड कर दी गई हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी गई हैं। रेप के आरोपों पर यूनिवर्सिटी ने इनकार किया, जबकि पुलिस ने FIR दर्ज कर SIT बनाई है।
LPU Protests : पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्र प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लासेस सस्पेंड कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। यह फैसला कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित रेप के आरोपों को लेकर हुए प्रदर्शन, NH-44 के लंबे जाम, पुलिस से झड़प, वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद लिया गया। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने रेप की घटना से इनकार करते हुए आरोपों को अफवाह और “झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत” बताया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर SIT बनाई है, जो फोरेंसिक सबूत, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

10 दिन तक क्लास नहीं, मिड-टर्म एग्जाम भी टले
LPU ने छात्रों को जारी नोटिस में कहा है कि उनकी सुरक्षा और भलाई को देखते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों तक रेगुलर क्लासेस नहीं होंगी। मिड-टर्म एग्जाम भी अगले आदेश तक पोस्टपोन कर दिए गए हैं। नई परीक्षा तारीखों की जानकारी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम यानी UMS के जरिए दी जाएगी।इन 10 दिनों में छात्र अपने माता-पिता या अभिभावकों से सलाह लेकर घर जा सकते हैं। जो छात्र कैंपस में रहेंगे, उन्हें हॉस्टल या अपने रहने की जगह के अंदर रहने, बेवजह बाहर न निकलने और किसी भी तरह की अशांति से जुड़ी गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी गई है। यूनिवर्सिटी ने छात्रों से शांत रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करने को कहा है।
Girls Hostel-3 से शुरू हुआ विवाद, NH-44 तक पहुंचा प्रदर्शन
विवाद रविवार तड़के करीब 1 बजे Girls Hostel-3 के पास शुरू हुआ। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले एक प्लंबर ने रेप किया था। छात्रों का यह भी दावा था कि हॉस्टल वार्डन को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने यह भी बताया कि कथित पीड़िता बाद में घर चली गई क्योंकि उन्हें लगा कि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की अभी जांच चल रही है।सुबह करीब 8 बजे छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बाहर NH-44 को ब्लॉक कर दिया। यह सड़क दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे का अहम हिस्सा है, इसलिए लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक को फगवाड़ा-जंडियाला रोड और दूसरे वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 15 से 17 घंटे तक चले गतिरोध के बाद हाईवे पर आवाजाही बहाल की गई।
शाम को पुलिस ने हाईवे खाली कराने की कोशिश की तो स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ओर से पानी की बोतलें फेंकी गईं, जिसके बाद हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कैंपस की ओर चले गए और पुलिस वाहनों पर पथराव हुआ। पुलिस के अनुसार, दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई, जबकि चार से पांच अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। बाद में ADGP एमएफ फारूकी के नेतृत्व में पुलिस टीम कैंपस में दाखिल हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया और NH-44 पर यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेप के आरोप पर LPU का अलग दावा, पुलिस ने फिर भी दर्ज की FIR
LPU ने रेप की घटना होने से साफ इनकार किया है। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने आरोपों को “false, baseless and fabricated” बताते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व यूनिवर्सिटी के अकादमिक माहौल को बिगाड़ने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। LPU ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल के रूम नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं का एक वीडियो भी जारी किया। इसमें छात्राओं ने कहा कि उनके कमरे में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई और वे करीब दो महीने से वहां रह रही हैं। हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्टों में इन छात्राओं ने वीडियो बनाने और अपनी सहमति को लेकर सवाल उठाए। इसलिए इस वीडियो को भी मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया है और विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई है। जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, जांच में फोरेंसिक सबूत, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड देखे जाएंगे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
छात्रों ने हॉस्टल स्टाफ में केवल महिला कर्मचारियों की मांग भी रखी है। पुलिस के मुताबिक, यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इस मांग पर विचार करेगा।
कैंपस में तोड़फोड़, ATM और दुकानों को नुकसान
प्रदर्शन के दौरान कैंपस में कई जगह तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ छात्रों को खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते हुए देखा गया। कुछ जगहों पर सामान जलाने के दृश्य भी सामने आए। यूनिवर्सिटी मॉल की कुछ दुकानों, एक ATM कियोस्क और वाहनों को नुकसान पहुंचने की भी रिपोर्ट है।कैंपस में मौजूद एक डीकमीशन किए गए MiG-23UM विमान और सैन्य टैंक के ऊपर भी कुछ छात्रों के चढ़ने के वीडियो सामने आए। इन घटनाओं के बीच पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में कैंपस में 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन तत्काल समाधान नहीं निकला। छात्रों ने LPU के फाउंडर-चांसलर और बीजेपी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के सामने आकर उनकी मांगों पर आश्वासन देने की मांग की। छात्रों ने प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर कार्रवाई से सुरक्षा और UMS एक्सेस बंद न किए जाने की मांग भी रखी।
इस बीच LPU के वाइस चांसलर जसपाल सिंह संधू ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वास्तविक शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।
15 दिन पहले छात्रा की मौत का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान एक तेलंगाना की छात्रा की करीब 15 दिन पहले हुई मौत का मुद्दा भी सामने आया। जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने बताया कि छात्राओं ने इस मामले में भी किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका जताई है। पुलिस ने कहा कि अगर जांच में फाउल प्ले यानी किसी आपराधिक भूमिका के सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मौत को लेकर भी किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।LPU में हुए प्रदर्शन से एक दिन पहले पंजाब की चितकारा यूनिवर्सिटी में भी अपुष्ट दावों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। वहां भी सोशल मीडिया पर छात्राओं की मौत से जुड़े दावे सामने आए थे, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। दोनों घटनाओं को लेकर प्रशासन ने अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की है।
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
LPU हिंसा को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की गंभीर चिंताओं पर उन्हें पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक NH-44 बंद रहने और प्रदर्शन स्थल पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि के नहीं पहुंचने पर भी सवाल उठाया। यह कांग्रेस नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।फिलहाल LPU में छात्रों की सुरक्षा और स्थिति को सामान्य बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। 28 सितंबर से 10 दिन की क्लास सस्पेंशन शुरू हो चुकी है, जबकि मिड-टर्म परीक्षाओं की नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। रेप के आरोप और छात्रा की मौत से जुड़े सवालों पर पुलिस जांच जारी है, इसलिए इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
FAQ (Frequently Asked Questions):
LPU में classes 10 दिनों के लिए क्यों suspend की गई हैं?
LPU में छात्र प्रदर्शन के हिंसक होने, कैंपस में तोड़फोड़ और पुलिस से झड़प के बाद छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लासेस सस्पेंड की गई हैं।
LPU के midterm exams क्यों postpone किए गए हैं?
कैंपस की मौजूदा स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। नई तारीख UMS के जरिए बताई जाएगी।
Lovely Professional University में protests क्यों हुए?
छात्रों ने एक महिला छात्रा के साथ कथित रेप का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू किया था। LPU ने इस आरोप को अफवाह और मनगढ़ंत बताया है, जबकि पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर SIT बनाई है।
LPU campus में violence कैसे शुरू हुई?
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने NH-44 को ब्लॉक किया। पुलिस द्वारा रास्ता खुलवाने की कोशिश के बाद स्थिति बिगड़ी और पथराव, वाहनों में आगजनी तथा कैंपस में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
LPU classes कब से suspend हैं?
LPU की रेगुलर क्लासेस 28 सितंबर 2026, सोमवार से 10 दिनों के लिए सस्पेंड हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित हैं।