Pacific Ocean में 76 साल की सबसे बड़ी गर्मी! ‘Super El Niño’ से लाल हुई दुनिया, 4.5 लाख मौतों का क्यों है खतरा?
Pacific में रिकॉर्ड गर्मी के बीच Super El Niño 2026 मजबूत हो रहा है। WMO के मुताबिक यह फरवरी 2027 तक रह सकता है। Climate Impact Lab ने गर्मी से 4.51 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया है।
Super El Niño 2026 ने दुनिया के मौसम को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। मध्य और पूर्वी Tropical Pacific में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3.4°C से ज्यादा ऊपर पहुंच चुका है। World Meteorological Organization (WMO) के अनुसार, यह El Niño 1950 के बाद के सबसे शक्तिशाली घटनाक्रमों में शामिल हो सकता है और फरवरी 2027 तक जारी रहने की लगभग पूरी संभावना है। इसी बीच University of Chicago के Climate Impact Lab के एक अध्ययन ने अनुमान लगाया है कि June 2026 से February 2027 के बीच El Niño से जुड़ी अत्यधिक गर्मी के कारण दुनिया में करीब 4.51 लाख अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। यह एक मॉडल आधारित अनुमान है, न कि पहले से हो चुकी मौतों का आंकड़ा।
Super El Niño 2026 कितना खतरनाक है?

Super El Niño 2026 इसलिए असाधारण माना जा रहा है क्योंकि Pacific Ocean के प्रमुख Niño 3.4 क्षेत्र में समुद्र का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। WMO के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच इस क्षेत्र का तापमान सामान्य से करीब 3.7°C ऊपर जा सकता है, जो 2015-16 के पिछले peak 2.6°C से काफी अधिक होगा।El Niño सिर्फ Pacific Ocean तक सीमित नहीं रहता। समुद्र के तापमान में बड़े बदलाव से हवा और बारिश के वैश्विक pattern प्रभावित होते हैं। नतीजा यह हो सकता है कि कुछ हिस्सों में भीषण सूखा पड़े, जबकि दूसरे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ जाए।
4.5 लाख मौतों का अनुमान क्यों लगाया गया?
Climate Impact Lab के researchers ने अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान और mortality के संबंध तथा seasonal temperature forecasts का इस्तेमाल करके यह अनुमान लगाया है। अध्ययन के अनुसार, El Niño के दौरान अत्यधिक गर्म दिनों की संख्या सामान्य वर्ष की तुलना में करीब 44% बढ़ सकती है।अनुमान के मुताबिक सबसे ज्यादा असर Global South के देशों पर पड़ सकता है। Nigeria में करीब 31,400, Indonesia में 19,300 और Sudan में करीब 17,600 अतिरिक्त heat-related deaths का अनुमान लगाया गया है।भारत के लिए भी चिंता की बात है। Climate Impact Lab के अनुसार, देश में करीब 15,800 अतिरिक्त heat-related deaths का अनुमान है, हालांकि यह भी एक मॉडल projection है और वास्तविक आंकड़ा अलग हो सकता है।
दुनिया के कई हिस्सों में क्यों बढ़ेगा Flood और Drought का खतरा?
El Niño के कारण बदलते atmospheric circulation और rainfall patterns अलग-अलग क्षेत्रों में बिल्कुल विपरीत असर डाल सकते हैं।कहीं लंबे समय तक बारिश कम होने से drought, water shortage और wildfires का खतरा बढ़ सकता है। वहीं दूसरे क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने पर flash floods और landslides जैसी स्थितियां बन सकती हैं।WMO ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में वैश्विक तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। अगस्त 2026 में global mean temperature जुलाई 2023 के रिकॉर्ड स्तर के बराबर पहुंच गया था।
‘लाल’ होती Earth Map का क्या मतलब है?
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा साझा किए गए global climate maps में दुनिया के बड़े हिस्से लाल दिखाई दे रहे हैं। यहां लाल रंग का मतलब यह है कि संबंधित क्षेत्र में तापमान सामान्य औसत से ऊपर है।हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरी Earth एक साथ एक जैसी गर्म हो रही है। El Niño का असर region-to-region अलग हो सकता है और इसका interaction लंबे समय से जारी global warming के साथ स्थितियों को और जटिल बना सकता है।
El Niño क्या है और यह मौसम कैसे बदलता है?
El Niño, El Niño-Southern Oscillation (ENSO) नामक प्राकृतिक climate cycle का warm phase है। इसमें मध्य और पूर्वी Tropical Pacific की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है।आमतौर पर El Niño करीब 2 से 7 साल के अंतराल पर आता है। इसका असर Pacific से हजारों किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्रों के तापमान, बारिश और storm patterns पर भी पड़ सकता है।इस बार चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह घटना पहले से गर्म हो रहे global climate system के बीच विकसित हुई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, गर्म baseline temperature El Niño के प्रभाव को और गंभीर बना सकता है।
निष्कर्ष
Super El Niño 2026 ने दुनिया के सामने एक असाधारण climate challenge खड़ा कर दिया है। Pacific Ocean में रिकॉर्ड गर्मी, बढ़ता global temperature और बदलते rainfall patterns के कारण heatwave, drought और flooding का खतरा बढ़ सकता है। 4.51 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान बेहद गंभीर है, लेकिन इसे एक model-based projection के रूप में समझना जरूरी है। WMO के मुताबिक El Niño फरवरी 2027 तक जारी रह सकता है, इसलिए आने वाले महीने बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Super El Niño 2026 क्या है?
यह 2026 में विकसित हुआ असाधारण रूप से शक्तिशाली El Niño है, जिसमें Tropical Pacific की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
क्या 2026 का El Niño सबसे शक्तिशाली है?
WMO के अनुसार, यह 1950 के बाद के सबसे मजबूत El Niño events में से एक हो सकता है। अक्टूबर-दिसंबर में इसकी intensity और बढ़ने का अनुमान है।
Super El Niño से Global Temperature पर क्या असर पड़ेगा?
यह वैश्विक औसत तापमान को और बढ़ा सकता है और कई क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा गर्म मौसम की स्थिति पैदा कर सकता है।
क्या Super El Niño से 4.5 लाख लोगों की मौत हो सकती है?
Climate Impact Lab ने June 2026 से February 2027 के बीच करीब 4.51 लाख अतिरिक्त heat-related deaths का projection दिया है। यह निश्चित भविष्यवाणी नहीं, बल्कि model-based estimate है।
क्या Super El Niño से India प्रभावित होगा?
Climate Impact Lab ने भारत में करीब 15,800 अतिरिक्त heat-related deaths का अनुमान लगाया है। भारत में इसका असर क्षेत्र और मौसम के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।