Turkey Black Sea Proposals : ब्लैक सी में बढ़े हमले, तुर्किये का सेफ कॉरिडोर प्लान - क्या फिर बनेगा ग्रेन रूट?
Turkey Black Sea Proposals : ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर बढ़ते ड्रोन हमलों के बीच तुर्किये ने रूस और यूक्रेन को सुरक्षित समुद्री रूट का मेमोरेंडम ड्राफ्ट भेजा है। प्रस्ताव 2022 के ग्रेन कॉरिडोर से प्रेरित है, लेकिन फिलहाल रूस-यूक्रेन की सहमति जरूरी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल और सिविलियन जहाजों पर ड्रोन हमले तेजी से बढ़े हैं। इससे समुद्री कारोबार और अनाज समेत दूसरी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर जोखिम बढ़ गया है। इसी बीच तुर्किये ने रूस और यूक्रेन को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसका मकसद ब्लैक सी में सिविलियन जहाजों पर हमले रोकने के लिए एक व्यवस्था बनाना है। तुर्किये के एक राजनयिक के मुताबिक, अंकारा ने दोनों देशों को एक मेमोरेंडम का ड्राफ्ट साझा किया है। यह प्रस्ताव 2022 में तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में बने ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव से प्रेरित है। उद्योग जगत के आंकड़ों के मुताबिक, जून के अंत से अब तक कम से कम 25 तुर्किये-ओन्ड जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिनमें चार तुर्किये के झंडे के नीचे चल रहे थे।
लिडर बोर्डो मावी पर हमले के बाद बढ़ा दबाव
तुर्किये का नया कदम ऐसे समय आया है जब उसके अपने जहाज भी ब्लैक सी में हमलों की चपेट में आए हैं। अगस्त में लिडर बोर्डो मावी नाम के कंटेनर जहाज को रूस के ब्लैक सी तट के पास निशाना बनाया गया था। इसके बाद उसे खींचकर सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए भेजे गए लिडर कोकाटेपे पर भी हमला हुआ।26 अगस्त को लिडर बोर्डो मावी पर रूस के तुप्से बंदरगाह के पास हमला हुआ था। अगले दिन उसे टो करने के लिए भेजे गए लिडर कोकाटेपे को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद तुर्किये ने अंकारा में यूक्रेन के राजदूत को विदेश मंत्रालय में बुलाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और ब्लैक सी में लोगों की सुरक्षा, संपत्ति, सुरक्षित नौवहन और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
लिडर बोर्डो मावी को बाद में तुर्किये के ट्राबजोन बंदरगाह लाया गया। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज के ब्रिज डेक और उसके नीचे के दो डेक पर आग से काफी नुकसान के निशान दिखाई दिए थे।
इन घटनाओं के बीच तुर्किये लगातार रूस और यूक्रेन से सिविलियन जहाजों पर हमले रोकने की अपील करता रहा है। 8 अगस्त को विदेश मंत्री हाकान फिदान ने ब्लैक सी में हमलों पर “मोराटोरियम” यानी अस्थायी रोक के लिए एक व्यवस्था बनाने की मांग की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि संघर्ष अब ब्लैक सी के बड़े हिस्से तक फैल गया है और कमर्शियल जहाज भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

तुर्किये के नए प्रस्ताव में क्या है?
17 सितंबर को तुर्किये के एक राजनयिक ने बताया कि अंकारा ने रूस और यूक्रेन दोनों को मेमोरेंडम का ड्राफ्ट भेजा है। इसका उद्देश्य ब्लैक सी में सिविलियन और कमर्शियल जहाजों पर हमलों को रोकने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करना है। प्रस्ताव का एक अहम हिस्सा ऐसे समुद्री रास्तों का इस्तेमाल बढ़ाना है जहां जहाजों को युद्ध क्षेत्र के सबसे जोखिम वाले हिस्सों से कम गुजरना पड़े।इस योजना के पीछे 2022 का ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव मॉडल है। तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत यूक्रेन से ब्लैक सी के रास्ते अनाज निर्यात के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग उपलब्ध कराया गया था। रूस ने 2023 में इस व्यवस्था से बाहर निकलने का फैसला किया था। इसके बाद यूक्रेन ने रोमानिया और बुल्गारिया के तटों से सटा एक वैकल्पिक शिपिंग रूट विकसित किया।
तुर्किये के राजनयिक के मुताबिक, मौजूदा प्रस्ताव उसी मॉडल से प्रेरित है। मौजूदा रूट में एक जगह ऐसी आती है जहां यूक्रेनी जहाज को अपने देश के टेरिटोरियल वाटर्स से बाहर निकलकर कुछ दूरी तक इंटरनेशनल वाटर्स से गुजरना पड़ता है। यही हिस्सा ज्यादा जोखिम वाला माना जा रहा है।
इसलिए तुर्किये का सुझाव है कि रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के साथ मौजूद सुरक्षित मार्गों के अलावा ब्लैक सी के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में जॉर्जिया और तुर्किये के तटों के साथ एक दूसरा रूट भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य जहाजों को ज्यादा से ज्यादा समय संबंधित देशों के टेरिटोरियल वाटर्स में रखते हुए जोखिम वाले इंटरनेशनल वाटर्स का सफर कम करना है। हालांकि, इस दूसरे रूट के लिए जॉर्जिया की सहमति भी जरूरी होगी।

रूस-यूक्रेन के एक्सपोर्ट पर असर से जुड़ा है पूरा विवाद
ब्लैक सी में जहाजों पर बढ़ते हमलों का असर सिर्फ समुद्री सुरक्षा तक सीमित नहीं है। रूस और यूक्रेन दोनों अपने प्रतिद्वंद्वी की एक्सपोर्ट कमाई और उससे जुड़े लॉजिस्टिक्स को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और हाल के महीनों में कमर्शियल शिपिंग भी इस संघर्ष की चपेट में ज्यादा आई है।ब्लैक सी रूस, यूक्रेन, तुर्किये, जॉर्जिया, रोमानिया और बुल्गारिया से जुड़ा महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यहां से अनाज, कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही होती है। हमलों में बढ़ोतरी के बीच लंदन के मरीन इंश्योरेंस मार्केट ने सितंबर में पूरे ब्लैक सी क्षेत्र को हाई-रिस्क रिपोर्टिंग जोन में शामिल कर दिया। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में जहाज चलाने वाले ऑपरेटरों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस की लागत बढ़ सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक, हाल के हफ्तों में ऐसे इंश्योरेंस प्रीमियम में काफी बढ़ोतरी हुई है।
इसी वजह से तुर्किये के लिए सिविलियन शिपिंग की सुरक्षा सिर्फ कूटनीतिक मुद्दा नहीं है। उसके अपने जहाज ब्लैक सी में सक्रिय हैं और तुर्किये रूस तथा यूक्रेन दोनों के साथ संबंध बनाए हुए है। वह नाटो का सदस्य है, लेकिन रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुआ है। ऐसे में अंकारा खुद को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
क्या फिर शुरू होगा ब्लैक सी ग्रेन डील?
तुर्किये के नए प्रस्ताव को पुराने ग्रेन कॉरिडोर मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इसे सीधे पुराने समझौते की वापसी कहना सही नहीं होगा। तुर्किये पहले ही ब्लैक सी के रास्ते अनाज की सुरक्षित आवाजाही के लिए नया प्लान तैयार करने की बात कह चुका है। 31 अगस्त को हाकान फिदान ने कहा था कि अंकारा रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में है और परिस्थितियां अनुकूल होने पर पुराने समझौते जैसा नया एग्रीमेंट हासिल करने की कोशिश कर रहा है।रूस ने हालांकि अगस्त में पुराने ग्रेन डील को दोबारा शुरू करने के लिए आधार नहीं होने की बात कही थी। मॉस्को का कहना रहा है कि सिर्फ जहाजों पर हमले रोकने जैसी सीमित व्यवस्था उसके लिए पर्याप्त नहीं है। दूसरी तरफ यूक्रेन ने सिविलियन शिपिंग की सुरक्षा के लिए सीजफायर जैसे प्रस्तावों का समर्थन किया है, लेकिन रूस के साथ इसके दायरे और शर्तों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
ऐसे में तुर्किये का नया मेमोरेंडम एक अलग कोशिश है, जिसमें सिर्फ पुराने ग्रेन कॉरिडोर को बहाल करने के बजाय जहाजों के लिए सुरक्षित रूट और सिविलियन शिपिंग पर हमले रोकने की व्यवस्था बनाने पर जोर है। फिलहाल यह प्रस्ताव बातचीत के स्तर पर है और रूस तथा यूक्रेन की सहमति के बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Turkey ने Russia और Ukraine को Black Sea को लेकर क्या proposal भेजा?
तुर्किये ने रूस और यूक्रेन को एक मेमोरेंडम का ड्राफ्ट भेजा है, जिसका उद्देश्य ब्लैक सी में सिविलियन और कमर्शियल जहाजों पर हमले रोकने के लिए व्यवस्था बनाना है। प्रस्ताव में सुरक्षित समुद्री रूट के इस्तेमाल पर भी जोर है।
Hakan Fidan ने Black Sea situation पर क्या कहा?
हाकान फिदान ने 8 अगस्त को रूस और यूक्रेन से ब्लैक सी में जहाजों पर हमले रोकने के लिए “मोराटोरियम” की व्यवस्था बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि संघर्ष का असर कमर्शियल शिपिंग तक फैल गया है।
Turkey Black Sea shipping को सुरक्षित क्यों करना चाहता है?
ब्लैक सी में तुर्किये के बड़ी संख्या में कमर्शियल जहाज चलते हैं और जून के अंत से कम से कम 25 तुर्किये-ओन्ड जहाजों को निशाना बनाए जाने की बात उद्योग के आंकड़ों में सामने आई है। इसके अलावा यह क्षेत्र अनाज, तेल और दूसरे महत्वपूर्ण सामान की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के लिए अहम है।
क्या Turkey नया grain deal शुरू करना चाहता है?
तुर्किये ब्लैक सी में सुरक्षित अनाज आवाजाही के लिए पुराने ग्रेन कॉरिडोर जैसे मॉडल को फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि नया प्रस्ताव केवल पुराने समझौते की सीधी बहाली नहीं है; इसमें सिविलियन जहाजों की सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री रूट पर भी जोर है।
Black Sea में civilian ships पर attacks क्यों चिंता का विषय हैं?
हमलों से जहाजों, चालक दल और समुद्री नौवहन की सुरक्षा प्रभावित होती है। साथ ही ब्लैक सी से अनाज, कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही होती है, इसलिए समुद्री जोखिम बढ़ने से शिपिंग और इंश्योरेंस लागत पर भी असर पड़ सकता है।