Bombay High Court Noise Pollution: आधी रात तक DJ बजने पर कोर्ट सख्त! आखिर Maharashtra Government से क्या पूछा?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले Bombay High Court Noise Pollution का स्वतः संज्ञान लिया है। गणेश चतुर्थी के दौरान आधी रात के बाद तक DJ बजने की बात पर कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से लागू कानूनों और उनके अनुपालन की जानकारी मांगी है।
मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में धार्मिक जुलूसों के दौरान तेज आवाज में बजने वाले DJ को लेकर Bombay High Court Noise Pollution मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने धार्मिक जुलूसों से होने वाले शोर को लेकर suo motu cognisance लिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि शोर कम करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
Bombay High Court Noise Pollution पर कोर्ट ने क्यों लिया संज्ञान?

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 21 सितंबर को मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य शहरों में धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले Noise Pollution के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया।जस्टिस गिरिश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने खास तौर पर धार्मिक जुलूसों में DJ से होने वाले तेज शोर को लेकर महाराष्ट्र सरकार से जानकारी मांगी है।कोर्ट का यह कदम ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी उत्सव चल रहा है। पीठ ने ध्यान दिया कि कुछ जगहों पर DJ आधी रात के बाद भी बज रहे हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को शोर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
Ganesh Festival Noise Pollution पर High Court ने क्या पूछा?
कोर्ट ने महाराष्ट्र के महाधिवक्ता डॉ. मिलिंद साठे से धार्मिक जुलूसों के दौरान शोर को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।पीठ ने यह भी जानना चाहा कि इस संबंध में statutory laws यानी लागू कानूनी प्रावधान क्या हैं और उनका कितना पालन किया जा रहा है।कोर्ट ने महाधिवक्ता को इस संबंध में जानकारी मंगलवार दोपहर तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।इससे साफ है कि अदालत का फोकस केवल नियम मौजूद होने पर नहीं, बल्कि उनके वास्तविक अनुपालन पर भी है।
Mumbai Noise Pollution को लेकर DJ पर क्यों उठे सवाल?
धार्मिक जुलूसों में DJ और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल Mumbai Noise Pollution के मुद्दे का एक अहम हिस्सा बनकर सामने आया है।कोर्ट के सामने खास तौर पर यह बात आई कि गणेश चतुर्थी के दौरान कुछ स्थानों पर DJ आधी रात के बाद भी बजते रहे। ऐसे में अदालत ने सरकार से पूछा है कि मौजूदा नियमों के तहत शोर को नियंत्रित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।यह मामला सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है। कोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले Noise Pollution को मुंबई के साथ महाराष्ट्र के अन्य शहरों के संदर्भ में भी देखा है।
Maharashtra Noise Pollution Rules का कितना पालन हुआ?
Maharashtra Noise Pollution Rules को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार से सीधे जानकारी मांगी है। अदालत जानना चाहती है कि शोर नियंत्रण से संबंधित कानूनी प्रावधान क्या हैं और धार्मिक जुलूसों के दौरान उनका कितना अनुपालन हुआ।यानी फिलहाल कोर्ट ने किसी नए नियम की घोषणा नहीं की है। उसका मुख्य सवाल मौजूदा कानूनी व्यवस्था और उसके पालन को लेकर है।इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि हाई कोर्ट ने धार्मिक जुलूसों या DJ पर कोई नया प्रतिबंध लगा दिया है। फिलहाल सरकार से मौजूदा नियमों और उनके अनुपालन की जानकारी मांगी गई है।
Bombay HC में पहले से भी लंबित है Noise Pollution PIL
खास बात यह है कि धार्मिक जुलूसों और Noise Pollution से जुड़ा एक समान PIL पहले से ही बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है।यह याचिका चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली हाई कोर्ट की खंडपीठ के सामने लंबित है। अब जस्टिस गिरिश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने भी इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया है।इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान शोर और नियमों के अनुपालन का मुद्दा एक बार फिर अदालत के केंद्र में आ गया है।
निष्कर्ष
Bombay High Court Noise Pollution मामले में अदालत ने धार्मिक जुलूसों, खासकर DJ से होने वाले तेज शोर पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। गणेश चतुर्थी के दौरान आधी रात के बाद तक DJ बजने की बात पर कोर्ट ने मौजूदा Maharashtra Noise Pollution Rules और उनके अनुपालन की जानकारी मांगी है। अब सरकार की ओर से दी जाने वाली जानकारी पर आगे की कार्यवाही निर्भर करेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Bombay High Court ने Noise Pollution पर क्या कहा है?
कोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान खासकर DJ से होने वाले Noise Pollution पर महाराष्ट्र सरकार से उठाए गए कदमों और नियमों के अनुपालन की जानकारी मांगी है।
Bombay HC ने Noise Pollution का suo motu case क्यों लिया?
कोर्ट ने गणेश चतुर्थी के दौरान धार्मिक जुलूसों में DJ के आधी रात के बाद तक बजने और उससे होने वाले शोर का संज्ञान लिया।
Ganeshotsav के दौरान loudspeaker और DJ को लेकर क्या नियम हैं?
इस मामले में कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से लागू statutory laws और उनके अनुपालन की जानकारी मांगी है। दिए गए स्रोत में नियमों की पूरी सूची नहीं दी गई है।
क्या 10 PM के बाद loudspeaker बजाने की अनुमति है?
दिए गए स्रोत में इस सवाल पर कोई अलग अनुमति या प्रतिबंध निर्धारित नहीं किया गया है। कोर्ट ने सरकार से मौजूदा कानूनी प्रावधानों और उनके पालन की जानकारी मांगी है।
Bombay High Court ने Maharashtra Government से क्या जानकारी मांगी है?
सरकार से पूछा गया है कि धार्मिक जुलूसों के दौरान Noise Pollution, खासकर DJ से होने वाले शोर को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए और लागू कानूनों का कितना पालन हुआ।