स्कूलों में Smartphone Ban की मांग, 110 देशों के अध्ययन के बाद राष्ट्रीय नीति की सिफारिश; बच्चों के ऑनलाइन इस्तेमाल पर भी नियमों का प्रस्ताव
C-LAB की नई रिपोर्ट ने स्कूलों में Smartphone Ban के लिए राष्ट्रीय नीति की सिफारिश की है। रिपोर्ट ने 110 देशों की स्कूल फोन नीतियों का अध्ययन किया, जिनमें 52 देशों में राष्ट्रीय कानूनी प्रतिबंध और 31 में राष्ट्रीय दिशा-निर्देश पाए गए। रिपोर्ट बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उम्र-आधारित नियम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव भी देती है।
नई रिपोर्ट में स्कूलों में स्मार्टफोन पर देशव्यापी रोक के साथ बच्चों की ऑनलाइन पहुंच को उम्र के आधार पर नियंत्रित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी बच्चों या उनके माता-पिता पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होनी चाहिए।
Smartphone Ban in Schools: 110 देशों की नीतियों का किया गया अध्ययन

सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहेवियर चेंज (C-LAB) की रिपोर्ट “Prevention By Design: From Voluntary Self-Regulation to a State Duty of Care” में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर की नीति बनाने की मांग की गई है। रिपोर्ट को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर आयोजित “Responsible AI and Safe Digital Spaces for Children” कार्यक्रम में जारी किया गया। अध्ययन में 40 से अधिक देशों में बच्चों के डिजिटल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े उम्र-आधारित नियमों और 110 देशों में स्कूलों की Smartphone Use Policies का अध्ययन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल दुनिया में बच्चों की भागीदारी अब तेजी से बढ़ रही है, इसलिए उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल परिवारों या स्वयं बच्चों पर छोड़ने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म और नियामक व्यवस्था पर भी तय की जानी चाहिए।
52 देशों में स्कूलों में स्मार्टफोन पर राष्ट्रीय प्रतिबंध
रिपोर्ट के अनुसार, 110 देशों की स्कूल Smartphone Ban Policies के विश्लेषण में 52 देशों में स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी प्रतिबंध पाए गए। वहीं 31 देशों ने राष्ट्रीय दिशा-निर्देश जारी कर ऐसे प्रतिबंधों का समर्थन किया, जबकि केवल 9 देशों में यह फैसला मुख्य रूप से अलग-अलग स्कूलों पर छोड़ा गया है।C-LAB ने प्राथमिक और निचली माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए पूरे स्कूल दिवस के दौरान स्मार्टफोन इस्तेमाल पर स्पष्ट राष्ट्रीय प्रतिबंध की सिफारिश की है।रिपोर्ट का तर्क है कि स्कूलों में स्पष्ट नियम होने से बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग संस्थानों में अलग-अलग व्यवस्था की स्थिति कम हो सकती है।
बच्चों की ऑनलाइन पहुंच पर भी उम्र के आधार पर नियम की सिफारिश
रिपोर्ट केवल Mobile Phone Ban in Schools तक सीमित नहीं है। इसमें बच्चों की ऑनलाइन पहुंच को उम्र के आधार पर नियंत्रित करने के लिए भी राष्ट्रीय स्तर का ढांचा सुझाया गया है।C-LAB के प्रस्तावित पांच-स्तरीय ढांचे में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक और 15 से 16 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए सत्यापित अभिभावकीय सहमति के साथ निगरानी वाली पहुंच का प्रस्ताव शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन नियमों के पालन की जिम्मेदारी बच्चों या अभिभावकों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होनी चाहिए।इसके अलावा नाबालिगों की लक्षित विज्ञापन के लिए प्रोफाइलिंग रोकने तथा Infinite Scrolling और Dark Patterns जैसे ऐसे डिजाइन फीचर्स पर नियंत्रण की सिफारिश की गई है, जो उपयोगकर्ताओं को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
Digital Safety for Children के लिए पांच स्तंभों वाला ढांचा
रिपोर्ट ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित ढांचा सुझाया है।पहले में उम्र के आधार पर सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय करने की बात है। दूसरे में नाबालिगों की प्रोफाइलिंग और कुछ डिजाइन फीचर्स पर नियंत्रण का प्रस्ताव है। तीसरे स्तंभ में Privacy-Protecting Age Verification की बात कही गई है, जिसमें उपयोगकर्ता की पूरी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के बजाय केवल उम्र की पुष्टि करने वाली व्यवस्था का सुझाव है। चौथे में स्वतंत्र Online Safety Regulator, अनिवार्य रिपोर्टिंग और गंभीर या व्यवस्थित उल्लंघनों पर वित्तीय दंड का प्रस्ताव है। पांचवें स्तंभ में बच्चों की नीति निर्माण में भागीदारी, डिजिटल साक्षरता और अभिभावकों के मार्गदर्शन को शामिल किया गया है।
बच्चों के बजाय टेक प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी की मांग
Just Rights for Children के संस्थापक भुवन रिभु ने रिपोर्ट जारी होने के दौरान कहा कि डिजिटल दुनिया के विस्तार के साथ संभावित नुकसान का स्तर बढ़ा है, जबकि उससे बचाव की व्यवस्थाएं उसी गति से विकसित नहीं हुई हैं।रिपोर्ट का मूल विचार “Prevention By Design” है। यानी बच्चों को नुकसान पहुंचने के बाद कार्रवाई करने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म के डिजाइन और व्यवस्था में ही सुरक्षा उपाय शामिल किए जाएं। रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा-पार होने वाले ऑनलाइन नुकसान से निपटने के लिए अनिवार्य रिपोर्टिंग और कानूनी ढांचे की भी वकालत करती है।
भारत में नाबालिगों के ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट पर क्या कहा गया?
रिपोर्ट ने कुछ देशों में नाबालिगों की संविदात्मक क्षमता और अभिभावकीय सहमति से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी अध्ययन किया। इसमें भारत के लिए 18 वर्ष की उम्र का उल्लेख किया गया है और रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग द्वारा किया गया ऐसा समझौता “void ab initio” माना जाता है। हालांकि, यह रिपोर्ट की कानूनी व्याख्या है; इसे भारत में स्कूलों के लिए लागू किसी मौजूदा National Smartphone Ban Policy के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। रिपोर्ट फिलहाल राष्ट्रीय नीति और नियामक ढांचे के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करती है।
क्या भारत में स्कूलों में Smartphone Ban लागू है?
भारत में इस रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में स्मार्टफोन पर कोई नया देशव्यापी प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। C-LAB की मांग एक National Policy on Smartphones और बच्चों की डिजिटल पहुंच के लिए व्यापक नियामक ढांचे की सिफारिश है। इसलिए अलग-अलग स्कूलों या राज्यों में मौजूद मोबाइल फोन संबंधी नियमों को राष्ट्रीय प्रतिबंध से अलग समझना जरूरी है।
निष्कर्ष
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए C-LAB की रिपोर्ट ने स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय नीति बनाने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट का सुझाव है कि बच्चों और अभिभावकों पर जिम्मेदारी डालने के बजाय टेक प्लेटफॉर्म को सुरक्षा मानकों के पालन के लिए जवाबदेह बनाया जाए।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Schools में Smartphone Ban की मांग क्यों की गई है?
C-LAB की रिपोर्ट बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए स्कूलों में स्मार्टफोन इस्तेमाल पर स्पष्ट राष्ट्रीय प्रतिबंध की सिफारिश करती है।
National Policy on Smartphone Use in Schools क्या प्रस्तावित है?
रिपोर्ट प्राथमिक और निचली माध्यमिक शिक्षा में पूरे स्कूल दिवस के दौरान स्मार्टफोन इस्तेमाल पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध का प्रस्ताव देती है।
Report में बच्चों के Digital Media Use को लेकर क्या कहा गया?
रिपोर्ट उम्र के आधार पर ऑनलाइन पहुंच, सुरक्षित Age Verification और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही के लिए राष्ट्रीय ढांचे की सिफारिश करती है।
क्या India में schools में mobile phones पर national ban है?
इस रिपोर्ट के आधार पर भारत में ऐसा कोई नया राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। रिपोर्ट एक राष्ट्रीय नीति की सिफारिश कर रही है।
Smartphone use का students की पढ़ाई पर क्या असर पड़ता है?
इस रिपोर्ट का मुख्य फोकस बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और स्कूलों में स्मार्टफोन नियंत्रण है। Smartphone Ban के शैक्षणिक प्रभाव पर यह रिपोर्ट कोई व्यापक कारणात्मक निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं करती।