Shastri Bhawan Krishi Bhawan Demolition : शास्त्री-कृषि भवन होंगे ध्वस्त, दशकों पुरानी सरकारी इमारतों को क्यों किया जा रहा खाली?
दिल्ली के शास्त्री भवन और कृषि भवन को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत खाली कराया जा रहा है। सीपीडब्ल्यूडी ने सितंबर अंत तक परिसर सौंपने को कहा है। इनकी जगह कर्तव्य भवन 4 और 5 बनेंगे, जिनकी अनुमानित लागत ₹3,155 करोड़ है।
Shastri Bhawan Krishi Bhawan Demolition : दिल्ली के लुटियंस इलाके में दशकों से सरकारी कामकाज का हिस्सा रहे शास्त्री भवन और कृषि भवन अब सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अगले चरण में जगह खाली करने जा रहे हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी ने दोनों इमारतों में मौजूद मंत्रालयों और विभागों को परिसर खाली कर सितंबर के अंत तक जगह सौंपने को कहा है। इन दोनों इमारतों की जगह कर्तव्य भवन 4 और 5 के नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। 16 सितंबर को जारी सीपीडब्ल्यूडी के पत्र के मुताबिक इन नए भवनों के निर्माण का टेंडर पहले ही दिया जा चुका है और प्रस्तावित इमारतों का फुटप्रिंट मौजूदा शास्त्री भवन और कृषि भवन वाली जगह पर ही है।इसका मतलब यह है कि अभी पहला कदम दोनों पुराने भवनों को पूरी तरह खाली कराना है। इसके बाद साइट को निर्माण एजेंसी को सौंपकर मौजूदा इमारतों को हटाने और नए भवनों का निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सीपीडब्ल्यूडी ने अपने पत्र में कहा है कि समय पर साइट सौंपना जरूरी है, ताकि तय कार्यक्रम के अनुसार निर्माण शुरू हो सके।

1950-60 के दशक में बने थे दोनों सरकारी भवन
शास्त्री भवन और कृषि भवन स्वतंत्रता के बाद केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे के विस्तार के दौर में बनाए गए थे। शास्त्री भवन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखा गया है और यह सात मंजिला सरकारी कार्यालय परिसर रहा है। कई दशकों तक यहां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के कार्यालय चलते रहे।शास्त्री भवन में शिक्षा मंत्रालय के अलावा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कोयला मंत्रालय समेत कई सरकारी विभागों के कार्यालय रहे हैं। वहीं कृषि भवन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय समेत कई विभागों ने काम किया है। समय के साथ दोनों परिसरों में केंद्र सरकार के कई दूसरे मंत्रालयों और कार्यालयों ने भी जगह ली।
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से इन भवनों में मौजूद मंत्रालयों और विभागों को दूसरे परिसरों में शिफ्ट किया जा रहा है। कई कार्यालय पहले ही नए कर्तव्य भवनों में चले गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के लिए लोधी रोड स्थित सूचना भवन में जगह दी गई है, जबकि विदेश मंत्रालय के कुछ डिवीजनों को चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग स्थित सम्राट होटल में शिफ्ट किया गया है।
अब इसी जगह बनेंगे कर्तव्य भवन 4 और 5
सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट का मकसद केंद्र सरकार के अलग-अलग हिस्सों में फैले मंत्रालयों और विभागों को आधुनिक और एकीकृत कार्यालय परिसरों में लाना है। इसी योजना के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट यानी सीसीएस के कई नए भवन प्रस्तावित हैं।सेंट्रल विस्टा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सीसीएस के भवन अलग-अलग मौजूदा सरकारी कार्यालय परिसरों की जगह विकसित किए जा रहे हैं। आधिकारिक मास्टर प्लान में शास्त्री, कृषि, उद्योग और निर्माण भवनों से जुड़े क्षेत्र में सीसीएस 4, 5 और 9 के निर्माण का प्रावधान है। मौजूदा कार्यालयों को पहले दूसरे नए परिसरों में शिफ्ट करने की योजना है, ताकि इन जगहों पर अगला निर्माण चरण शुरू किया जा सके।
वर्तमान प्रक्रिया में शास्त्री भवन और कृषि भवन की जगह कर्तव्य भवन 4 और 5 के निर्माण पर काम आगे बढ़ रहा है। सीपीडब्ल्यूडी के सितंबर के पत्र में इन दोनों भवनों के लिए निर्माण टेंडर दिए जाने की पुष्टि की गई है।
₹3,155 करोड़ की परियोजना, 24 महीने में निर्माण का लक्ष्य
कर्तव्य भवन 4 और 5 के निर्माण की अनुमानित लागत करीब ₹3,155 करोड़ बताई गई है। इस लागत में पांच साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस भी शामिल है। परियोजना के लिए निर्माण अवधि 24 महीने तय की गई है।नए कॉम्प्लेक्स में पुराने सरकारी भवनों की तुलना में आधुनिक ऑफिस स्पेस, बेहतर तकनीकी सुविधाएं और अधिक एकीकृत प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का तर्क है कि अलग-अलग इमारतों में बिखरे मंत्रालयों को एक साथ लाने से कार्यालयों के संचालन और रखरखाव को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
सेंट्रल विस्टा के व्यापक प्लान में कुल 10 कर्तव्य भवनों के जरिए केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को नए कार्यालय परिसरों में समायोजित करने की योजना है। इससे पुराने कार्यालय भवनों पर निर्भरता कम करने और सरकारी कामकाज के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
सितंबर के अंत तक खाली कराने की तैयारी
16 सितंबर के सीपीडब्ल्यूडी पत्र में संबंधित मंत्रालयों और विभागों से शास्त्री भवन और कृषि भवन को सितंबर 2026 के अंत तक खाली कर साइट सौंपने को कहा गया है। पत्र में साफ किया गया है कि प्रस्तावित नए भवन मौजूदा इमारतों के फुटप्रिंट में ही बनाए जाने हैं, इसलिए निर्माण एजेंसी को साइट उपलब्ध कराना जरूरी है।हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में शिफ्टिंग की वास्तविक समयसीमा को लेकर थोड़ा अंतर है। कुछ अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर कमरे खाली किए जा चुके हैं और शिफ्टिंग जारी है, जबकि कुछ कार्यालयों के पूरी तरह स्थानांतरित होने की प्रक्रिया अक्टूबर तक चल सकती है। इसलिए सितंबर के अंत की तारीख को सीपीडब्ल्यूडी की साइट हैंडओवर की तय समयसीमा के रूप में देखना ज्यादा सटीक है, न कि यह मानना कि उसी दिन दोनों इमारतों को गिराने का काम शुरू हो जाएगा।
सेंट्रल विस्टा में पुराने सरकारी भवनों की जगह बदल रही तस्वीर
शास्त्री भवन और कृषि भवन को खाली कराना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में चल रहे बड़े बदलाव का हिस्सा है। इससे पहले भी इस इलाके में पुराने सरकारी कार्यालय परिसरों को नए प्रशासनिक भवनों से बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के कार्यालयों को भी नए परिसरों में शिफ्ट करने की योजना है। इन ऐतिहासिक इमारतों को आगे चलकर युगे युगीन भारत नेशनल म्यूजियम के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। आधिकारिक योजना के मुताबिक सीसीएस के नए भवनों में अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों को समायोजित किया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय से जुड़े कुछ हिस्से अलग व्यवस्था में रहेंगे।
इस तरह शास्त्री भवन और कृषि भवन का खाली होना केवल दो पुराने सरकारी दफ्तरों की शिफ्टिंग नहीं है, बल्कि सेंट्रल विस्टा के उस चरण की शुरुआत है जिसमें पुराने कार्यालय परिसरों की जगह नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन तैयार किए जा रहे हैं।
FAQ (Frequently Asked Questions):
शास्त्री भवन और कृषि भवन को क्यों गिराया जा रहा है?
दोनों इमारतों की जगह सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन बनाए जाने हैं। मौजूदा साइट पर कर्तव्य भवन 4 और 5 के निर्माण का टेंडर दिया जा चुका है।
Central Vista Revamp Project क्या है?
सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट नई दिल्ली के केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र को नए संसद भवन, नए सरकारी कार्यालय परिसरों और दूसरे प्रशासनिक व सार्वजनिक ढांचे के जरिए पुनर्विकसित करने की योजना है। इसके तहत कई मंत्रालयों और विभागों को आधुनिक, एकीकृत कार्यालय परिसरों में लाने की योजना है।
शास्त्री भवन और कृषि भवन की Demolition कब शुरू होगी?
सीपीडब्ल्यूडी ने दोनों परिसरों को सितंबर 2026 के अंत तक खाली कर साइट सौंपने को कहा है। इसके बाद पुराने भवनों को हटाने और नए निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में demolition की कोई अलग निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
Central Vista Redevelopment के तहत कौन-कौन सी इमारतें बदली जाएंगी?
सेंट्रल विस्टा मास्टर प्लान में शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन वाले क्षेत्र में नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवनों का प्रावधान है। आगे चलकर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के मौजूदा सरकारी कार्यालयों को भी नए परिसरों में शिफ्ट करने की योजना है।
शास्त्री भवन और कृषि भवन की जगह क्या बनाया जाएगा?
मौजूदा शास्त्री भवन और कृषि भवन वाली साइट पर कर्तव्य भवन 4 और 5 के नए प्रशासनिक परिसर बनाए जाने हैं। इन भवनों का निर्माण आधुनिक और एकीकृत सरकारी कार्यालयों के रूप में किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹3,155 करोड़ है और निर्माण अवधि 24 महीने रखी गई है।