FSSAI Paneer Rules 2026: अब ‘Paneer’ नाम से नहीं बिकेगा नकली पनीर? जानिए FSSAI के नए प्रस्ताव का ग्राहकों पर क्या होगा असर
FSSAI ने Analogue Paneer को ‘Paneer’ नाम से बेचने पर रोक लगाने का draft प्रस्तावित किया है। नियम का उद्देश्य ग्राहकों को दूध से बने पनीर और गैर-दुग्ध substitute के बीच स्पष्ट अंतर बताना है। Draft में मौजूदा licensed products को भी शामिल किया गया है, लेकिन अभी final ban लागू नहीं हुआ है।
अगर आप बाजार से पनीर खरीदते हैं और उसे दूध से बना हुआ मानकर खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। FSSAI Paneer Rules 2026 के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक draft regulation जारी किया है, जिसमें दूध से प्राप्त सामग्री से नहीं बने paneer को ‘Paneer’ नाम से बनाने और बेचने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को product की वास्तविक प्रकृति और composition की स्पष्ट जानकारी देना है।
FSSAI Paneer Rules 2026 में क्या बदलाव प्रस्तावित है?

FSSAI के draft में दूध से प्राप्त constituents से नहीं बने paneer के manufacturing और sale को restrict करने का प्रस्ताव रखा गया है। खास बात यह है कि ‘Analogue in Dairy Context’ category के तहत पहले से licensed या registered products को भी अपने नाम, label और marketing में ‘Paneer’ शब्द का इस्तेमाल बंद करना होगा, अगर draft लागू होता है।
Analogue Paneer क्या होता है और इसमें क्या इस्तेमाल होता है?
Analogue Paneer ऐसा substitute product है,जिसे पारंपरिक दूध से बने पनीर की तरह दिखने और इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया जाता है, लेकिन इसमें milk fat या milk protein को पूरी तरह या आंशिक रूप से गैर-दुग्ध सामग्री से बदला जा सकता है।FSSAI के अपने material के अनुसार dairy analogues में vegetable oil/fat और vegetable protein जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। Analogue paneer में vegetable oils, vegetable fats, starches और plant proteins जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।इसलिए Analogue Paneer को सामान्य दूध से बने पनीर के समान मान लेना सही नहीं होगा। इसकी composition और nutritional profile अलग हो सकती है।
Analogue Paneer Ban से ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
प्रस्ताव का सबसे बड़ा उद्देश्य consumer confusion कम करना है। FSSAI के अनुसार ऐसे products को ‘Paneer’ नाम से पेश करने पर ग्राहक उनके वास्तविक ingredients को लेकर भ्रमित हो सकते हैं।इससे पहले भी FSSAI ने cheese analogue को ‘paneer’ के नाम से बेचने को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अप्रैल 2026 में FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र ने centrally licensed manufacturers और food service establishments को cheese analogue की सही naming और display सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।अगर नया draft final regulation बनता है, तो Paneer Labelling Rules और marketing practices में और स्पष्टता आ सकती है।
क्या अभी से Analogue Paneer पर रोक लग गई है?
यह बात समझना सबसे जरूरी है। फिलहाल FSSAI का कदम draft proposal है, final regulation नहीं। आधिकारिक notification के मुताबिक stakeholders और आम लोगों से objections और suggestions मांगे गए हैं और draft पर विचार 60 दिन की अवधि पूरी होने के बाद किया जाएगा।इसलिए अभी इसे पूरे देश में लागू हो चुका “Analogue Paneer Ban” कहना सही नहीं होगा।हालांकि, FSSAI पहले ही cheese analogue को paneer के नाम से बेचने और परोसने को लेकर enforcement directions जारी कर चुका है।
Real Paneer और Analogue Paneer में क्या अंतर है?
सीधे शब्दों में समझें तो Real Paneer दूध से प्राप्त सामग्री से बनाया जाता है, जबकि Analogue Paneer में दूध से अलग ingredients का इस्तेमाल करके paneer जैसा product तैयार किया जा सकता है।ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात product का label और ingredients list देखना है। किसी product को सिर्फ उसके रंग, आकार या texture से असली पनीर मान लेना पर्याप्त नहीं है।
निष्कर्ष
FSSAI Paneer Rules 2026 का प्रस्ताव मुख्य रूप से नाम, labeling और consumer transparency से जुड़ा है। अगर draft final regulation बनता है, तो दूध से नहीं बने analogue products के लिए ‘Paneer’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है और पहले से licensed products को भी अपनी nomenclature, labeling और marketing बदलनी पड़ सकती है। फिलहाल यह प्रस्तावित नियम है, अंतिम नियम नहीं।
FAQ (Frequently Asked Questions):
FSSAI ने analogue paneer के नाम पर क्या नया प्रस्ताव दिया है?
FSSAI ने दूध से प्राप्त सामग्री से नहीं बने paneer को ‘Paneer’ नाम से बनाने और बेचने पर रोक लगाने का draft प्रस्तावित किया है।
Analogue paneer क्या होता है?
यह paneer का substitute होता है, जिसमें milk-derived ingredients की जगह या उनके साथ vegetable oils, fats, starches और plant proteins जैसी सामग्री इस्तेमाल हो सकती है।
क्या analogue paneer को अब ‘Paneer’ नाम से बेचने पर रोक लग गई है?
अभी final nationwide ban नहीं लगा है। FSSAI ने draft जारी किया है और उस पर सुझाव/आपत्तियां मांगी हैं।
Real paneer और non-dairy paneer में क्या अंतर है?
Real paneer दूध से प्राप्त सामग्री से बनता है, जबकि non-dairy/analogue products में गैर-दुग्ध ingredients इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
Buyers दुकान पर analogue paneer की पहचान कैसे करें?
पैकेट पर product का नाम, ingredients और food category की जानकारी ध्यान से पढ़ें। सिर्फ ‘paneer’ जैसा दिखने के आधार पर product को दूध से बना हुआ न मानें।