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Surat Shop Fire Rs 24 Crore Loss : ₹10 हजार का विवाद, जलकर खाक हुआ ₹24 करोड़ का माल, जानिए क्या है मामला ?

सूरत की श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी आग को पुलिस ने कथित आगजनी बताया है। पूर्व अकाउंटेंट विनोद सावले गिरफ्तार हुआ। पुलिस के अनुसार ₹10 हजार के विवाद में आग लगाई गई, जिससे करीब 14 दुकानें प्रभावित और ₹24 करोड़ का माल नष्ट हुआ।

Surat Shop Fire Rs 24 Crore Loss : ₹10 हजार का विवाद, जलकर खाक हुआ ₹24 करोड़ का माल, जानिए क्या है मामला ?

Surat Shop Fire Rs 24 Crore Loss : गुजरात के सूरत में 9 सितंबर को श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग को पुलिस ने हादसा नहीं, बल्कि कथित तौर पर सुनियोजित आगजनी बताया है। सूरत क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सावले पहले मार्केट की छठी मंजिल स्थित एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था और नौकरी छोड़ने के बाद करीब ₹10 हजार के भुगतान को लेकर दुकान मालिक से विवाद में था। जांच के अनुसार, इसी विवाद के बाद उसने कथित तौर पर दुकान में आग लगाने की योजना बनाई। आग तेजी से दूसरी दुकानों तक फैल गई और करीब 14 दुकानें प्रभावित हुईं। पुलिस ने नष्ट हुए टेक्सटाइल सामान की कीमत करीब ₹24 करोड़ बताई है।

सूरत टेक्सटाइल मार्केट में आग: ₹10,000 की सैलरी के विवाद में पूर्व अकाउंटेंट ने अपनी पुरानी वर्कप्लेस में आग लगाई, ₹24 करोड़ का नुकसान | वीडियो | X @MeghUpdates
सूरत टेक्सटाइल मार्केट में आग: ₹10,000 की सैलरी के विवाद में पूर्व अकाउंटेंट ने अपनी पुरानी वर्कप्लेस में आग लगाई, ₹24 करोड़ का नुकसान | वीडियो | X @MeghUpdates

अप्रैल में नौकरी, जून में विवाद के बाद छोड़ा काम

पुलिस के मुताबिक, विनोद सावले ने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की एक दुकान में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसकी मासिक सैलरी करीब ₹30 हजार थी। काम के दौरान उसका दुकान मालिक के साथ विवाद हुआ और उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस का कहना है कि सावले का दावा था कि उसका करीब ₹10 हजार का भुगतान बाकी था। इसी रकम को लेकर वह नाराज था और कथित तौर पर उसने बदला लेने के लिए आग लगाने की योजना बनाई।जांच में यह भी सामने आया कि आग लगाने का यह कथित प्रयास पहली बार नहीं था। पुलिस के अनुसार, सावले ने पहले भी दुकान में आग लगाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई। इसके बाद उसने दोबारा योजना बनाई और करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा।

रात में मार्केट पहुंचा, खाली होने का इंतजार किया

पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर की रात सावले करीब 9 बजे मार्केट पहुंचा था। उसने पेट्रोल को प्लास्टिक बैग और बोतल में रखा था। वह पांचवीं मंजिल की सीढ़ियों के पास इंतजार करता रहा। करीब 12:30 बजे मार्केट काफी हद तक खाली हो गया, जिसके बाद वह छठी मंजिल पर पहुंचा।CCTV फुटेज में एक व्यक्ति चेहरे पर सफेद रूमाल बांधे और कंधे पर बैग लटकाए मार्केट में जाता दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी व्यक्ति की पहचान बाद में सावले के रूप में हुई। जांच में आरोप है कि उसने दुकान के बाहर रखे कपड़ों के बॉक्स और पार्सलों पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। कपड़ों की बड़ी मात्रा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास की दुकानों तक पहुंच गई।
श्याम संगिनी मार्केट में उस समय बड़ी मात्रा में साड़ियों और ड्रेस मटेरियल के पार्सल रखे हुए थे। पहले सामने आए CCTV और पुलिस जांच के मुताबिक, आग का असर छठी मंजिल से पांचवीं मंजिल तक भी पहुंचा। फायर ब्रिगेड को रात करीब 12:50 बजे आग की सूचना मिली थी और आग पर पूरी तरह काबू पाने में कई घंटे लगे। अलग-अलग रिपोर्टों में ऑपरेशन की अवधि को लेकर अंतर है, जबकि पुलिस के ताजा विवरण में करीब 38 घंटे की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।

1,500 से ज्यादा CCTV कैमरों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

आग के बाद सरोली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद सूरत क्राइम ब्रांच ने मार्केट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, 'विश्वास प्रोजेक्ट' फेज-2 के तहत लगाए गए 1,500 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई।जांच में आरोपी के मार्केट में आने से लेकर बाहर निकलने तक के रास्ते को ट्रैक किया गया। पुलिस ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड ट्रैकिंग के जरिए अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़ा। इसी CCTV ट्रेल से पुलिस सावले तक पहुंची। शुरुआती फुटेज में चेहरा ढका होने के बावजूद दूसरे स्थानों के कैमरों से उसकी गतिविधियों को जोड़कर पहचान की गई।
पुलिस के अनुसार, आग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद सावले ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। इसके बाद वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सूरत से निकल गया। पुलिस ने बताया कि वह पहले राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर गया और फिर अयोध्या पहुंचा।
कुछ समय बाद उसके सूरत लौटने की जानकारी पुलिस को मिली। गणपति सुरक्षा व्यवस्था में तैनात क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना के आधार पर डिंडोली के फ्लावर गार्डन के पास उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे सरोली पुलिस के हवाले किया गया।

₹10 हजार के विवाद से ₹24 करोड़ के नुकसान तक पहुंचा मामला

सूरत के एडिशनल पुलिस कमिश्नर करणराज वाघेला के मुताबिक, आग से कुल नुकसान का अनुमान करीब ₹25 करोड़ तक लगाया गया है, जबकि पुलिस जांच में नष्ट हुए टेक्सटाइल सामान की कीमत करीब ₹24 करोड़ बताई गई है। पुलिस के अनुसार करीब 14 दुकानें आग की चपेट में आईं। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में प्रभावित दुकानों की संख्या अलग बताई गई है, इसलिए यहां पुलिस के ताजा विवरण के मुताबिक 14 दुकानों का आंकड़ा लिया गया है।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पेट्रोल किस तरह खरीदा गया और पेट्रोल पंप की भूमिका में कोई लापरवाही हुई या नहीं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने देवध गांव के एक पेट्रोल पंप से करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा था। इस खरीद से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल पर दोबारा ले जाकर पूरी घटना का रिकंस्ट्रक्शन भी कराया। इस दौरान वह हाथ जोड़कर खड़ा दिखाई दिया। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और कथित साजिश तथा पेट्रोल खरीद से जुड़े बाकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इस मामले में एक जरूरी बात यह है कि उपलब्ध पुलिस और मीडिया रिपोर्टों में आरोपी की गिरफ्तारी, पूछताछ और घटनास्थल के रिकंस्ट्रक्शन की जानकारी है, लेकिन किसी औपचारिक न्यायिक स्वीकारोक्ति या अदालत में दिए गए कबूलनामे की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे आरोपी का 'कबूलनामा' बताने के बजाय पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के तौर पर देखना ज्यादा सही है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

सूरत में Employee ने Boss की Shop में आग क्यों लगाई?

पुलिस के अनुसार, पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले का अपने पूर्व नियोक्ता से करीब ₹10 हजार के भुगतान को लेकर विवाद था। इसी विवाद और नौकरी के दौरान हुए मतभेद के बाद उसने कथित तौर पर आग लगाने की योजना बनाई। यह पुलिस जांच में सामने आया आरोप है।

इस Fire Incident में कितना नुकसान हुआ?

पुलिस के अनुसार, आग में करीब ₹24 करोड़ का टेक्सटाइल सामान नष्ट हुआ। एडिशनल पुलिस कमिश्नर करणराज वाघेला ने कुल नुकसान का अनुमान करीब ₹25 करोड़ बताया है। करीब 14 दुकानें प्रभावित होने की बात पुलिस ने कही है।

Employee ने कितने रुपये के लिए Shop में आग लगाई?

पुलिस के मुताबिक, विवाद करीब ₹10 हजार के भुगतान को लेकर था। आरोपी का दावा था कि नौकरी छोड़ने के बाद यह रकम उसे मिलनी बाकी थी।

Surat Shop Fire Case में Police ने क्या कार्रवाई की?

सरोली पुलिस ने पहले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने 1,500 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की। विनोद सावले को सूरत के डिंडोली इलाके में गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच के लिए सरोली पुलिस को सौंप दिया गया।

आरोपी Employee ने आग लगाने की बात कब और कैसे कबूल की?

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की और घटनास्थल पर रिकंस्ट्रक्शन कराया। कुछ रिपोर्टों में पूछताछ के दौरान उसके अपराध की बात स्वीकार करने का उल्लेख है, लेकिन औपचारिक न्यायिक कबूलनामे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे पुलिस जांच में सामने आए बयान के रूप में ही रिपोर्ट करना उचित है।

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