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UK Air Traffic Control Glitch : एक सिस्टम फेल और 1300 उड़ानें रद्द, ब्रिटेन के एयरपोर्ट्स पर मचा हड़कंप - जानिए क्या है मामला?

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी से करीब 1,300 उड़ानें रद्द हुईं। हीथ्रो समेत कई एयरपोर्ट प्रभावित रहे। एनएटीएस ने समस्या ठीक कर दी, लेकिन बैकलॉग जारी रहा। एयरलाइंस ने सिस्टम की विश्वसनीयता और एनएटीएस प्रबंधन पर सवाल उठाए।

UK Air Traffic Control Glitch : एक सिस्टम फेल और 1300 उड़ानें रद्द, ब्रिटेन के एयरपोर्ट्स पर मचा हड़कंप - जानिए क्या है मामला?

UK Air Traffic Control Glitch: ब्रिटेन में मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को चलाने वाली संस्था एनएटीएस में आई तकनीकी समस्या के चलते ब्रिटेन के कई बड़े एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द, लेट और डायवर्ट करनी पड़ीं।फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार24 के मुताबिक ब्रिटेन आने-जाने वाली करीब 1,300 उड़ानें रद्द हुईं। लंदन के हीथ्रो और गैटविक के अलावा मैनचेस्टर, लिवरपूल, बर्मिंघम और एडिनबर्ग एयरपोर्ट भी प्रभावित हुए। पड़ोसी आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट पर भी दर्जनों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

NATS ने कहा- सिस्टम की खराबी ठीक, लेकिन उड़ानों का बैकलॉग बाकी

NATS के मुताबिक खराबी उसके फ्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में आई थी। शाम तक संस्था ने बताया कि तकनीकी समस्या ठीक कर दी गई है और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सामान्य रूप से काम कर रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित होने के कारण पूरा बैकलॉग साफ करने में समय लगेगा।एनएटीएस ने कहा कि सिस्टम की समस्या के बाद हालात सामान्य करने में उम्मीद से ज्यादा समय लगा। संस्था ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी।
ब्रिटेन के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट हीथ्रो ने मंगलवार के बाकी समय के लिए सभी आने वाली उड़ानों को रोक दिया, जबकि जाने वाली उड़ानें जारी रहीं। समस्या के कारण कई विमान और उनके क्रू अपनी तय जगह पर नहीं पहुंच पाए, जिससे एयरलाइंस को उड़ानें रद्द करने, देरी करने या दूसरे एयरपोर्ट पर भेजने का फैसला लेना पड़ा।

ब्रिटिश एयरवेज और एयर इंडिया की उड़ानें भी प्रभावित

इस तकनीकी खराबी का असर कई बड़ी एयरलाइंस पर पड़ा। ब्रिटिश एयरवेज ने 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द या डायवर्ट कीं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए।रायनएयर ने बताया कि उसके करीब 65,000 यात्री प्रभावित हुए और 50 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बाद में कंपनी ने कहा कि उसके करीब 1.5 लाख यात्रियों पर असर पड़ा और 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
फ्लाइटरडार24 के अनुसार लंदन में बुधवार को भी 177 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं।
एयर इंडिया ने भी यात्रियों को चेतावनी दी कि इस घटना का असर उसकी कुछ उड़ानों पर पड़ सकता है। एयरक्राफ्ट और क्रू के अपनी जगह से हट जाने के कारण परिचालन प्रभावित हुआ। एयर इंडिया ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस जांचने की सलाह दी।
ईजीजेट की 218, केएलएम की 37, यूरोविंग्स की 22 और रायनएयर की 41 उड़ानें भी रद्द होने की जानकारी सामने आई।

आर्सेनल की टीम की उड़ान भी लेट हुई

एयर ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या का असर फुटबॉल क्लब आर्सेनल पर भी पड़ा। टीम की चैंपियंस लीग स्क्वॉड को बुधवार को नेपोली के खिलाफ मैच खेलने के लिए नेपल्स जाना था।उड़ान में देरी के कारण टीम को अपनी तय प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द करनी पड़ी।

2023 में भी सामने आई थी ऐसी बड़ी समस्या

ताजा घटना के बाद ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की क्षमता और विश्वसनीयता पर फिर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले पिछले साल जुलाई में रडार से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण ब्रिटेन के कई बड़े एयरपोर्ट पर चार घंटे से ज्यादा समय तक उड़ानों में परेशानी हुई थी।इससे भी बड़ी समस्या 2023 में सामने आई थी। उस समय ऑटोमैटिक फ्लाइट-प्लान प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द और लेट हुई थीं। इस घटना से 7 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए थे।

रायनएयर ने NATS चीफ को हटाने की मांग की

ताजा घटना के बाद एयरलाइंस ने एनएटीएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। रायनएयर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नील मैकमोहन ने एनएटीएस के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्टिन रोल्फ को पद से हटाने की मांग की।वहीं, विज एयर ने भी एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। रायनएयर ने ब्रिटेन सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि यात्रियों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए।

NATS को खुद नहीं पता आखिर खराबी कैसे हुई

ब्रिटेन की ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी हेदी एलेक्जेंडर ने कहा कि वह इस घटना की जांच और देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की सुरक्षा व क्षमता को लेकर एनएटीएस से जवाब मांग रही हैं।NATS के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्टिन रोल्फ ने कहा कि संस्था ने अभी तक यह पता नहीं लगाया है कि सिस्टम में खराबी की असली वजह क्या थी। उन्होंने कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि वह एनएटीएस से इस घटना पर पूरी रिपोर्ट मांगेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को ज्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए आगे कोई अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है या नहीं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

UK Flights Cancelled क्यों हुईं?

ब्रिटेन में उड़ानें इसलिए रद्द हुईं क्योंकि देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रदाता एनएटीएस के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। इससे विमानों की आवाजाही को सामान्य तरीके से मैनेज करना मुश्किल हो गया और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या लेट करनी पड़ीं।

1300 UK Flights Cancelled होने के पीछे क्या कारण है?

एनएटीएस के फ्लाइट डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी समस्या के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। शुरुआत में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं, लेकिन सिस्टम ठीक होने तक रद्द और लेट उड़ानों की संख्या बढ़ती गई। इसके बाद विमानों और क्रू के अपनी निर्धारित जगह पर न होने से बैकलॉग और बढ़ गया।

UK Air Traffic Control Glitch से कौन से airports प्रभावित हुए?

हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड, बर्मिंघम, एडिनबर्ग, ल्यूटन, ग्लासगो और एबरडीन समेत कई ब्रिटिश एयरपोर्ट प्रभावित हुए। आयरलैंड का डबलिन एयरपोर्ट भी इस समस्या से प्रभावित रहा।

NATS Technical Issue ने UK Flight Cancellations को कैसे बढ़ाया?

तकनीकी खराबी के दौरान एयर ट्रैफिक की क्षमता सीमित करनी पड़ी। इससे उड़ानों में देरी और रद्दीकरण शुरू हुए। बाद में कई विमान और क्रू गलत जगह फंस गए, इसलिए सिस्टम ठीक होने के बाद भी एयरलाइंस तुरंत सामान्य शेड्यूल पर नहीं लौट सकीं और बैकलॉग बना रहा।

Heathrow Flight Disruption कब तक जारी रही?

एनएटीएस ने शाम तक सिस्टम की खराबी ठीक कर दी थी, लेकिन हीथ्रो पर इसका असर उसके बाद भी रहा। मंगलवार रात तक आने वाली उड़ानें रोक दी गई थीं, जबकि जाने वाली उड़ानें चल रही थीं। बुधवार को भी रद्द और लेट उड़ानों का असर जारी रहा।

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