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Swatantra Bharadwaj arrest: जंतर-मंतर मारपीट मामले में बड़ा मोड़, पुलिस पहुंची तो फरार मिला स्वतंत्र भारद्वाज; पुलिस कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?

जंतर-मंतर मारपीट मामले में CJP ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की। निशु आजाद के मुताबिक पुलिस ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। पुलिस ने चोट को मामूली बताया, जबकि भारद्वाज ने घटना को आत्मरक्षा बताया है

Swatantra Bharadwaj arrest: जंतर-मंतर मारपीट मामले में बड़ा मोड़, पुलिस पहुंची तो फरार मिला स्वतंत्र भारद्वाज; पुलिस कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?

Swatantra Bharadwaj arrest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जून में हुए कथित मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को Cockroach Janta Party (CJP) के कार्यकर्ता और नेताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर कथित तौर पर नाबालिग एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की। निशु आजाद ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया है कि भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से उपलब्ध आधिकारिक बयान में अब तक यह कहा गया है कि मामले में भारद्वाज और एक अन्य आरोपी से पूछताछ की जा चुकी है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे चार्जशीट दाखिल की जाएगी। विवाद के बीच ताजा रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पुलिस की एक टीम भारद्वाज को पकड़ने के लिए बुलंदशहर पहुंची थी, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गया। इससे 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल और बढ़ गए हैं।

जंतर-मंतर की पुरानी घटना से फिर गरमाया मामला

मामला 23 जून 2026 का है। उस दिन जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार, जो गाजियाबाद के रहने वाले हैं, एक झड़प में घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उनके सिर पर चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से लगी थी। पुलिस ने कहा कि RML अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद चोटों को डॉक्टरों ने ‘simple in nature’ यानी मामूली प्रकृति की बताया था।इस घटना के बाद संजय कुमार की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई और Parliament Street Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार, मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को नोटिस देकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है और सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

वायरल पॉडकास्ट के बाद गिरफ्तारी की मांग तेज

मामला कई हफ्तों बाद तब दोबारा चर्चा में आया, जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार को पीटने और उनके सिर पर चोट लगने को लेकर टिप्पणी की थी। वायरल क्लिप में उनके द्वारा ‘स्कल क्रैक’ करने जैसी बात कहे जाने का दावा किया गया, जिसके बाद CJP और अन्य लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।

CJP का आरोप है कि भारद्वाज खुले तौर पर घटना की बात कर रहे हैं, फिर भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। संगठन ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए मामले में कड़ी धाराएं लगाने की मांग की है।CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका समेत अन्य लोगों ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर आजाद भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से भारद्वाज की गिरफ्तारी के साथ मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।

निशु ने कहा- मुझे रेप की धमकियां मिलीं

प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद ने कहा कि इस घटना का उन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारद्वाज के समर्थकों की ओर से उन्हें गालियां दी गईं और रेप की धमकियां भी भेजी गईं। निशु के मुताबिक, उन्होंने इन धमकियों को लेकर अलग FIR भी दर्ज कराई है।

निशु ने कहा कि घटना के बाद वह कई हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकीं और उन्हें लगा कि लोग उन्हें अलग नजर से देख रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस अब कार्रवाई करेगी और उन्हें आगे ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।CJP ने पुलिस के सामने यह भी सवाल उठाया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे लोग अब तक खुले तौर पर क्यों घूम रहे हैं। संगठन ने कहा कि वह संजय कुमार और निशु आजाद को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाए रखेगा।

पुलिस ने कहा- खोपड़ी टूटने की बात गलत

प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद ने कहा कि इस घटना का उन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारद्वाज के समर्थकों की ओर से उन्हें गालियां दी गईं और रेप की धमकियां भी भेजी गईं। निशु के मुताबिक, उन्होंने इन धमकियों को लेकर अलग FIR भी दर्ज कराई है।निशु ने कहा कि घटना के बाद वह कई हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकीं और उन्हें लगा कि लोग उन्हें अलग नजर से देख रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस अब कार्रवाई करेगी और उन्हें आगे ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
CJP ने पुलिस के सामने यह भी सवाल उठाया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे लोग अब तक खुले तौर पर क्यों घूम रहे हैं। संगठन ने कहा कि वह संजय कुमार और निशु आजाद को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाए रखेगा।

पुलिस ने कहा- खोपड़ी टूटने की बात गलत

वायरल पॉडकास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर फैक्ट चेक जारी किया। DCP New Delhi ने कहा कि संजय कुमार के सिर में चोट जरूर लगी थी, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में चोट को मामूली बताया गया है।पुलिस के अनुसार, चोट कड़े से लगी थी और किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ था। पुलिस ने ‘खोपड़ी टूटने’ या ‘स्कल क्रैक’ होने की बात को MLC के आधार पर गलत और तथ्यों से समर्थित नहीं बताया। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में राजनीतिक प्रभाव या हस्तक्षेप के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
यानी इस मामले में दो अलग दावे सामने हैं। CJP और निशु आजाद पक्ष का आरोप है कि संजय कुमार पर गंभीर हमला हुआ और आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, जबकि दिल्ली पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर चोट को मामूली बता रही है।

भारद्वाज बोले- हमला नहीं, self-defence था

स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए घटना को self-defence यानी आत्मरक्षा बताया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि भीड़ उन्हें पीट सकती है या मार सकती है।भारद्वाज ने कहा कि जिस घटना को हमला बताया जा रहा है, वह खुद को बचाने की कोशिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्होंने अपना बचाव नहीं किया होता तो उन्हें भीड़ द्वारा पीटकर मार दिया जा सकता था।
वायरल पॉडकास्ट को लेकर भी भारद्वाज ने सफाई दी है। उन्होंने क्लिप को फर्जी बताया और दावा किया कि उसमें राजनीतिक संपर्कों को लेकर की गई कुछ टिप्पणियां व्यंग्य के तौर पर कही गई थीं। इसलिए मामले में उनकी भूमिका और वायरल क्लिप में कही गई बातों को लेकर अंतिम स्थिति जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

72 घंटे में गिरफ्तारी का दावा, लेकिन पुलिस ने क्या कहा?

शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद निशु आजाद ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया है कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। CJP नेताओं ने भी इसी assurance के आधार पर पुलिस से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।हालांकि दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान में गिरफ्तारी की ऐसी समय-सीमा की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने कहा है कि दोनों आरोपियों को नोटिस देकर पूछताछ की जा चुकी है, कानूनी कार्रवाई की गई है और जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
इसके बाद सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की टीम भारद्वाज को पकड़ने के लिए बुलंदशहर पहुंची, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही भारद्वाज वहां से निकल गया। ऐसे में अब पुलिस के सामने उनकी गिरफ्तारी और जांच को आगे बढ़ाने की चुनौती है।

CJP ने हत्या की कोशिश की धारा लगाने की मांग की

CJP नेताओं का कहना है कि मौजूदा FIR में और सख्त धाराएं जोड़ी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने attempt to murder यानी हत्या की कोशिश से जुड़ी धारा लगाने की मांग की है। इसके अलावा कुछ CJP प्रतिनिधियों ने SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग भी उठाई है।आशुतोष रांका ने पुलिस से मामले को और गंभीर धाराओं में दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि अगर आरोपी खुले तौर पर घटना की बात कर रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। CJP ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जांच में पर्याप्त तेजी नहीं दिखाई गई।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और राजनीतिक प्रभाव या हस्तक्षेप की बात गलत है।

मामला अब गिरफ्तारी से आगे जांच पर टिका

इस पूरे विवाद में फिलहाल तीन बातें सबसे महत्वपूर्ण हैं। पहली, संजय कुमार की शिकायत पर मामला पहले से दर्ज है और स्वतंत्र भारद्वाज समेत दो लोगों से पूछताछ हो चुकी है। दूसरी, मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक संजय कुमार की चोट को पुलिस ने मामूली बताया है। तीसरी, CJP अब गिरफ्तारी और सख्त धाराओं की मांग कर रहा है, जबकि भारद्वाज घटना को आत्मरक्षा बता रहे हैं।इसलिए Swatantra Bharadwaj arrest को लेकर शुक्रवार को 72 घंटे की assurance की बात सामने आई है, लेकिन इसे अभी पुलिस की आधिकारिक गिरफ्तारी-समय सीमा के रूप में नहीं माना जा सकता। आगे की स्थिति पुलिस की कार्रवाई, जांच और अदालत में दाखिल होने वाली चार्जशीट पर निर्भर करेगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Swatantra Bharadwaj Jantar Mantar Assault case क्या है और विवाद कैसे शुरू हुआ?

23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार को झड़प में सिर पर चोट लगी थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ और स्वतंत्र भारद्वाज समेत दो लोगों से पूछताछ हुई। बाद में भारद्वाज के वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद विवाद फिर बढ़ गया।

Delhi Police Swatantra Bharadwaj को 72 hours के अंदर arrest करने की assurance क्यों दे रही है?

निशु आजाद के मुताबिक, शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि भारद्वाज को 72 घंटे में गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान में इस समय-सीमा की अलग से पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी है।

Swatantra Bharadwaj arrest की मांग CJP protest में क्यों की जा रही है?

CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर संजय कुमार के साथ मारपीट की और वायरल पॉडकास्ट में इस घटना को लेकर गंभीर टिप्पणी की। संगठन का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और FIR में कड़ी धाराएं लगनी चाहिए।

Jantar Mantar assault case में Nishu Azad के father Sanjay Kumar के साथ क्या हुआ?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 23 जून को झड़प के दौरान संजय कुमार के सिर पर कड़े से चोट लगी थी। RML अस्पताल की मेडिकल जांच में चोटों को मामूली प्रकृति का बताया गया। पुलिस ने खोपड़ी टूटने की बात को MLC के आधार पर गलत बताया है।

Swatantra Bharadwaj arrest within 72 hours को लेकर Delhi Police ने क्या assurance दिया है?

निशु आजाद और CJP के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। लेकिन पुलिस के आधिकारिक बयान में गिरफ्तारी की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। पुलिस ने कहा है कि भारद्वाज और दूसरे आरोपी से पूछताछ हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

CJP protest Delhi में protesters ने Swatantra Bharadwaj के खिलाफ कौन-सी कार्रवाई की मांग की?

CJP ने भारद्वाज की गिरफ्तारी के साथ मामले में हत्या की कोशिश जैसी सख्त धाराएं लगाने की मांग की। संगठन के प्रतिनिधियों ने SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

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