Surendra Koli Suicide: Nithari कांड के आरोपी का Haridwar में ऐसा हुआ अंत, कुछ महीने पहले ही Supreme Court ने किया था बरी
Nithari Case के आरोपी रहे Surendra Koli का Haridwar में शव मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या की जांच कर रही है। खास बात यह है कि नवंबर 2025 में Supreme Court ने उसे आखिरी लंबित मामले में बरी किया था।
Surendra Koli Suicide की खबर ने 2006 के बहुचर्चित Nithari killings case को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। निठारी कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रहे सुरेंद्र कोली का शुक्रवार को हरिद्वार में शव मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में मौत को आत्महत्या माना जा रहा है, हालांकि इसके पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।कोली की मौत ऐसे समय हुई है जब पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी से जुड़े उसके आखिरी लंबित मामले में भी उसकी सजा और दोषसिद्धि को रद्द कर उसे बरी कर दिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आया था।
Surendra Koli Suicide: Haridwar में आखिर क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक, Surendra Koli Haridwar के भूपतवाला इलाके में रह रहा था। शुक्रवार को उसका शव एक चाय की दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत की परिस्थितियों की पुष्टि हो सके।रिपोर्टों के मुताबिक, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस ने कहा है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच अभी जारी है। मौके से किसी suicide note की जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या सामने आया मौत का कारण?
अभी तक पुलिस ने Surendra Koli Death Haridwar के पीछे कोई निश्चित कारण सार्वजनिक नहीं किया है। कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग संभावनाओं का उल्लेख है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी कारण को तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।फिलहाल जांच का फोकस घटनास्थल, पोस्टमार्टम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने पर है।
Surendra Koli Nithari Case में कैसे आया था नाम?
Surendra Koli Nithari Case से जुड़ा मामला 2006 में सामने आया था। नोएडा के निठारी इलाके में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले के पास मानव अवशेष मिलने के बाद कई बच्चों और महिलाओं के लापता होने तथा उनकी मौत से जुड़े मामलों की जांच शुरू हुई थी।कोली पंढेर के यहां घरेलू सहायक के रूप में काम करता था और जांच के दौरान उसे तथा पंढेर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कोली के खिलाफ कई अलग-अलग मामलों में मुकदमे चले और कुछ मामलों में उसे दोषी ठहराते हुए मौत की सजा भी सुनाई गई थी।हालांकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तस्वीर बदली। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2023 में 12 मामलों में कोली और पंढेर को बरी किया था। इसके बाद ये मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे।
Supreme Court ने Surendra Koli को क्यों किया था बरी?
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी से जुड़े आखिरी लंबित मामले में कोली की curative petition स्वीकार की और उसकी conviction को रद्द कर दिया। यह मामला किशोरी रिम्पा हलदार की हत्या से जुड़ा था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस evidentiary foundation पर conviction टिकी थी, उसके संबंध में अदालत पहले ही companion cases में महत्वपूर्ण निष्कर्ष दे चुकी थी। कोर्ट ने अंततः कोली को संबंधित आरोपों से बरी करते हुए उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया, यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो।इस फैसले के साथ कोली के खिलाफ निठारी से जुड़े आखिरी लंबित मामले में भी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई थी।
Nithari Killings Case की कहानी फिर क्यों चर्चा में?
Nithari Killings Case देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में रहा। 2006 में निठारी में मानव अवशेष मिलने के बाद महिलाओं और बच्चों के लापता होने से जुड़े मामलों ने व्यापक ध्यान खींचा था।कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया, लेकिन बाद में उसकी कई convictions अदालतों में टिक नहीं सकीं। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद वह जेल से बाहर आया और बाद में हरिद्वार में रहने लगा।अब उसकी मौत ने एक बार फिर करीब दो दशक पुराने इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि वर्तमान मौत की परिस्थितियों और किसी संभावित कारण पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
निष्कर्ष
Surendra Koli Suicide मामले में पुलिस की शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन मौत की वजह और पूरी परिस्थितियां अभी जांच के दायरे में हैं। खास बात यह है कि कोली की मौत उसके Nithari Case के आखिरी मामले में Supreme Court से बरी होने और जेल से रिहा होने के कुछ ही महीनों बाद हुई है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
सुरेंद्र कोली की Haridwar में मौत कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, उसका शव भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है।
Surendra Koli को Nithari Killings Case में मुख्य आरोपी क्यों बनाया गया था?
वह मोनिंदर सिंह पंढेर के यहां घरेलू सहायक था और निठारी में महिलाओं व बच्चों के लापता होने और मौत से जुड़े मामलों की जांच में उसका नाम सामने आया था।
Surendra Koli Haridwar में क्या कर रहा था?
जेल से रिहाई के बाद वह हरिद्वार में रह रहा था और रिपोर्टों के मुताबिक चाय की दुकान चला रहा था।
क्या Surendra Koli को Supreme Court ने Nithari Case में बरी कर दिया था?
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ निठारी से जुड़े आखिरी लंबित मामले में conviction रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था।
Surendra Koli की मौत के मामले में Haridwar Police क्या जांच कर रही है?
पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और forensic जांच के जरिए मौत की पुष्टि और उससे जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा रहा है।