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Asian Games से पहले राजस्थान की Wushu खिलाड़ी Divyanshi Chaudhary क्यों हुईं बाहर ? Selection पर उठे गंभीर सवाल !

राजस्थान की वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का Asian Games 2026 के लिए पहले चयन हुआ था। अब उनका नाम अंतिम भारतीय टीम से हटा दिया गया है। उनकी जगह रोशिबीना देवी को शामिल किया गया है। दिव्यांशी ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं जबकि फेडरेशन ने मेडिकल फिटनेस को वजह बताया है।

Asian Games से पहले राजस्थान की Wushu खिलाड़ी Divyanshi Chaudhary क्यों हुईं बाहर ? Selection पर उठे गंभीर सवाल !

Asian Games 2026 से पहले क्या है पूरा मामला ?

Asian Games 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम में राजस्थान की दिव्यांशी चौधरी का चयन पहले महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में हुआ था। वह इस उपलब्धि के साथ राजस्थान से Asian Games के लिए चुनी जाने वाली पहली वुशु खिलाड़ी बनी थीं। हालांकि Games शुरू होने से कुछ दिन पहले उनका नाम अंतिम टीम से हटा दिया गया। उनकी जगह अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबीना देवी को शामिल किया गया है।दिव्यांशी ने इस फैसले के बाद एक भावुक वीडियो जारी कर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। दूसरी ओर Wushu Association of India ने उनके बाहर होने की वजह मेडिकल फिटनेस को बताया है।

दिव्यांशी चौधरी का Asian Games के लिए चयन कैसे हुआ था ?

दिव्यांशी चौधरी ने Asian Games 2026 के लिए हुए चयन ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर अपनी जगह बनाई थी। जून 2026 में श्रीनगर में हुए अंतिम ट्रायल में उन्होंने 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में मणिपुर की भूमिका देवी को हराया था। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकीं रोशिबीना देवी के खिलाफ भी मुकाबला किया। दिव्यांशी के चयन की जानकारी सामने आने के समय रिपोर्ट्स में बताया गया था कि Wushu Federation of India ने पूरे साल अलग-अलग चरणों में ट्रायल आयोजित किए थे। अंतिम चयन ट्रायल 5 से 8 जून के बीच श्रीनगर में हुआ था।

फिर दिव्यांशी को टीम से बाहर क्यों किया गया ?

मामले में सबसे बड़ा सवाल चयन के बाद उनकी फिटनेस को लेकर है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीनगर कैंप के दौरान दिव्यांशी के कंधे में चोट लगी थी। इसके बाद Sports Authority of India यानी SAI की ओर से मेडिकल जांच की गई। Wushu Association of India के अनुसार SAI की मेडिकल रिपोर्ट में दिव्यांशी को Asian Games के लिए फिट नहीं माना गया और उन्हें आराम की सलाह दी गई। इसी मेडिकल आकलन के आधार पर उनकी जगह रोशिबीना देवी को टीम में शामिल किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक दिव्यांशी को पहले टीम किट भी मिल चुकी थी और उनके टिकट तक बुक हो चुके थे। वह दिल्ली में टीम के विदाई कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं।

दिव्यांशी चौधरी ने Selection Process पर क्या सवाल उठाए ?

टीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि उन्होंने चयन ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन किया था और इसी आधार पर टीम में जगह बनाई थी। दिव्यांशी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ट्रायल के दौरान रोशिबीना देवी को दो बार हराया था। हालांकि यह उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट्स में नहीं हुई है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि चयन के बाद जब वह राष्ट्रीय कैंप में तैयारी कर रही थीं तो बाद में मेडिकल फिटनेस के आधार पर उनका नाम क्यों हटाया गया।

दिव्यांशी और रोशिबीना देवी के बीच क्या है विवाद ?

इस विवाद का एक अहम हिस्सा दिव्यांशी और रोशिबीना देवी के बीच हुआ मुकाबला है। दोनों खिलाड़ी महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग से जुड़ी हैं और इसी वर्ग में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने को लेकर मामला सामने आया है। दिव्यांशी का कहना है कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबीना को हराकर अपनी जगह बनाई थी। अब अंतिम टीम में रोशिबीना को शामिल किए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि चयन के बाद बदले गए फैसले का आधार क्या था। हालांकि केवल इस घटनाक्रम के आधार पर चयन में पक्षपात या किसी गड़बड़ी को साबित नहीं माना जा सकता।

कंधे की चोट को लेकर क्या आरोप है ?

दिव्यांशी और उनके पिता की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि श्रीनगर कैंप के दौरान लगी कंधे की चोट सामान्य नहीं थी और इसके पीछे रोशिबीना का हाथ था। यह एक गंभीर आरोप है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। Wushu Association ने इस आरोप को खारिज किया है। फेडरेशन की ओर से कहा गया कि वुशु एक कॉन्टैक्ट स्पोर्ट है और मुकाबलों या प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को चोट लगना संभव है। इसलिए इस दावे को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।

Wushu Association of India ने क्या कहा ?

Wushu Association of India का मुख्य पक्ष मेडिकल फिटनेस को लेकर है। फेडरेशन के अनुसार SAI की मेडिकल रिपोर्ट में दिव्यांशी को Asian Games के लिए फिट नहीं माना गया था और आराम की सलाह दी गई थी। यानी फेडरेशन के अनुसार अंतिम टीम में बदलाव का आधार चयन ट्रायल का प्रदर्शन नहीं बल्कि बाद में सामने आई चोट और मेडिकल आकलन था।

दिव्यांशी चौधरी कौन हैं ?

दिव्यांशी चौधरी राजस्थान के कोटा की रहने वाली वुशु खिलाड़ी हैं और Mahabali Sports Academy में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्होंने करीब 2017 से वुशु की ट्रेनिंग शुरू की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह राजस्थान के लिए अलग-अलग स्तरों पर 12 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2024 Junior World Wushu Championship में कांस्य पदक भी हासिल किया था। जून 2026 में चीन में हुए एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उनके रजत पदक जीतने की भी जानकारी सामने आई थी।Asian Games के लिए चयन के दौरान उन्होंने अपना वजन भी काफी कम किया था और लंबे समय तक कैंप तथा ट्रायल की तैयारी की थी।

Asian Games 2026 कब होंगे ?

Asian Games 2026 का आयोजन जापान के Aichi-Nagoya में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होना है। भारत ने इन Games के लिए 503 सदस्यीय दल भेजा है।
वुशु प्रतियोगिताएं Games के शुरुआती दिनों में आयोजित की जानी हैं। ऐसे में भारतीय टीम में अंतिम समय पर हुआ यह बदलाव खास चर्चा का विषय बन गया है।

Asian Games 2026 में भारत की Wushu Team में अब कौन-कौन हैं ?

दिव्यांशी के स्थान पर रोशिबीना देवी को महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में शामिल किया गया है। भारतीय वुशु टीम में अब पुरुष और महिला वर्ग के ये खिलाड़ी शामिल हैं:• रोशिबीना देवी — महिला 60 किलोग्राम सांडा
• अपरना — महिला 52 किलोग्राम सांडा
• न्येमन वांगसू — महिला चांगक्वान
• लैंगलेंटोम्बी देवी हंजाबाम — महिला नानक्वान और नानदाओ
• आर्यन सूद — पुरुष 56 किलोग्राम सांडा
• विक्रांत बालियान — पुरुष 75 किलोग्राम सांडा
• सूरज सिंह मायांगलम्बम — पुरुष चांगक्वान
रोशिबीना देवी पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2022 Asian Games में रजत पदक जीत चुकी हैं।

मामले ने इतना तूल क्यों पकड़ा ?

इस मामले की चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं हुई कि एक खिलाड़ी को अंतिम समय पर टीम से बाहर किया गया। सवाल यह भी है कि चयन के बाद खिलाड़ी की चोट, मेडिकल जांच और टीम में बदलाव की प्रक्रिया कितनी स्पष्ट थी। दिव्यांशी का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह बनाई थी। दूसरी ओर फेडरेशन का पक्ष है कि मेडिकल फिटनेस के आधार पर अंतिम बदलाव किया गया।दिव्यांशी ने अपने भावुक वीडियो में खुद को बेहद निराश बताया और आत्महत्या का उल्लेख भी किया। इस बयान को उनकी उस समय की भावनात्मक स्थिति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ या उनके पक्ष में किसी चयन संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।

निष्कर्ष

दिव्यांशी चौधरी का मामला भारतीय वुशु में चयन और मेडिकल फिटनेस के फैसलों को लेकर उठे सवालों के कारण चर्चा में है। एक ओर दिव्यांशी अपने ट्रायल प्रदर्शन और राष्ट्रीय कैंप में तैयारी का हवाला दे रही हैं, वहीं Wushu Association of India ने Sports Authority of India की मेडिकल रिपोर्ट को उनके बाहर होने की वजह बताया है। मौजूदा जानकारी में चयन प्रक्रिया में पक्षपात या किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों को तथ्य मानने के बजाय दिव्यांशी के दावों और फेडरेशन के पक्ष दोनों को समझना जरूरी है।Asian Games 2026 की अंतिम भारतीय वुशु टीम में महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग के लिए अब रोशिबीना देवी शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने खिलाड़ियों के चयन, मेडिकल आकलन और फैसलों में पारदर्शिता को लेकर एक अहम चर्चा जरूर छेड़ दी है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

दिव्यांशी चौधरी कौन हैं और उनका Wushu career कैसा रहा है ?

दिव्यांशी चौधरी राजस्थान के कोटा की वुशु खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2017 से प्रशिक्षण शुरू किया और राजस्थान के लिए अलग-अलग स्तरों पर 12 स्वर्ण पदक जीते हैं। वह 2024 Junior World Wushu Championship में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।

Divyanshi Chaudhary Asian Games selection controversy क्या है ?

दिव्यांशी का पहले Asian Games 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम में चयन हुआ था। बाद में कंधे की चोट और SAI की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उनकी जगह रोशिबीना देवी को शामिल किया गया। इसके बाद दिव्यांशी ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

दिव्यांशी चौधरी का नाम Asian Games 2026 Wushu team से क्यों हटाया गया ?

Wushu Association of India के अनुसार SAI की मेडिकल रिपोर्ट में दिव्यांशी को Asian Games के लिए फिट नहीं माना गया था। इसी आधार पर उनकी जगह रोशिबीना देवी को टीम में शामिल किया गया।

दिव्यांशी चौधरी और Roshibina Devi से जुड़ा चयन विवाद क्या है ?

दोनों खिलाड़ी महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग से जुड़ी हैं। दिव्यांशी का दावा है कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबीना को हराया था। बाद में मेडिकल फिटनेस के आधार पर रोशिबीना को अंतिम टीम में शामिल किया गया।

Wushu Association of India ने दिव्यांशी चौधरी के चयन पर क्या कहा ?

फेडरेशन के अनुसार दिव्यांशी को टीम से हटाने का कारण चयन में पक्षपात नहीं बल्कि उनकी मेडिकल फिटनेस थी। Association ने SAI की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें फिट नहीं माना गया था और आराम की सलाह दी गई थी।

Did Divyanshi Chaudhary qualify for Asian Games 2026 ?

दिव्यांशी चौधरी का Asian Games 2026 के लिए पहले चयन हुआ था, लेकिन अंतिम भारतीय वुशु टीम में उनका नाम नहीं है। उनकी जगह रोशिबीना देवी को महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में शामिल किया गया है।

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