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Vanitha Kuwait Case: 50 दिन से खाना नहीं, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली; कुवैत में फंसी वनिता का SOS, भारतीय दूतावास ने कैसे बचाया?

तमिलनाडु की वनिता ने कुवैत में कथित प्रताड़ना, 50 दिनों से खाना नहीं मिलने और दो महीने की सैलरी न मिलने का आरोप लगाया। SOS वीडियो के बाद भारतीय दूतावास ने उन्हें सुरक्षित किया, जबकि मां की शिकायत पर एजेंट के खिलाफ FIR दर्ज हुई।

Vanitha Kuwait Case: 50 दिन से खाना नहीं, 2 महीने की सैलरी नहीं मिली; कुवैत में फंसी वनिता का SOS, भारतीय दूतावास ने कैसे बचाया?

Vanitha Kuwait Case: तमिलनाडु के कल्लाकुरिची की रहने वाली घरेलू कामगार वनिता ने कुवैत से एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की जा रही है, 50 दिनों से उन्हें ठीक से खाना नहीं दिया गया और दो महीने की सैलरी भी नहीं मिली। वीडियो सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने तुरंत हस्तक्षेप किया और वनिता को अपने पास बुला लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि वनिता फिलहाल भारतीय दूतावास में हैं और उनकी सुरक्षा व कल्याण के लिए मदद की जा रही है।

एक वीडियो ने खोला वनिता का दर्द

कल्लाकुरिची जिले की वनिता करीब तीन महीने पहले घरेलू काम के लिए कुवैत गई थीं। उन्होंने बताया कि वहां पहुंचने के बाद हालात खराब होते चले गए। अपने SOS वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नियोक्ता उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और कई दिनों से पर्याप्त खाना भी नहीं दिया जा रहा।वीडियो में वनिता एक छोटे कमरे में सिर पर स्कार्फ रखे नजर आईं। उन्होंने हाथ जोड़कर कल्लाकुरिची की जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से उन्हें बचाने और भारत वापस लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि उनके साथ कुछ गंभीर हो सकता है।
वनिता के मुताबिक, वह तीन महीने पहले रोजगार एजेंट के जरिए कुवैत गई थीं। उनका आरोप है कि पिछले दो महीनों से उन्हें सैलरी नहीं दी गई और 50 दिनों से ज्यादा समय से उन्हें ठीक से खाना भी नहीं मिला।
यहां यह साफ रखना जरूरी है कि प्रताड़ना, भूखे रखने और सैलरी नहीं देने के आरोप वनिता की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

'प्लीज़ मुझे बाहर निकालिए... वे मुझे टॉर्चर करते हैं': कुवैत से मदद की गुहार लगाने के बाद तमिलनाडु की महिला को बचाया गया।
'प्लीज़ मुझे बाहर निकालिए... वे मुझे टॉर्चर करते हैं': कुवैत से मदद की गुहार लगाने के बाद तमिलनाडु की महिला को बचाया गया।

Indian Embassy Kuwait ने तुरंत संभाला मामला

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद मामला तमिलनाडु और केंद्र सरकार के अधिकारियों तक पहुंचा। भारतीय दूतावास ने वनिता से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षित अपने परिसर में पहुंचाया।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि जैसे ही दूतावास को इस मामले की जानकारी मिली, उसने वनिता की मदद के लिए कदम उठाया। उन्होंने बताया कि वनिता फिलहाल भारतीय दूतावास में हैं।
जायसवाल ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए भारत सरकार हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रेस्क्यू के बाद सामने आए एक दूसरे वीडियो में वनिता ने खुद बताया कि वह भारतीय दूतावास में हैं। उन्होंने मदद के लिए दूतावास का धन्यवाद किया और कहा कि अब उन्हें अच्छे कपड़े और खाना मिल रहा है।

परिवार तक ऐसे पहुंची तमिलनाडु पुलिस

वीडियो वायरल होने के बाद तमिलनाडु के अधिकारियों ने वनिता की पहचान की और उनके परिवार तक पहुंचे। कल्लाकुरिची पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और मामले को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी जानकारी जुटाई।वनिता की मां वेन्निला ने जिला प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि रोजगार एजेंट ने उनकी बेटी को कुवैत में घरेलू काम दिलाने के नाम पर धोखा दिया। परिवार के मुताबिक वनिता के एक बेटा और एक बेटी हैं।
मां की शिकायत के बाद कल्लाकुरिची पुलिस ने स्थानीय रोजगार एजेंट के खिलाफ FIR दर्ज की और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कल्लाकुरिची की पुलिस अधीक्षक शहनाज ने NDTV को बताया कि पुलिस ने पुष्टि कर ली है कि वनिता इसी जिले की रहने वाली हैं। अधिकारियों ने उनके परिवार का पता लगा लिया है और शिकायत भी प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि परिवार को संबंधित अधिकारियों से जोड़ा गया है, ताकि वनिता को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

रोजगार एजेंट पर भी शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने उस स्थानीय रोजगार एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिस पर वनिता को कथित तौर पर धोखा देकर कुवैत भेजने का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई वनिता की मां की शिकायत के आधार पर हुई है।फिलहाल मामले में एजेंट की भूमिका को लेकर जांच जारी है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि वनिता के साथ हुई कथित प्रताड़ना के लिए एजेंट या कुवैत में उनके नियोक्ता कानूनी रूप से जिम्मेदार पाए गए हैं। जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी।
वनिता के मामले में अभी सबसे अहम प्राथमिकता उनकी सुरक्षित वापसी और आगे की कानूनी प्रक्रिया है। भारतीय दूतावास उनके मामले को देख रहा है, जबकि तमिलनाडु पुलिस ने भारत में एजेंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

कुवैत में भारतीय घरेलू कामगारों को लेकर मामला गंभीर

वनिता का मामला विदेश में घरेलू काम करने वाले भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े सवाल को भी सामने लाता है। घरेलू कामगार अक्सर निजी घरों में काम करते हैं, जहां उनके काम के घंटे, वेतन और रहने की स्थिति की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।ऐसे मामलों में रोजगार एजेंट की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि विदेश जाने वाले कामगार अक्सर नौकरी, वेतन और काम की वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी एजेंट के जरिए हासिल करते हैं। वनिता की मां ने भी इसी एजेंट पर उनकी बेटी को कथित तौर पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है।
हालांकि, वनिता के मामले में आगे की जांच यह तय करेगी कि कुवैत में उनके साथ वास्तव में क्या हुआ और रोजगार एजेंट की इसमें क्या भूमिका थी।

इसी ब्रीफिंग में कश्मीर पर भी भारत का दो टूक जवाब

विदेश मंत्रालय की इसी ब्रीफिंग में बर्मिंघम के मेयर जाकेर चौधरी की कश्मीर पर कथित टिप्पणी को लेकर भी सवाल पूछा गया। इसके जवाब में रणधीर जायसवाल ने भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।इस बयान का वनिता के मामले से सीधा संबंध नहीं है, लेकिन यह उसी विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के दौरान दिया गया जवाब था।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Indian Embassy Kuwait ने Tamil Nadu Domestic Worker को कैसे rescue किया?

वनिता का SOS वीडियो सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने मामले की जानकारी ली और उन्हें सहायता दी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक वनिता फिलहाल भारतीय दूतावास में हैं। उनके सुरक्षित भारत लौटने के लिए आगे की प्रक्रिया की जा रही है।

Tamil Nadu Woman Kuwait मामले में torture allegations क्या हैं?

वनिता ने आरोप लगाया कि कुवैत में उनके साथ प्रताड़ना की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें 50 दिनों से ज्यादा समय तक पर्याप्त खाना नहीं मिला और पिछले दो महीनों की सैलरी भी नहीं दी गई। ये फिलहाल उनके लगाए हुए आरोप हैं।

Kuwait Domestic Worker Rescue के बाद Vanitha को कहां रखा गया?

रेस्क्यू के बाद वनिता को भारतीय दूतावास में रखा गया है। उन्होंने एक फॉलो-अप वीडियो में खुद बताया कि वह दूतावास में हैं और अब उन्हें खाना और कपड़े मिल रहे हैं।

Indian Embassy Assistance के बाद महिला की safety के लिए क्या कदम उठाए गए?

भारतीय दूतावास ने वनिता को अपने पास रखा और उनकी सुरक्षा व कल्याण के लिए सहायता शुरू की। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद की जाएगी।

Kallakurichi Domestic Worker ने Kuwait में किन समस्याओं का आरोप लगाया?

वनिता ने कथित प्रताड़ना, पर्याप्त खाना नहीं मिलने और दो महीने की सैलरी रोके जाने का आरोप लगाया। उन्होंने वीडियो में कल्लाकुरिची कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से उन्हें भारत वापस लाने की अपील की थी।

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