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Aravalli Panel Extension Rejected: ‘मेरी Retirement का इंतजार है?’ CJI Surya Kant के सवाल से सुप्रीम कोर्ट में क्यों मचा हलचल?

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर बनी हाई-पावर्ड कमेटी को फरवरी 2027 तक समय देने से इनकार कर दिया। CJI Surya Kant की टिप्पणी के बाद रिपोर्ट की नई deadline 30 नवंबर 2026 तय हुई है। कमेटी को सभी stakeholders से consultation के बाद रिपोर्ट देनी होगी।

Aravalli Panel Extension Rejected: ‘मेरी Retirement का इंतजार है?’ CJI Surya Kant के सवाल से सुप्रीम कोर्ट में क्यों मचा हलचल?

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और संरक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। Aravalli Panel Extension Rejected मामले में CJI Surya Kant की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने हाई-पावर्ड कमेटी को छह महीने की अतिरिक्त मोहलत देने से इनकार कर दिया। कमेटी अब 30 नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

Aravalli Panel Extension Rejected क्यों हुई?

हाई-पावर्ड कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 27 फरवरी 2027 तक का समय मांगा था। सुनवाई के दौरान CJI Surya Kant ने इस मांग पर टिप्पणी करते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि कमेटी मेरी Retirement का इंतजार कर रही है।”इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की अतिरिक्त समय-सीमा देने से इनकार कर दिया और कमेटी को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।CJI ने कमेटी से कहा कि तय समय के भीतर काम पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की जाए।

Aravalli Panel की नई Deadline क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट के लिए नई अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 तय की है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को होगी।हालांकि, कोर्ट ने कमेटी को एक अहम राहत भी दी है। अगर पूरी consultation प्रक्रिया उस समय तक पूरी नहीं होती है, तो कमेटी interim report भी दाखिल कर सकती है। इससे पूरी प्रक्रिया को अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना आगे बढ़ाया जा सकेगा।

Aravalli High Powered Committee को क्या करना है?

Aravalli High Powered Committee का मुख्य काम अरावली क्षेत्र की परिभाषा और उसके संरक्षण से जुड़े मुद्दों की व्यापक समीक्षा करना है।CJI Surya Kant ने कमेटी को निर्देश दिया कि अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित पक्षों से व्यापक consultation किया जाए। इसमें राजस्थान और गुजरात की tribal communities समेत उन सभी stakeholders के विचार शामिल करने को कहा गया है, जो अरावली से जुड़े फैसलों से प्रभावित हो सकते हैं।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला सामान्य adversarial litigation की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इसका प्राथमिक उद्देश्य Aravalli Environmental Protection है।

Aravalli Hills Definition पर विवाद क्यों है?

अरावली की सीमा और परिभाषा को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर 2025 के एक आदेश के बाद तेज हुआ था। उस आदेश में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर mining की अनुमति का रास्ता खुला था।इससे अरावली के संरक्षण को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं बढ़ीं। बाद में 29 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी।इसके बाद कोर्ट ने इस पूरे मुद्दे की समीक्षा के लिए expert committee बनाने का निर्देश दिया और केंद्र के साथ अरावली से जुड़े चार राज्यों-राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा से भी जवाब मांगा।

Aravalli Hills Supreme Court Case में अब आगे क्या होगा?

अब कमेटी को तय समय के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके लिए वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाना है।सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 के अपने suo motu आदेश में उठाए गए मुद्दों का भी उल्लेख किया। कोर्ट ने संकेत दिया कि अरावली की परिभाषा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की स्वतंत्र विशेषज्ञ संस्था से दोबारा समीक्षा की जरूरत पड़ सकती है।कमेटी की रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आधार पर आगे अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और संरक्षण से जुड़े फैसलों की दिशा तय हो सकती है।

CJI Surya Kant ने Panel को क्या संदेश दिया?

CJI की टिप्पणी के साथ कोर्ट ने कमेटी को यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि रिपोर्ट तैयार करने में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।हालांकि, कोर्ट ने consultation प्रक्रिया को व्यापक रखने पर जोर दिया है। यानी जल्द रिपोर्ट देने के साथ-साथ सभी प्रभावित पक्षों की राय लेने की जिम्मेदारी भी कमेटी पर है।इस संतुलन को बनाए रखने के लिए interim report का विकल्प भी दिया गया है।

निष्कर्ष

Aravalli Panel Extension Rejected होने के बाद अब हाई-पावर्ड कमेटी के सामने 30 नवंबर 2026 की समय-सीमा है। CJI Surya Kant की सख्त टिप्पणी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अरावली के संरक्षण से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। कमेटी की रिपोर्ट आगे Aravalli Hills Definition और संरक्षण नीति के लिए अहम आधार बन सकती है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Supreme Court ने Aravalli Panel की Extension क्यों Reject की?

कमेटी ने 27 फरवरी 2027 तक का समय मांगा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की अतिरिक्त मोहलत देने से इनकार कर दिया और रिपोर्ट के लिए 30 नवंबर 2026 की नई deadline तय की।

CJI Surya Kant ने Aravalli Panel को क्या कहा?

समय बढ़ाने की मांग पर CJI ने टिप्पणी की कि ऐसा लगता है कि कमेटी उनकी Retirement का इंतजार कर रही है और काम को तय समय में पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करने को कहा।

Aravalli Panel की नई Deadline क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 तय की है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को होगी।

Aravalli Hills Definition को लेकर विवाद क्यों है?

विवाद अरावली की परिभाषा और संरक्षण से जुड़ा है। 2025 के एक सुप्रीम कोर्ट आदेश में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर mining की अनुमति को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं सामने आई थीं।

Aravalli Panel का मुख्य काम क्या है?

कमेटी को अरावली की परिभाषा और संरक्षण से जुड़े वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय और कानूनी पहलुओं की समीक्षा करनी है तथा stakeholders से व्यापक consultation के बाद रिपोर्ट देनी है।

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