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Ashok Soota की कंपनी अब ITC के साथ मिलकर बनाएगी बड़ा IT Powerhouse

ITC Infotech और Happiest Minds Technologies के विलय से करीब Rs 7,033 करोड़ का संयुक्त IT कारोबार बनेगा। डील में प्रमोटर Ashok Soota की 22.1% हिस्सेदारी Rs 1,330 करोड़ में खरीदी जाएगी। विलय के बाद नई कंपनी का लक्ष्य FY28 तक 1 बिलियन dollar सालाना राजस्व हासिल करना है।

Ashok Soota की कंपनी अब ITC के साथ मिलकर बनाएगी बड़ा IT Powerhouse

भारत के IT सेक्टर में एक बड़ी कॉर्पोरेट डील सामने आई है। Happiest Minds ITC Infotech Merger के तहत ITC Infotech और Ashok Soota की Happiest Minds Technologies को एक साथ लाने की योजना बनाई गई है। दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस विलय के बाद करीब Rs 7,033 करोड़ के राजस्व और 19,000 कर्मचारियों वाली एक संयुक्त IT कंपनी तैयार होगी। यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय IT उद्योग में कंपनियां AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार विस्तार कर रही हैं।

Happiest Minds ITC Infotech Merger में क्या हुआ?

प्रस्तावित विलय के तहत ITC Infotech, Happiest Minds के प्रमोटर और प्रमोटर से जुड़ी संस्थाओं से 22.1% हिस्सेदारी दो चरणों में खरीदेगी। इसके लिए कुल करीब Rs 1,330 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। औसतन यह कीमत करीब Rs 395 प्रति शेयर बैठती है। इसके बाद दोनों कंपनियों का कारोबार एक संयुक्त इकाई के रूप में आगे बढ़ेगा। कंपनियों के मुताबिक, यह संयुक्त कारोबार अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, एशिया-प्रशांत और भारत सहित कई प्रमुख बाजारों में मौजूदगी रखेगा। डील को अभी संबंधित नियामकीय मंजूरियों से गुजरना होगा। मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना है।

ITC Infotech और Happiest Minds की ताकतें होंगी एक साथ

इस विलय की सबसे बड़ी खासियत दोनों कंपनियों की अलग-अलग तकनीकी क्षमताओं का एक साथ आना है। Happiest Minds की विशेषज्ञता मुख्य रूप से AI, डिजिटल इंजीनियरिंग, क्लाउड, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में है। वहीं ITC Infotech के पास Enterprise Transformation, SAP, Product Lifecycle Management, Industry 4.0 और Industry-specific technology solutions का मजबूत अनुभव है। इससे संयुक्त कंपनी को ग्राहकों के लिए एक व्यापक technology portfolio उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने इसे दोनों कंपनियों की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाने वाला कदम बताया है। Happiest Minds के संस्थापक और चेयरमैन Ashok Soota ने भी दोनों कंपनियों के कारोबार में महत्वपूर्ण समानता और तालमेल होने की बात कही है।

Rs 1,330 करोड़ की डील और शेयरहोल्डिंग का पूरा गणित

Happiest Minds Merger 2026 में शेयर स्वैप का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्ताव के अनुसार, Happiest Minds के शेयरधारकों को उनके हर 81 शेयरों के बदले ITC Infotech के 25 शेयर मिलेंगे। विलय के बाद:

  • ITC संयुक्त कंपनी में करीब 73.4% हिस्सेदारी के साथ प्रमोटर होगी।
  • Happiest Minds के मौजूदा प्रमोटरों की हिस्सेदारी करीब 7.6% रहने की उम्मीद है।
  • Happiest Minds के मौजूदा सार्वजनिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी करीब 19% हो सकती है।
  • Ashok Soota सीधे Happiest Minds में 32% से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं और विभिन्न प्रमोटर संस्थाओं के जरिए करीब 44% हिस्सेदारी नियंत्रित करते हैं।

यानी यह सिर्फ दो कंपनियों का विलय नहीं है, बल्कि इससे एक नई सूचीबद्ध IT कंपनी का ढांचा तैयार होने की संभावना है।

ITC Infotech और Happiest Minds का कारोबार कितना बड़ा है?

ITC Infotech ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब Rs 4,718 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। कंपनी का समायोजित EBITDA मार्जिन 18.5% रहा और पिछले पांच वर्षों में उसका राजस्व करीब 14% के CAGR से बढ़ा है। दूसरी ओर, Happiest Minds ने FY26 में करीब Rs 2,315 करोड़ का राजस्व दर्ज किया और उसके कर्मचारियों की संख्या 6,500 से अधिक थी। दोनों को मिलाने पर संयुक्त कारोबार का राजस्व करीब Rs 7,033 करोड़ हो जाता है, जबकि कर्मचारी संख्या करीब 19,000 होगी। कंपनियों ने FY28 तक संयुक्त कारोबार को 1 बिलियन dollar सालाना राजस्व तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

From- Outlook Business
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AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर रहेगा बड़ा फोकस

ITC Infotech Happiest Minds Deal का एक महत्वपूर्ण पहलू AI और डिजिटल तकनीक से जुड़ा है। Happiest Minds की AI, डेटा और डिजिटल इंजीनियरिंग क्षमता को ITC Infotech के enterprise technology अनुभव के साथ जोड़ा जाएगा। AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच IT कंपनियों के लिए सिर्फ पारंपरिक IT outsourcing पर निर्भर रहने के बजाय उच्च-मूल्य वाली technology services उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में यह विलय संयुक्त कंपनी को बड़े enterprise clients के लिए ज्यादा व्यापक solutions उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।

Happiest Minds के प्रमोटर क्यों बेच रहे हैं 22.1% हिस्सेदारी?

इस सौदे में Happiest Minds के प्रमोटरों की 22.1% हिस्सेदारी की Rs 1,330 करोड़ में बिक्री भी अहम है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस हिस्सेदारी के मूल्यांकन को लेकर पहले बातचीत में काफी अंतर था। IT services कंपनियों के valuation पर AI से होने वाले संभावित disruption की चिंताओं का भी असर पड़ा था। हालांकि, मौजूदा प्रस्ताव में दोनों कंपनियों के बोर्ड ने सौदे को मंजूरी दे दी है और अब प्रक्रिया नियामकीय मंजूरियों की ओर बढ़ेगी।

क्या यह डील भारतीय IT सेक्टर के लिए बड़ी है?

Happiest Minds ITC Infotech Merger भारतीय IT उद्योग में consolidation की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दिखाता है। बड़ी कंपनियां AI, cloud, cybersecurity और digital engineering जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए acquisitions और mergers का सहारा ले रही हैं। संयुक्त कंपनी का करीब Rs 7,033 करोड़ का कारोबार इसे भारतीय IT services industry में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना सकता है। साथ ही, 1 बिलियन dollar revenue का FY28 लक्ष्य बताता है कि कंपनियां विलय के बाद तेज विस्तार की उम्मीद कर रही हैं।

निष्कर्ष

Happiest Minds ITC Infotech Merger ITC और Ashok Soota की कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव है। Rs 1,330 करोड़ में 22.1% हिस्सेदारी की डील, प्रस्तावित शेयर स्वैप और ITC की 73.4% संभावित हिस्सेदारी के साथ एक नई संयुक्त IT कंपनी तैयार होगी। AI, cloud, cybersecurity और enterprise technology पर फोकस के साथ अब निगाहें नियामकीय मंजूरियों और विलय के बाद कंपनी की growth strategy पर रहेंगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Happiest Minds ITC Infotech Merger क्या है?

यह ITC Infotech और Happiest Minds Technologies को एक संयुक्त कंपनी में लाने की प्रस्तावित योजना है, जिसे दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मंजूरी दी है।

ITC Infotech और Happiest Minds की डील कितने रुपये की है?

ITC Infotech Happiest Minds के प्रमोटर और प्रमोटर संस्थाओं से 22.1% हिस्सेदारी करीब Rs 1,330 करोड़ में खरीदेगी।

Happiest Minds के प्रमोटरों की विलय के बाद कितनी हिस्सेदारी होगी?

प्रस्ताव के अनुसार, विलय के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी करीब 7.6% रहने की उम्मीद है।

संयुक्त कंपनी का राजस्व कितना होगा?

दोनों कंपनियों का संयुक्त FY26 राजस्व करीब Rs 7,033 करोड़ है और कर्मचारियों की संख्या करीब 19,000 होगी।

क्या संयुक्त कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी?

कंपनियों के अनुसार, संबंधित नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद संयुक्त इकाई के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना है।

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