Masood Azhar Bounty Increased: FATF Meet से पहले Pakistan ने अचानक क्यों बढ़ाया इस खूंखार आतंकी का इनाम?
FATF की अक्टूबर बैठक से कुछ हफ्ते पहले पाकिस्तान ने Jaish-e-Mohammed Chief Masood Azhar की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी का इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया। FIA की Most Wanted सूची में उसका नाम अब भी शामिल है।
Masood Azhar Bounty Increased होने की खबर ने FATF की आगामी बैठक से पहले पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान ने Jaish-e-Mohammed Chief Masood Azhar की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये, यानी करीब 24.09 लाख भारतीय रुपये कर दिया है। खास बात यह है कि पाकिस्तान की अपनी एजेंसी उसे अब भी Most Wanted Terrorists की सूची में रखती है।
Masood Azhar Bounty Increased: अब कितना हुआ इनाम?

पाकिस्तान की Federal Investigation Agency यानी FIA ने Masood Azhar के खिलाफ इनाम बढ़ाकर 7 million Pakistani Rupees कर दिया है। एजेंसी के 2026 के Red Book of Most Wanted High-Profile Terrorists में भी उसका नाम शामिल है।यानी एक तरफ पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि Masood Azhar देश में नहीं है और वह Afghanistan भाग चुका है, वहीं दूसरी तरफ उसकी अपनी जांच एजेंसी उसे वांछित आतंकियों की सूची में रख रही है।इसी विरोधाभास ने Pakistan Masood Azhar Bounty को लेकर सवाल बढ़ा दिए हैं।
FATF Pakistan 2026 Review से पहले क्यों बढ़ी हलचल?
इस कदम का समय सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है। FATF Pakistan 2026 से जुड़ी अगली plenary meeting 26 से 30 अक्टूबर के बीच Paris में होनी है। FATF की बैठकों में आतंकवाद के वित्तपोषण और money laundering से जुड़े मामलों में देशों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी होती है।ऐसे में Masood Azhar Reward बढ़ाने का फैसला पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि उपलब्ध जानकारी यह साबित नहीं करती कि इनाम बढ़ाने का फैसला सीधे FATF के दबाव में लिया गया है।इसलिए दोनों घटनाओं के बीच समय का संबंध जरूर है, लेकिन किसी प्रत्यक्ष कारण का दावा करना अभी उचित नहीं होगा।
Pakistan FIA Red Book में Masood Azhar का नाम क्यों?
Pakistan FIA Red Book में Masood Azhar को Most Wanted High-Profile Terrorists में शामिल किया गया है। पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर यह दावा करता रहा है कि Azhar उसके देश में मौजूद नहीं है।Masood Azhar, Jaish-e-Mohammed यानी JeM का संस्थापक और प्रमुख है। इस संगठन पर भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े होने के आरोप हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी Azhar को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी के रूप में नामित किया है।भारत में उसका नाम खास तौर पर 2001 संसद हमले, 2016 Pathankot Airbase हमले और 2019 Pulwama आतंकी हमले जैसे मामलों के संदर्भ में सामने आता रहा है।
कौन है Masood Azhar और भारत से उसका क्या कनेक्शन?
Masood Azhar पहले भारत की हिरासत में रह चुका है। दिसंबर 1999 में Indian Airlines की Flight IC-814 को आतंकियों ने hijack कर लिया था। विमान को Kathmandu से Delhi के रास्ते hijack करने के बाद Amritsar, Lahore और Dubai होते हुए Afghanistan के Kandahar ले जाया गया था।यात्रियों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए भारत ने Masood Azhar समेत तीन आतंकियों को रिहा किया था। इसके बाद Azhar ने Jaish-e-Mohammed का गठन किया।हाल के वर्षों में भी उसका नाम भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर होने वाले विवादों में लगातार सामने आता रहा है।
Operation Sindoor के बाद फिर चर्चा में आया Azhar
Masood Azhar Operation Sindoor के दौरान भी चर्चा में रहा। 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और Pakistan-occupied Kashmir में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई की थी।रिपोर्ट के मुताबिक इस अभियान में Azhar के परिवार के कई सदस्य और उसके कुछ सहयोगी मारे गए थे। हालांकि इन घटनाओं के बावजूद Azhar को पाकिस्तान ने अब तक गिरफ्तार नहीं किया है।यही वजह है कि Masood Azhar Latest News में उसकी गिरफ्तारी और पाकिस्तान की कार्रवाई लगातार अहम मुद्दा बनी हुई है।
क्या Pakistan ने Masood Azhar को भगोड़ा माना है?
पाकिस्तान का आधिकारिक रुख यह रहा है कि Masood Azhar उसके देश में नहीं है और वह Afghanistan चला गया है। लेकिन FIA की Most Wanted सूची में उसका नाम मौजूद होना इस मामले को जटिल बनाता है।यानी पाकिस्तान की ओर से एक तरफ उसकी मौजूदगी से इनकार किया जाता है, जबकि दूसरी तरफ उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम और वांछित सूची जारी है।
निष्कर्ष
Masood Azhar Bounty Increased का फैसला ऐसे समय आया है जब FATF की अगली बैठक नजदीक है। पाकिस्तान ने इनाम बढ़ाकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का संदेश जरूर दिया है, लेकिन Azhar की वास्तविक स्थिति और उसकी गिरफ्तारी को लेकर अब भी कई सवाल कायम हैं। खास तौर पर FIA की सूची और पाकिस्तान के आधिकारिक दावे के बीच का अंतर ध्यान खींचता है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Pakistan ने Masood Azhar की Bounty कितनी बढ़ाई है?
Pakistan ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 24.09 लाख रुपये बताई गई है।
Masood Azhar पर अब कितने Pakistani Rupees का इनाम है?
उसके ऊपर अब 7 million यानी 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम है।
Pakistan FIA Red Book में Masood Azhar का नाम क्यों है?
FIA की 2026 Red Book में उसे Most Wanted High-Profile Terrorists में शामिल किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित है।
Masood Azhar कौन है?
वह Jaish-e-Mohammed का संस्थापक और प्रमुख है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया है।
Masood Azhar Bounty और FATF Review का क्या connection है?
दोनों घटनाओं का समय एक-दूसरे के करीब है, लेकिन उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि इनाम बढ़ाने का फैसला सीधे FATF के दबाव में लिया गया।