US-Iran Tensions 2026: अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान का पलटवार, जॉर्डन बेस पर बरसीं मिसाइलें; दुनिया में क्यों मची खलबली?
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 18 जॉर्डन ने रोक दीं। ईरान ने अमेरिकी ठिकाने को नुकसान पहुंचाने का दावा किया, जबकि तेल टैंकरों और अंडरवॉटर ड्रोन को लेकर भी तनाव बढ़ा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। ईरान ने यह हमला अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के जवाब में किया। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी ने इसे अमेरिकी हमले के जवाब में की गई “सजा देने वाली कार्रवाई” बताया।ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइलें जॉर्डन के अल-अजराक सैन्य अड्डे की ओर दागी गईं। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिकी लड़ाकू विमानों की तैयारी, रखरखाव और तैनाती के लिए किया जाता है।
जॉर्डन ने 20 में से 18 मिसाइलें हवा में ही नष्ट कीं
जॉर्डन की सेना के मुताबिक, ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। जॉर्डन की एयर डिफेंस प्रणाली ने इनमें से 18 मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर खाली इलाकों में गिरीं।जॉर्डन की सेना ने कहा कि मिसाइलों को निशाना बनाने और रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रही। मिसाइल हमले के बाद आसमान में कई प्रोजेक्टाइल दिखाई देने के वीडियो भी सामने आए।

ईरान का दावा- अमेरिकी लड़ाकू विमानों वाले हिस्से को भारी नुकसान
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि मिसाइल हमले में अमेरिकी सैन्य अड्डे के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी के मुताबिक, ठोस और तरल ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइलों ने उस इलाके को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमानों की देखभाल, तैयारी और तैनाती की जाती है।ईरान ने दावा किया कि एफ-35, एफ-16 और एफ-15 लड़ाकू विमानों से जुड़े इलाके और विमान रखने वाले शेल्टर भी हमले की चपेट में आए। आईआरजीसी ने इसे अमेरिकी सेना को “भारी नुकसान” पहुंचाने वाला हमला बताया है।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान ने कुवैत और बहरीन में तेल टैंकरों को भी चेतावनी दी
ईरान के आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के कर्मचारियों को भी जहाज छोड़ने की चेतावनी दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह चेतावनी उन टैंकरों पर लागू होती है जो बंदरगाहों पर खड़े हैं या किनारे से जुड़े हुए हैं।आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि कुवैत और बहरीन अमेरिकी सेना को अपने यहां ठिकाने उपलब्ध करा रहे हैं और अमेरिकी सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहे हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि इन इलाकों में मौजूद जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर ईरान की ओर से किए जाने वाले हर हमले का जवाब दिया जाएगा।

ईरान ने अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन पकड़ने का दावा किया
बढ़ते तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास एक अमेरिकी मानवरहित अंडरवॉटर वाहन यानी पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन पकड़ लिया है।ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह डाइव-एलडी नाम का बड़ा ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल है, जिसे कैलिफोर्निया की रक्षा कंपनी एंडुरिल ने बनाया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इसे अमेरिकी सेना की आधुनिक और बेहद तकनीकी मानवरहित पनडुब्बी बताया और दावा किया कि इसमें अत्याधुनिक तकनीक लगी हुई है।
लेकिन अमेरिका के पेंटागन ने ईरान के दावे को अलग तरीके से बताया। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह अंडरवॉटर ड्रोन एक दिन से ज्यादा समय पहले खराब हो गया था। वह क्षेत्रीय समुद्री इलाकों का सर्वे कर रहा था और चल रहे सैन्य अभियानों में सहायता कर रहा था।
पेंटागन के मुताबिक, यह ड्रोन पुराना मॉडल था और इसमें संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने की क्षमता नहीं थी। इसमें कोई गोपनीय सोनार या रडार उपकरण भी नहीं था।

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने किया मिसाइल हमला
ईरान का यह मिसाइल हमला उस घटना के कुछ घंटों बाद हुआ, जब अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने ईरानी कच्चे तेल से जुड़े पांच टैंकरों को नष्ट कर दिया है। अमेरिका के मुताबिक, ईरानी सेना ने इससे पहले एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर मिसाइल हमले की कोशिश की थी।अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम (CENTCOM) ने बताया कि चार ईरानी जहाजों को गल्फ ऑफ ओमान में और एक जहाज को फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया।
अमेरिका के मुताबिक, उसके नौसैनिक जहाज ने ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों से सफलतापूर्वक बचाव किया और किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं लगी।
सेंटकॉम ने यह भी कहा कि हमला करने से पहले टैंकरों के कर्मचारियों को जहाज खाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद जहाजों को निशाना बनाकर उन्हें काम करने लायक नहीं छोड़ा गया।
हमलों के बीच तेल की कीमतों में भी उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच हमलों के बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.5% से ज्यादा बढ़ गई।अमेरिका में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत में भी 1.7% से ज्यादा की तेजी आई। बाजार में यह चिंता बढ़ी कि अगर संघर्ष और फैलता है तो खाड़ी क्षेत्र से होने वाली तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार हो रहे हमलों के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का समुद्री इलाका भी खास तौर पर महत्वपूर्ण हो गया है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार होता है। ऐसे में सैन्य तनाव बढ़ने पर इसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Iran Missile Attack on Jordan क्यों किया गया?
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किया। अमेरिका ने इससे पहले ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। ईरान ने इसे बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि उसके क्षेत्र में अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा।
Iran Jordan Missile Attack में किन ठिकानों को निशाना बनाया गया?
ताजा हमले में ईरान ने अल-अज्राक के पास अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। जॉर्डन के अनुसार ईरान से 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 18 को रोक लिया गया और 2 आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों से जुड़े हैंगर और दूसरे सैन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Iran US Underwater Drone को लेकर क्या दावा किया गया?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र के पास अमेरिकी डाइव-एलडी अंडरवॉटर ड्रोन को पकड़ लिया है। अमेरिका ने माना कि ड्रोन खो गया था, लेकिन कहा कि वह एक दिन से ज्यादा समय पहले खराब हो गया था और उसमें कोई संवेदनशील या क्लासिफाइड उपकरण नहीं था।
Strait of Hormuz में US Underwater Drone क्यों महत्वपूर्ण है?
डाइव-एलडी जैसे अंडरवॉटर ड्रोन समुद्र की निगरानी, समुद्री तल का नक्शा बनाने, खदानों की पहचान और दूसरे सैन्य अभियानों में इस्तेमाल हो सकते हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के बेहद महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से है, इसलिए यहां किसी भी निगरानी या माइन-क्लियरिंग तकनीक की रणनीतिक अहमियत बढ़ जाती है।
Iran US Tensions के बीच Middle East Conflict क्यों बढ़ रहा है?
तनाव अब सिर्फ अमेरिका और ईरान के सीधे सैन्य हमलों तक सीमित नहीं है। अमेरिकी हमलों में ईरानी तेल टैंकरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जबकि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों, जहाजों और क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगी देशों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, तेल निर्यात और समुद्री आवाजाही इस टकराव को और गंभीर बना रहे हैं।