China Child Subsidy Birth Crisis: चीन में बच्चे पैदा करने के लिए 6 गुना बढ़ानी होगी सब्सिडी, आखिर क्यों गहराता जा रहा संकट?
चीन में जन्मदर लगातार गिरने से जनसांख्यिकीय संकट गहरा रहा है। विशेषज्ञों ने मौजूदा चाइल्डकेयर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगाई, बच्चों की परवरिश का खर्च और शिक्षा की प्रतिस्पर्धा घटती फर्टिलिटी के बड़े कारण हैं।
चीन में गिरती जन्मदर और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। अब चीनी जनसांख्यिकी विशेषज्ञों (Demographers) ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बच्चों की परवरिश का खर्च कम करने के लिए बड़ी आर्थिक मदद नहीं बढ़ाई, तो देश की फर्टिलिटी रेट आने वाले वर्षों में दुनिया में सबसे नीचे पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन को सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से सीखना चाहिए, जहां सरकारें जन्मदर बढ़ाने के लिए परिवारों को ज्यादा आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ चाइल्डकेयर सुविधाओं पर भी जोर दे रही हैं।
चीन ने पिछले साल राष्ट्रीय स्तर पर चाइल्डकेयर सब्सिडी शुरू की थी। इसके तहत 1 जनवरी 2025 या उसके बाद पैदा हुए बच्चे के लिए हर साल 3,600 युआन की मदद दी जाती है, जो बच्चे के तीन साल का होने तक जारी रहती है। यानी एक बच्चे पर अधिकतम 10,800 युआन की सहायता मिलती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह रकम बच्चों की परवरिश की वास्तविक लागत के मुकाबले बहुत कम है।
चीन की जन्मदर गिरने की रफ्तार अब चिंता बढ़ा रही
चीन की समस्या सिर्फ फर्टिलिटी रेट कम होने तक सीमित नहीं है। देश में हर साल पैदा होने वाले बच्चों की संख्या भी तेजी से घट रही है।
चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देश में 79.2 लाख बच्चे पैदा हुए, जबकि 1.131 करोड़ लोगों की मौत हुई। इसके चलते प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि दर माइनस 2.41 प्रति हजार रही। साल के अंत में चीन की कुल आबादी करीब 140.49 करोड़ थी, जो एक साल पहले के मुकाबले 33.9 लाख कम है।
यानी चीन में अब मौतों की संख्या जन्म लेने वाले बच्चों से लगातार ज्यादा है। यह स्थिति आने वाले वर्षों में कामकाजी आबादी, पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकती है।
पिछले एक दशक में भी गिरावट काफी तेज रही है। 2016 में चीन में करीब 1.8 करोड़ बच्चे पैदा हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या 80 लाख से भी नीचे आ गई।
10,800 युआन की मदद को बताया जा रहा नाकाफी
चीन की मौजूदा राष्ट्रीय चाइल्डकेयर सब्सिडी के तहत परिवार को तीन साल तक हर साल 3,600 युआन मिलते हैं। इस तरह तीन साल में अधिकतम 10,800 युआन मिलते हैं।
लेकिन जनसांख्यिकी विशेषज्ञ हे याफू का कहना है कि बच्चों की परवरिश, शिक्षा और देखभाल की लागत को देखते हुए यह सहायता बहुत कम है। उनका सुझाव है कि सरकार को कम से कम 1,000 युआन प्रति महीना प्रति बच्चा देना चाहिए और यह मदद बच्चे के छह साल का होने तक जारी रहनी चाहिए। इस हिसाब से एक बच्चे पर कुल सहायता 72,000 युआन तक पहुंच सकती है।

यानी मौजूदा 10,800 युआन की तुलना में यह करीब 6.7 गुना ज्यादा होगी।
वहीं Trip.com के चेयरमैन और जनसांख्यिकी विशेषज्ञ जेम्स लियांग ने करीब 62,000 युआन प्रति बच्चे के पैकेज का सुझाव दिया है। उनका अनुमान है कि इससे चीन की फर्टिलिटी रेट कुछ वर्षों में करीब 25% तक बढ़ सकती है।
लियांग के मुताबिक चीन को दक्षिण कोरिया की 2025 की चाइल्डकेयर सहायता के स्तर तक पहुंचने के लिए प्रति बच्चे हर महीने करीब 855 युआन की मदद देनी होगी और इसे बच्चे के छह साल की उम्र तक जारी रखना होगा। इससे कुल सहायता करीब 62,000 युआन बैठेगी।

फर्टिलिटी रेट में चीन दक्षिण कोरिया से भी पीछे जा सकता है
फर्टिलिटी रेट का मतलब है कि एक महिला अपने पूरे जीवन में औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है। आबादी को लंबे समय तक स्थिर रखने के लिए सामान्य तौर पर करीब 2.1 की फर्टिलिटी रेट को रिप्लेसमेंट लेवल माना जाता है।
दिए गए शोध आंकड़ों के मुताबिक चीन की फर्टिलिटी रेट करीब 1.0 है, जबकि सिंगापुर की 0.87 और दक्षिण कोरिया की 0.8 रही है। हालांकि दक्षिण कोरिया में हाल के आंकड़ों में जन्म के मोर्चे पर कुछ सुधार दिखाई दिया है।
जेम्स लियांग ने चेतावनी दी है कि अगर चीन ने फर्टिलिटी सपोर्ट में बड़ा सुधार नहीं किया, तो आने वाले कुछ वर्षों में उसकी फर्टिलिटी रेट दक्षिण कोरिया और सिंगापुर से भी नीचे जा सकती है।
उनके मुताबिक 62,000 युआन के प्रस्तावित पैकेज से चीन की फर्टिलिटी रेट करीब 1.25 तक पहुंच सकती है। हालांकि यह एक शोध आधारित अनुमान है, गारंटी नहीं कि सब्सिडी बढ़ाने से जन्मदर उतनी ही बढ़ेगी।
दक्षिण कोरिया और सिंगापुर से चीन क्यों सीख रहा?
चीन के विशेषज्ञों का ध्यान खास तौर पर दक्षिण कोरिया और सिंगापुर पर है, क्योंकि दोनों देशों में भी जन्मदर लंबे समय से बेहद कम रही है।
दक्षिण कोरिया ने परिवारों को आर्थिक सहायता बढ़ाई है। विशेषज्ञ जेम्स लियांग के मुताबिक 2021 में वहां चाइल्डकेयर सब्सिडी प्रति व्यक्ति GDP के करीब 1.6% के बराबर थी, जो 2022 में 2.7% और 2025 में 4.8% तक पहुंच गई। हाल में दक्षिण कोरिया में जून, दूसरी तिमाही और पहली छमाही के जन्म आंकड़े इन अवधियों के लिए करीब सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे।
इसका मतलब यह नहीं है कि केवल कैश सब्सिडी ने ही दक्षिण कोरिया की जन्मदर में सुधार किया है। लेकिन चीन के विशेषज्ञ इसे इस बात के संकेत के तौर पर देख रहे हैं कि लगातार और बड़ी सरकारी सहायता परिवारों पर आर्थिक दबाव कम कर सकती है।
सिंगापुर ने भी अगस्त 2026 में नया SG Child Support Package घोषित किया है। इसके तहत हर पात्र सिंगापुर नागरिक बच्चे को जन्म से 17 साल की उम्र तक कुल पैकेज के रूप में 62,000 सिंगापुर डॉलर तक की सहायता मिल सकती है। इसमें कैश बेनिफिट, चाइल्ड डेवलपमेंट अकाउंट और शिक्षा से जुड़ी सहायता शामिल है।
सिंगापुर का नया पैकेज अप्रैल 2027 से शुरू होगा और इसका उद्देश्य बच्चों की परवरिश के शुरुआती वर्षों के साथ-साथ बड़े होने तक परिवारों को लगातार आर्थिक मदद देना है।
सिर्फ पैसा देने से नहीं सुधरेगी चीन की Birth Crisis
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की China Child Subsidy Birth Crisis का समाधान सिर्फ कैश सब्सिडी बढ़ाने से नहीं होगा।
हे याफू के मुताबिक पूर्वी एशिया के देशों में कम जन्मदर के पीछे कुछ समस्याएं एक जैसी हैं। इनमें बच्चों की परवरिश का ऊंचा खर्च, शिक्षा को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और पर्याप्त चाइल्डकेयर सुविधाओं की कमी प्रमुख हैं।
इसलिए परिवारों पर आर्थिक बोझ के साथ-साथ समय का बोझ कम करना भी जरूरी है। सस्ती और आसानी से उपलब्ध चाइल्डकेयर सेवाएं, बच्चों की शिक्षा का खर्च और कामकाजी माता-पिता के लिए बेहतर सुविधाएं इस समस्या से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
चीन के लिए चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उसकी आबादी पहले ही घटने लगी है। 2025 में देश की 60 साल और उससे ज्यादा उम्र की आबादी 32.34 करोड़ थी, जो कुल आबादी का करीब 23% है। वहीं 16 से 59 साल की आबादी 85.14 करोड़ थी।
अगर जन्मदर लंबे समय तक कम रहती है, तो आने वाले वर्षों में काम करने वाली आबादी का अनुपात घट सकता है और बुजुर्गों की संख्या बढ़ सकती है।
चीन के सामने अब बड़ा सवाल सिर्फ बच्चे पैदा कराने का नहीं
चीन ने पिछले कुछ वर्षों में शादी और बच्चे पैदा करने को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन अब तक गिरती जन्मदर को पलटना आसान नहीं रहा है।
मौजूदा बहस से साफ है कि सरकार के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि परिवारों को कितने पैसे दिए जाएं। असली चुनौती यह है कि बच्चों की परवरिश को परिवारों के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से कितना आसान बनाया जा सकता है।
अगर चीन 10,800 युआन की मौजूदा राष्ट्रीय सहायता को बढ़ाकर 62,000 या 72,000 युआन के स्तर तक ले जाता है, तो इससे परिवारों का आर्थिक बोझ कम हो सकता है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके साथ चाइल्डकेयर, शिक्षा और कामकाजी माता-पिता के लिए सुविधाओं में सुधार भी जरूरी होगा।
यही वजह है कि चीन की China Child Subsidy Birth Crisis अब सिर्फ जनसंख्या का मुद्दा नहीं रही। यह देश की भविष्य की अर्थव्यवस्था, कामकाजी आबादी और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से भी सीधे जुड़ चुकी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
1. China को Birth Crisis रोकने के लिए Child Subsidy में 600% बढ़ोतरी की जरूरत क्यों बताई गई है?
चीन की मौजूदा राष्ट्रीय सब्सिडी अधिकतम 10,800 युआन प्रति बच्चे की है। विशेषज्ञ हे याफू ने कम से कम 72,000 युआन की सहायता का सुझाव दिया है, जो मौजूदा पैकेज से करीब 6.7 गुना है। उनका मानना है कि इससे परिवारों पर बच्चों की परवरिश का आर्थिक बोझ कम होगा।
2. China में Birth Rate लगातार क्यों गिर रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की परवरिश का बढ़ता खर्च, शिक्षा में प्रतिस्पर्धा, चाइल्डकेयर की कमी और परिवारों पर आर्थिक व समय का दबाव कम जन्मदर के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
3. China की Fertility Rate कितनी है?
दिए गए शोध आंकड़ों के अनुसार चीन की कुल फर्टिलिटी रेट करीब 1.0 है। यह 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल से काफी नीचे है। 2025 में चीन में 79.2 लाख बच्चे पैदा हुए थे।
4. Child Subsidy बढ़ाने से China की Birth Rate कैसे बढ़ सकती है?
सब्सिडी बढ़ने से बच्चों की परवरिश का आर्थिक खर्च कम हो सकता है। जेम्स लियांग के अनुमान के मुताबिक 62,000 युआन के पैकेज से चीन की फर्टिलिटी रेट कुछ वर्षों में करीब 1.25 तक पहुंच सकती है। हालांकि यह अनुमान है, निश्चित परिणाम नहीं।
5. China में सरकार बच्चों के लिए कितनी Subsidy देती है?
राष्ट्रीय स्तर पर 1 जनवरी 2025 या उसके बाद जन्मे बच्चे के लिए 3,600 युआन सालाना की चाइल्डकेयर सब्सिडी दी जाती है। यह तीन साल तक मिलती है, यानी अधिकतम 10,800 युआन प्रति बच्चा।
6. China के Demographic Crisis का मुख्य कारण क्या है?
कम जन्मदर इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके साथ आबादी का तेजी से बूढ़ा होना भी चुनौती बढ़ा रहा है। 2025 के अंत में चीन में 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 32.34 करोड़ थी, जो कुल आबादी का करीब 23% है।