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Algeria Cuts Diplomatic Ties With UAE: अल्जीरिया ने UAE से तोड़े कूटनीतिक रिश्ते, राजदूत को 48 घंटे का अल्टीमेटम; क्या है विवाद की वजह?

अल्जीरिया ने UAE से कूटनीतिक रिश्ते तोड़ दिए। उसने UAE राजदूत को 48 घंटे में देश छोड़ने को कहा और UAE विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किया। दोनों देशों के बीच इजराइल, पश्चिमी सहारा और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर लंबे समय से तनाव था।

Algeria Cuts Diplomatic Ties With UAE: अल्जीरिया ने UAE से तोड़े कूटनीतिक रिश्ते, राजदूत को 48 घंटे का अल्टीमेटम; क्या है विवाद की वजह?

Algeria Cuts Diplomatic Ties With UAE: अल्जीरिया ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के साथ अपने कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए हैं। अल्जीरियाई विदेश मंत्रालय ने 10 सितंबर 2026 को कहा कि अबू धाबी की ओर से लगातार किए जा रहे “उकसावे वाले और शत्रुतापूर्ण” कदमों के बाद रिश्ते बनाए रखने की सभी कोशिशें खत्म हो चुकी हैं। अल्जीरिया ने UAE के राजदूत को तलब कर फैसले की जानकारी दी और 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने को कहा। इसके साथ ही शुक्रवार से UAE में रजिस्टर्ड विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का फैसला भी किया गया है। हालांकि, अल्जीयर्स आने-जाने वाली UAE की कमर्शियल उड़ानों को साल के अंत तक छूट दी गई है।अल्जीरिया और UAE के बीच तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों की विदेश नीति कई अहम मुद्दों पर अलग होती गई। इजराइल के साथ संबंध, पश्चिमी सहारा, उत्तरी अफ्रीका और साहेल क्षेत्र में प्रभाव तथा क्षेत्रीय मामलों में कथित दखल को लेकर दोनों के बीच मतभेद लगातार गहरे हुए। अल्जीरियाई राष्ट्रपति अब्देलमजीद तेब्बूने भी कई बार UAE पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप के आरोप लगा चुके हैं।

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमजिद तेब्बौने (बाएं) संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ। (Credit - AFP)
अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमजिद तेब्बौने (बाएं) संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ। (Credit - AFP)

अल्जीरिया ने UAE पर क्या आरोप लगाए?

अल्जीरियाई विदेश मंत्रालय ने UAE की कथित गतिविधियों को “उकसावे वाले और शत्रुतापूर्ण” कदम बताया, लेकिन इस फैसले के पीछे किसी एक घटना का सार्वजनिक रूप से विस्तृत विवरण नहीं दिया। मंत्रालय के मुताबिक अल्जीरिया ने लंबे समय तक संयम बरता और UAE को इन गतिविधियों के संभावित गंभीर परिणामों के बारे में बार-बार चेतावनी दी।अल्जीरिया का कहना है कि इसके बावजूद UAE की गतिविधियां जारी रहीं और एक समय ऐसा आया जब उन्हें दो संप्रभु देशों के बीच सामान्य संबंधों के दायरे में स्वीकार करना संभव नहीं था। इसके बाद अल्जीयर्स ने कूटनीतिक संबंध तोड़ने का फैसला किया।
यह फैसला सिर्फ राजदूत को हटाने तक सीमित नहीं है। अल्जीरिया ने UAE में रजिस्टर्ड सैन्य और नागरिक विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, अल्जीयर्स से आने-जाने वाली UAE की कमर्शियल उड़ानों को 2026 के अंत तक अपवाद दिया गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में अल्जीरिया ने 2013 के दोनों देशों के एयर सर्विस समझौते को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

UAE ने दिया जवाब- ‘डिप्लोमेसी पहेलियों से नहीं चलती’

अल्जीरिया के फैसले के कुछ ही समय बाद UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे अल्जीरिया का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी अल्जीरिया के फैसले के बाद आई थी।गरगाश ने कहा कि कूटनीतिक संबंधों को तर्क, संवाद और हितों की स्पष्ट समझ के आधार पर चलाया जाना चाहिए, न कि ऐसी “पहेलियों और संकेतों” के जरिए जिन्हें समझने के लिए अलग से व्याख्या करनी पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पष्टता कोई नीति नहीं है और शोर किसी स्पष्ट रणनीति की कमी को पूरा नहीं कर सकता।
UAE के विदेश मंत्रालय ने भी उम्मीद जताई कि अल्जीरिया का यह फैसला अस्थायी होगा। मंत्रालय ने अल्जीरियाई लोगों के प्रति सम्मान और दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों का हवाला दिया। UAE में रहने वाले अल्जीरियाई समुदाय और वहां आने वाले अल्जीरियाई नागरिकों के संबंधों को भी उसने महत्वपूर्ण बताया।

इजराइल और पश्चिमी सहारा पर दोनों आमने-सामने

अल्जीरिया और UAE के बीच मतभेदों की एक बड़ी वजह दोनों देशों की अलग-अलग विदेश नीति है। अल्जीरिया इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने का विरोध करता है। इसके विपरीत UAE ने 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता वाले अब्राहम समझौते के तहत इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और रक्षा संबंध भी बढ़े।दूसरा बड़ा मुद्दा पश्चिमी सहारा है। यह उत्तरी अफ्रीका का लंबे समय से विवादित क्षेत्र है। UAE पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के दावे का समर्थन करता है, जबकि अल्जीरिया पोलिसारियो फ्रंट के पक्ष में है, जो इस क्षेत्र के लिए स्वतंत्र राष्ट्र की मांग करता है। UAE ने इस इलाके में मोरक्को के समर्थन में अपनी मौजूदगी भी बढ़ाई है।
दोनों देशों के हित साहेल क्षेत्र में भी टकराते हैं। UAE ने अफ्रीका के कई देशों के साथ आर्थिक और सुरक्षा संबंध मजबूत किए हैं, जबकि अल्जीरिया अपने दक्षिणी पड़ोसी देशों में सैन्य तख्तापलट और बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर संवेदनशील रहा है। इसी पृष्ठभूमि में अल्जीरिया UAE के क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर लगातार चिंता जताता रहा है।

तेब्बूने पहले भी UAE पर निशाना साध चुके हैं

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमजीद तेब्बूने ने कई बार बिना नाम लिए UAE की आलोचना की है। उन्होंने भाषणों और इंटरव्यू में एक “माइक्रो-स्टेट” या “स्टेटलेट” का जिक्र किया, जिस पर उन्होंने लीबिया, माली और सूडान जैसे देशों को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।जुलाई 2026 में एक टेलीविजन इंटरव्यू में तेब्बूने ने कहा था कि इस अनाम देश का क्षेत्र पर “बहुत नकारात्मक प्रभाव” पड़ा है और “जहां भी वे पैर रखते हैं, वहां खून बहता है।” उन्होंने यह भी कहा था कि अल्जीरिया चाहता है कि वह देश उसके क्षेत्र से दूर रहे। उस समय तेब्बूने ने संकेत दिया था कि अल्जीरिया बहुत पहले कूटनीतिक संबंध तोड़ सकता था, लेकिन वह अरब देशों के बीच तनाव और विभाजन को बढ़ाना नहीं चाहता था।
अब 10 सितंबर को अल्जीरिया ने आखिरकार UAE के साथ औपचारिक रूप से संबंध तोड़ने का फैसला कर लिया।

UAE से सिर्फ अल्जीरिया ही नहीं उलझा

अल्जीरिया के साथ मौजूदा संकट को UAE के व्यापक क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। जनवरी 2026 में सोमालिया ने UAE के साथ बंदरगाह, सुरक्षा और रक्षा से जुड़े सभी समझौते रद्द कर दिए थे। सोमालिया सरकार ने आरोप लगाया था कि UAE से जुड़ी गतिविधियां उसकी संप्रभुता, राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचा रही हैं। यह फैसला बेरबेरा, बोसासो और किसमायो बंदरगाहों से जुड़े समझौतों पर भी लागू किया गया था।सूडान भी UAE पर आरोप लगाता रहा है कि वह उसके गृहयुद्ध में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज यानी RSF का समर्थन कर रहा है। UAE इन आरोपों से इनकार करता है। मई 2026 में सूडान ने UAE पर इथियोपिया से किए गए ड्रोन हमलों में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन उपलब्ध कराने का भी आरोप लगाया था।
यमन को लेकर UAE और सऊदी अरब के रिश्तों में भी तनाव बढ़ा है। सऊदी अरब ने दिसंबर में एक ऐसे हथियारों के शिपमेंट पर हमला किया था, जिसे रियाद ने UAE से जुड़े यमन के अलगाववादी संगठन साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के लिए बताया था। इसके बाद सऊदी अरब ने यमन से UAE की सेनाओं की वापसी की मांग का समर्थन किया।
इस तरह अल्जीरिया का ताजा फैसला सिर्फ दो देशों के बीच एक अकेला विवाद नहीं है, बल्कि अफ्रीका और पश्चिम एशिया में UAE के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर अलग-अलग देशों की चिंताओं के बीच आया है। हालांकि, अल्जीरिया ने अपने मौजूदा फैसले के लिए UAE की किसी एक गतिविधि को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

अब आगे क्या होगा?

कूटनीतिक संबंध टूटने के बाद दोनों देशों के बीच राजदूत स्तर के औपचारिक संबंध खत्म हो जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दोनों देशों के बीच हर तरह का संपर्क तुरंत बंद हो जाता है। व्यापार, नागरिकों की आवाजाही और उड़ानों पर अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं।अभी अल्जीरिया ने UAE के राजदूत को 48 घंटे में देश छोड़ने को कहा है और एयरस्पेस पर भी प्रतिबंध लगाया है, लेकिन UAE की अल्जीयर्स आने-जाने वाली कमर्शियल उड़ानों को साल के अंत तक छूट दी गई है। दूसरी ओर UAE ने इस फैसले को अस्थायी बनाए जाने की उम्मीद जताई है। इसलिए आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है या तनाव और बढ़ता है, यह क्षेत्रीय राजनीति पर भी निर्भर करेगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Algeria ने UAE के साथ Diplomatic Ties क्यों तोड़े?

अल्जीरिया ने कहा है कि UAE की ओर से लगातार “उकसावे वाले और शत्रुतापूर्ण” कदम उठाए जा रहे थे और रिश्ते बचाने की सभी कोशिशें खत्म हो चुकी थीं। हालांकि, अल्जीरिया ने सार्वजनिक रूप से किसी एक घटना को इस फैसले की वजह नहीं बताया है।

Algeria ने UAE Ambassador को कितने घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया?

अल्जीरिया ने UAE के राजदूत को तलब कर कूटनीतिक संबंध तोड़ने के फैसले की जानकारी दी और 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने को कहा।

क्या UAE Ambassador को 24 Hours या 48 Hours का Ultimatum दिया गया?

उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टों के मुताबिक 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है, 24 घंटे का नहीं।

Algeria ने UAE पर किस तरह के Hostile Actions के आरोप लगाए?

अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय ने UAE की गतिविधियों को “उकसावे वाले और शत्रुतापूर्ण” बताया है। हालांकि, मंत्रालय ने इन आरोपों के तहत किसी खास कार्रवाई या घटना का विस्तृत सार्वजनिक विवरण नहीं दिया।

Algeria और UAE के बीच Diplomatic Crisis की वजह क्या है?

दोनों देशों के बीच इजराइल के साथ संबंध, पश्चिमी सहारा, साहेल और उत्तरी अफ्रीका में प्रभाव तथा क्षेत्रीय मामलों में कथित UAE हस्तक्षेप को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं। अल्जीरियाई राष्ट्रपति तेब्बूने भी UAE पर क्षेत्रीय अस्थिरता में भूमिका के आरोप लगा चुके हैं।

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