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Abhinandan Varthaman Quits IAF: F-16 गिराने वाले अभिनंदन अब उड़ाएंगे यात्री विमान - जानिए कैसे तय हुआ फाइटर से सिविल पायलट का रास्ता?

पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने 22 साल IAF में सेवा के बाद 2026 में रिटायरमेंट लिया। अब वे FLY91 से जुड़े हैं और ATR 72-600 उड़ाने की ट्रेनिंग कर रहे हैं। DGCA की मंजूरी के बाद यात्री उड़ान भरेंगे।

Abhinandan Varthaman Quits IAF: F-16 गिराने वाले अभिनंदन अब उड़ाएंगे यात्री विमान - जानिए कैसे तय हुआ फाइटर से सिविल पायलट का रास्ता?

Abhinandan Varthaman Quits IAF: भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने रिटायरमेंट के बाद अपने करियर की नई शुरुआत की है। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई मुकाबले के दौरान MiG-21 Bison उड़ाने वाले अभिनंदन अब गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अगस्त 2026 में एयरलाइन जॉइन की। हालांकि, अभी वे नियमित यात्री उड़ान नहीं भर रहे हैं और कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं।

अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना में करीब 22 साल सेवा की और 31 मार्च 2026 को सेवा से बाहर हुए। इसके बाद उन्होंने सिविल एविएशन में जाने का फैसला किया। FLY91 ने भी उनकी एयरलाइन से जुड़ने की पुष्टि की है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग और आगे की उड़ान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

2019 की वो हवाई जंग, जिसने अभिनंदन को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई

अभिनंदन वर्धमान फरवरी 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई मुकाबले के बाद दुनियाभर में चर्चा में आए थे। यह घटनाक्रम पुलवामा आतंकी हमले के बाद हुआ था, जिसमें 14 फरवरी 2019 को CRPF के 40 जवानों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर एयर स्ट्राइक की थी।

इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की। उस समय विंग कमांडर रहे अभिनंदन वर्धमान 51 स्क्वाड्रन के साथ MiG-21 Bison उड़ा रहे थे।

IAF के अनुसार, हवाई मुकाबले के दौरान अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया। इसके बाद उनका MiG-21 भी हिट हुआ और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। उनका पैराशूट पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरा, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

अभिनंदन करीब तीन दिन तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे और 1 मार्च 2019 को भारत लौट आए। इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें भारत में एक बेहद चर्चित सैन्य चेहरे के रूप में पहचान दिलाई।

MiG-21 से FLY91 तक: अब फाइटर जेट की जगह यात्री विमान

अभिनंदन को 2021 में उनकी बहादुरी के लिए वीर चक्र दिया गया। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। उस समय वे विंग कमांडर थे। बाद में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर प्रमोट किया गया।

अब उनकी दूसरी पारी सैन्य विमान के बजाय कमर्शियल एविएशन में शुरू हुई है। FLY91 गोवा बेस्ड रीजनल एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था। एयरलाइन फिलहाल ATR 72-600 विमानों के साथ रीजनल रूट्स पर ऑपरेशन करती है और उसके बेस गोवा तथा हैदराबाद में हैं।

हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है। FLY91 जॉइन करने का मतलब यह नहीं है कि अभिनंदन ने तुरंत यात्री विमान उड़ाना शुरू कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार वे फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग कर रहे हैं। ट्रेनिंग और जरूरी रेगुलेटरी क्लियरेंस पूरा होने के बाद ही वे एयरलाइन की यात्री उड़ानों में पायलट के तौर पर ऑपरेट कर पाएंगे।

Fighter Pilot सीधे Commercial Pilot क्यों नहीं बन जाता?

किसी पायलट का फाइटर जेट उड़ाने का लंबा अनुभव निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन सैन्य और सिविल एविएशन के नियम अलग होते हैं। इसलिए भारतीय वायुसेना से रिटायर होने के बाद किसी पायलट को यात्री विमान उड़ाने से पहले DGCA यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

DGCA के नियमों के तहत डिफेंस पायलट के सैन्य उड़ान अनुभव और रिकॉर्ड की जांच की जाती है। उनके लॉगबुक और उड़ान अनुभव को सत्यापित किया जाता है और यह देखा जाता है कि वे संबंधित सिविल पायलट लाइसेंस की शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं।

यानी फाइटर जेट उड़ाने का अनुभव सीधे किसी पायलट को यात्री विमान उड़ाने की अनुमति नहीं देता। उसे सिविल एविएशन के नियमों और संबंधित विमान के लिए जरूरी ट्रेनिंग, टेस्ट और अप्रूवल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

डिफेंस फोर्स से आने वाले पायलटों के लिए DGCA की लाइसेंसिंग प्रक्रिया में उनके सैन्य अनुभव को ध्यान में रखा जाता है। लागू नियमों के तहत कुछ मामलों में डिफेंस पायलटों को सामान्य पायलटों की तुलना में अलग प्रावधान और अनुभव के आधार पर छूट मिल सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी सिविल एविएशन आवश्यकताएं अपने आप खत्म हो जाती हैं।

DGCA की प्रक्रिया में उड़ान रिकॉर्ड, लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस, जरूरी परीक्षाओं और दूसरे दस्तावेजों की जांच शामिल हो सकती है। रिटायर्ड डिफेंस पायलटों के लिए रिटायरमेंट या रिलीज से जुड़े दस्तावेज भी लाइसेंसिंग प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

अभिनंदन जैसे फाइटर पायलट के लिए एक और अहम बदलाव विमान का है। MiG-21 जैसे फाइटर जेट से ATR 72-600 जैसे रीजनल पैसेंजर टर्बोप्रॉप विमान तक पहुंचना केवल कॉकपिट बदलने का मामला नहीं है। विमान की सिस्टम, ऑपरेशन, इंस्ट्रूमेंटेशन और कमर्शियल एविएशन प्रक्रियाओं के हिसाब से अलग ट्रेनिंग जरूरी होती है।

Civil Aviation में Medical और Examination भी जरूरी

कमर्शियल पायलट के लिए सिर्फ उड़ान का अनुभव पर्याप्त नहीं होता। सिविल एविएशन में पायलट को निर्धारित मेडिकल स्टैंडर्ड भी पूरा करना होता है। DGCA की लाइसेंसिंग व्यवस्था में Class 1 Medical जैसी आवश्यकताओं की जांच की जाती है। साथ ही संबंधित लाइसेंस के लिए जरूरी नॉलेज और एविएशन रेगुलेशन से जुड़े मानकों को भी पूरा करना होता है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैन्य पायलट के पास भले ही हजारों घंटे का अनुभव हो, लेकिन सिविल एयरलाइन ऑपरेशन के लिए जरूरी सभी रेगुलेटरी और सेफ्टी स्टैंडर्ड भी पूरे हों।

IAF के पायलटों की Commercial Aviation में मांग क्यों रहती है?

भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलटों के पास लंबे समय तक हाई-प्रेशर वातावरण में विमान उड़ाने का अनुभव होता है। उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में निर्णय लेने, सख्त ऑपरेशनल प्रक्रियाओं का पालन करने और विमान की तकनीकी क्षमताओं को समझने की ट्रेनिंग मिलती है।

इसी वजह से रिटायरमेंट के बाद कई सैन्य पायलट सिविल एविएशन का रुख करते हैं। हालांकि, फाइटर पायलट और एयरलाइन पायलट की भूमिका में बड़ा अंतर है। एयरलाइन में पायलट को यात्रियों की सुरक्षा, कमर्शियल ऑपरेशन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइन की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और संबंधित पैसेंजर विमान की ट्रेनिंग के अनुसार काम करना होता है।

अभिनंदन के मामले में भी सैन्य अनुभव उनकी बड़ी ताकत है, लेकिन FLY91 में कमर्शियल उड़ान शुरू करने के लिए उन्हें सिविल एविएशन की पूरी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना क्यों छोड़ी?

अभिनंदन वर्धमान ने करीब 22 साल भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद 31 मार्च 2026 को सेवा छोड़ दी। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लिया और इसके बाद सिविल एविएशन में करियर शुरू करने का फैसला किया।

अभिनंदन वर्धमान अब किस एयरलाइन में पायलट हैं?

अभिनंदन वर्धमान अगस्त 2026 में गोवा बेस्ड रीजनल एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़े। फिलहाल वे कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग कर रहे हैं।

अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान का F-16 कब गिराया था?

27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई मुकाबले के दौरान अभिनंदन वर्धमान ने MiG-21 Bison उड़ाया था। भारतीय वायुसेना के अनुसार उन्होंने इस दौरान पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था। इसके बाद उनका विमान भी हिट हुआ और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा।

अभिनंदन वर्धमान को कौन सा वीरता पुरस्कार मिला है?

अभिनंदन वर्धमान को 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। उन्हें 2019 के हवाई मुकाबले में उनके साहस और कर्तव्य के लिए यह सम्मान दिया गया।

2019 में अभिनंदन वर्धमान के साथ पाकिस्तान में क्या हुआ था?

27 फरवरी 2019 के हवाई मुकाबले में उनका MiG-21 हिट हो गया था। अभिनंदन ने विमान से इजेक्ट किया और पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरे, जहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया। वे करीब तीन दिन बाद 1 मार्च 2019 को भारत लौटे।

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