Ahuti Mk II ने मचाई सनसनी! 498 KM/H की रफ्तार से बना Fastest Multirotor UAV, दुश्मन के Drone को हवा में ही करेगा खत्म
हैदराबाद की स्टार्टअप Apollyon Dynamics ने Ahuti Mk II इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित किया है, जिसने 498 किमी/घंटे की रफ्तार के साथ Fastest Multirotor UAV का रिकॉर्ड बनाया। इसे दुश्मन ड्रोन को हवा में ही रोकने के लिए डिजाइन किया गया है और सेना की मदद से इसका परीक्षण भी किया गया है।
भारत में ड्रोन तकनीक के क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी Apollyon Dynamics ने Ahuti Mk II तैयार किया है, जिसने 498 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर Fastest Multirotor UAV का रिकॉर्ड बनाया है। इसकी रफ्तार को India Book of Records में भी दर्ज किया गया है।
498 KM/H की रफ्तार वाला Ahuti Mk II आखिर है क्या?

Ahuti Mk II एक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन है, जिसे सामान्य निगरानी, फोटोग्राफी या सामान ढोने के बजाय दुश्मन के ड्रोन या आने वाले हवाई खतरे को बीच हवा में रोककर नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य तेजी से बदलते युद्ध के तरीकों का सामना करना है, जहां कम कीमत वाले ड्रोन भी बड़े नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि इस तरह के interceptor drone India की रक्षा क्षमता में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Ahuti Mk II ने कैसे हासिल की 498 KM/H की रफ्तार?
Apollyon Dynamics ने इस ड्रोन की गति बढ़ाने के लिए इसके इंजन, मोटर और बाहरी ढांचे में बड़े बदलाव किए। कंपनी ने इसके डिजाइन पर काम करते हुए करीब 10 अलग-अलग मॉडल तैयार किए।कंपनी के संस्थापक जयंत खत्री के मुताबिक, Ahuti Mk II ने अपने ही पुराने प्रोटोटाइप का रिकॉर्ड तोड़ा है। पहले कंपनी के प्रोटोटाइप ने 325 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की थी।इस हाई-स्पीड प्रदर्शन के पीछे बड़ी मात्रा में विद्युत शक्ति का इस्तेमाल भी है। कंपनी के अनुसार, ड्रोन एक समय में करीब 400 एम्पियर करंट खींचता है, जिससे इसे जबरदस्त गति हासिल करने में मदद मिलती है।
सेना की मदद से हुआ परीक्षण
Apollyon Dynamics Ahuti Mk II का परीक्षण भारतीय सेना की मदद से बाबिना और गोपालपुर फायरिंग रेंज में किया गया है। कंपनी का लक्ष्य ऐसी रक्षा तकनीक तैयार करना है जो अपेक्षाकृत कम लागत में अधिक प्रभावी क्षमता उपलब्ध करा सके।हालांकि, कंपनी ने अभी इस ड्रोन की कीमत सार्वजनिक नहीं की है।
दुश्मन के Drone को कैसे रोकेगा Ahuti Mk II?
सामान्य ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से निगरानी, फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग या सामान पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऐसे ड्रोन लंबे समय तक हवा में स्थिर रह सकते हैं और अपने मिशन के मुताबिक अलग-अलग काम कर सकते हैं।इसके विपरीत, Ahuti Mk II UAV को एक इंटरसेप्टर की तरह तैयार किया गया है। इसका मुख्य काम तेजी से किसी आने वाले दुश्मन ड्रोन तक पहुंचना और उसे हवा में ही नष्ट करना है।यानी इसे एक तरह से उड़ती हुई मिसाइल की भूमिका निभाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी ज्यादा रफ्तार और फुर्ती इसे सामान्य multirotor UAV से अलग बनाती है।
Shahed-136 जैसे सस्ते Drones के खिलाफ क्यों जरूरी है ऐसी Technology?
हाल के वैश्विक संघर्षों में कम लागत वाले हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे ड्रोन अपेक्षाकृत सस्ते होने के बावजूद महत्वपूर्ण सैन्य और बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं।यही चुनौती counter-drone technology India के लिए भी महत्वपूर्ण बनाती है। महंगी इंटरसेप्टर मिसाइल से हर सस्ते ड्रोन को रोकना आर्थिक रूप से प्रभावी नहीं हो सकता। ऐसे में तेज और कम लागत वाले इंटरसेप्टर ड्रोन भविष्य की रक्षा रणनीति में उपयोगी विकल्प बन सकते हैं।हालांकि, किसी भी इंटरसेप्टर सिस्टम की वास्तविक प्रभावशीलता केवल उसकी अधिकतम गति से तय नहीं होती। लक्ष्य की पहचान, ट्रैकिंग, मार्गदर्शन, संचार और वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
Apollyon Dynamics का अगला लक्ष्य क्या है?
हैदराबाद की यह defence startup Hyderabad कंपनी केवल छोटे ड्रोन तक सीमित नहीं रहना चाहती। उसके मुताबिक, भविष्य में वह एक बड़े क्रूज मिसाइल प्लेटफॉर्म पर भी काम करना चाहती है, जो भारी पेलोड ले जाने में सक्षम हो।कंपनी ने 2032 तक इस तरह का प्लेटफॉर्म विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना में अग्नि मिसाइल कार्यक्रम के पूर्व निदेशक प्रोफेसर एम. राम मनोहर बाबू मार्गदर्शन कर रहे हैं।इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अपनी Indian drone technology को आगे बढ़ाते हुए बड़े रक्षा प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में भी काम करना चाहती है।
निष्कर्ष
Ahuti Mk II का 498 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करना भारत की उभरती Fastest Multirotor UAV और रक्षा ड्रोन तकनीक के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसका इंटरसेप्टर डिजाइन खास तौर पर तेज और कम लागत वाले दुश्मन ड्रोन से निपटने पर केंद्रित है। हालांकि, इसकी वास्तविक सैन्य क्षमता का आकलन व्यापक परिचालन परीक्षणों के बाद ही किया जा सकेगा।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Ahuti Mk II क्या है?
Ahuti Mk II एक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन है, जिसे दुश्मन के ड्रोन या हवाई खतरे को हवा में रोकने और नष्ट करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
Ahuti Mk II की maximum speed कितनी है?
Ahuti Mk II ने 498 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की है। यह रिकॉर्ड India Book of Records में दर्ज किया गया है।
Ahuti Mk II को किस कंपनी ने बनाया है?
इसे हैदराबाद स्थित स्टार्टअप Apollyon Dynamics ने विकसित किया है।
Ahuti Mk II सामान्य ड्रोन से कैसे अलग है?
सामान्य ड्रोन मुख्य रूप से निगरानी, फोटोग्राफी या सामान ढोने के लिए इस्तेमाल होते हैं, जबकि Ahuti Mk II को इंटरसेप्टर की भूमिका के लिए डिजाइन किया गया है।
Ahuti Mk II का परीक्षण कहां किया गया?
कंपनी के अनुसार, इसका परीक्षण भारतीय सेना की मदद से बाबिना और गोपालपुर फायरिंग रेंज में किया गया है।