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Subhash Chandra CBI Case 2026: ₹1,322 करोड़ के Loan में CBI की FIR, आखिर कहां फंसे Zee Founder?

Subhash Chandra CBI Case 2026 में CBI ने LIC Housing Finance से जुड़े ₹1,322 करोड़ के कथित loan fraud मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि बढ़ी हुई net worth के दस्तावेजों के आधार पर loans लिए गए और बाद में दोनों facilities में default हुआ।

Subhash Chandra CBI Case 2026: ₹1,322 करोड़ के Loan में CBI की FIR, आखिर कहां फंसे Zee Founder?

Subhash Chandra CBI Case 2026 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Zee के संस्थापक और Essel Group के चेयरमैन Subhash Chandra के खिलाफ कथित ₹1,322 करोड़ के LIC Housing Finance loan fraud मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि कर्ज हासिल करने के लिए उनकी net worth को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और बाद में दोनों loan facilities में default हुआ। मामले में कई कंपनियों और उनके निदेशकों के नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल हैं।

CBI ने Subhash Chandra के खिलाफ केस क्यों दर्ज किया?

CBI ने Subhash Chandra और अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित तौर पर बढ़ी हुई net worth के दस्तावेजों के आधार पर LIC Housing Finance से loan हासिल करने के मामले में FIR दर्ज की है। LICHFL ने दोनों loan facilities से जुड़े ब्याज और शुल्क समेत ₹1,322 करोड़ से अधिक के कथित wrongful loss का आरोप लगाया है।

Subhash Chandra CBI Case 2026 में क्या है पूरा मामला?

CBI की Banking Securities Fraud Branch ने यह FIR 31 अगस्त को दर्ज की। कार्रवाई LIC Housing Finance की जनरल मैनेजर नीता मेघानी की लिखित शिकायत के आधार पर हुई।शिकायत के मुताबिक, 2018 में दो अलग-अलग loan facilities मंजूर की गई थीं। पहली ₹500 करोड़ की facility Vasant Sagar Properties Pvt Ltd और Pan India Infra Projects Pvt Ltd को दी गई। दूसरी ₹480 करोड़ की facility Digital Subscriber Management and Consultancy Services Pvt Ltd और Spirit Infra Power and Multi Ventures Pvt Ltd को मिली।दोनों loans के लिए Subhash Chandra की ओर से personal guarantees दिए जाने का आरोप है। पहली guarantee 28 मार्च 2018 और दूसरी 10 अगस्त 2018 को जारी होने की बात शिकायत में कही गई है।

Subhash Chandra LIC Housing Finance Case में Net Worth पर क्यों उठे सवाल?

LIC Housing Finance का आरोप है कि इन loans को मंजूर कराने में Subhash Chandra की net worth से जुड़े certificates अहम थे। शिकायत के मुताबिक, 28 मार्च 2018 के एक certificate में 31 मार्च 2017 तक उनकी net worth 6,197.62 million डॉलर, यानी करीब ₹59,113.21 करोड़ बताई गई थी।वहीं दूसरी loan facility के लिए 6 जुलाई 2018 के certificate में कथित तौर पर उनकी net worth ₹40,562 करोड़ दिखाई गई।मामले में जांच का अहम बिंदु यही है कि बाद की personal insolvency resolution proceedings के दौरान Chandra ने कथित तौर पर इन आंकड़ों से अलग net worth बताई। शिकायत के अनुसार, उन्होंने 2024 में अपनी net worth ₹31.79 करोड़ बताई और कहा कि 2017-18 में भी उनकी net worth ₹40,000 करोड़ से ज्यादा नहीं थी।हालांकि, ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

CBI ₹1,322 Crore Fraud Case में Loan Default का क्या कनेक्शन है?

LIC Housing Finance के मुताबिक दोनों loan facilities में बाद में default हुआ। शिकायत में Vasant Sagar facility से जुड़ी बकाया राशि ₹570.50 करोड़ बताई गई है, जबकि Digital Subscriber facility में ₹507.25 करोड़ बकाया होने का उल्लेख है।LICHFL ने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर बढ़ी हुई और गलत net worth documents के आधार पर lender को loans देने के लिए प्रेरित किया गया। शिकायत में रकम के कथित गलत इस्तेमाल और recovery proceedings को प्रभावित करने के लिए personal guarantor की assets को हटाने का भी आरोप लगाया गया है।इसी आधार पर CBI ने Subhash Chandra, संबंधित कंपनियों, उनके निदेशकों, कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

Subhash Chandra CBI FIR में किन लोगों के नाम हैं?

FIR में Subhash Chandra के अलावा Vasant Sagar Properties Pvt Ltd, उसके निदेशक Pankaj Suroliya, Pan India Infrastructure Pvt Ltd, Digital Subscriber Management and Consultancy Services Pvt Ltd के निदेशक Amish Pandya, Spirit Infra Power and Multi Ventures Pvt Ltd के निदेशक Rajeev Dholakia समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।CBI ने कुछ अज्ञात public servants और अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया है।

निष्कर्ष

Subhash Chandra CBI Case 2026 में जांच का मुख्य केंद्र कथित तौर पर inflated net worth documents के जरिए LIC Housing Finance से loan हासिल करना, दोनों facilities में default और lender को हुए कथित ₹1,322 करोड़ से अधिक के नुकसान पर है। फिलहाल मामला जांच के चरण में है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

CBI ने Subhash Chandra के खिलाफ case क्यों दर्ज किया है?

CBI ने कथित तौर पर बढ़ी हुई net worth के दस्तावेजों के आधार पर LIC Housing Finance से loan हासिल करने और बाद में default से जुड़े मामले में FIR दर्ज की है।

Subhash Chandra CBI Case 2026 में कितनी रकम का मामला है?

LIC Housing Finance ने ब्याज और शुल्क समेत ₹1,322 करोड़ से अधिक के कथित wrongful loss का आरोप लगाया है।

Subhash Chandra के खिलाफ CBI FIR कब दर्ज की गई?

FIR 31 अगस्त को CBI की Banking Securities Fraud Branch ने दर्ज की।

Subhash Chandra CBI Case में और किन लोगों के नाम हैं?

FIR में कई कंपनियों, उनके निदेशकों, कुछ अज्ञात public servants और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

क्या Subhash Chandra पर ₹1,322 करोड़ fraud साबित हो चुका है?

नहीं। फिलहाल यह CBI की FIR और LIC Housing Finance की शिकायत में लगाए गए आरोपों का मामला है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होगा।

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