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Punjab Voters List में राघव चड्ढा का नाम हुआ ‘Shifted’! AAP पर लगाए गंभीर आरोप, पार्टी ने भी पलटवार कर दिया

राघव चड्ढा का नाम पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ‘Shifted’ कैटेगरी में दर्ज होने पर विवाद शुरू हो गया। चड्ढा ने AAP सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया, जबकि AAP ने दावा खारिज कर कहा कि SIR चुनाव आयोग करा रहा है और राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

Punjab Voters List में राघव चड्ढा का नाम हुआ ‘Shifted’! AAP पर लगाए गंभीर आरोप, पार्टी ने भी पलटवार कर दिया

पंजाब की Punjab Voters List को लेकर गुरुवार को सियासी विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘Shifted’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। चड्ढा ने इसके पीछे आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया।वहीं, AAP सरकार ने इन आरोपों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया। पार्टी ने कहा कि वोटर लिस्ट का Special Intensive Revision (SIR) चुनाव आयोग करा रहा है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

Raghav Chadha Voter List विवाद में कैसे आया नाम?

Image Credit - ANI
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राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और मोहाली में मतदाता रहे हैं। अप्रैल में आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सदस्यों में से 7 के बीजेपी में शामिल होने के बाद चड्ढा भी बीजेपी में चले गए थे।अब पंजाब की Punjab draft voters list में उनके नाम को ‘Shifted’ श्रेणी में दर्ज किए जाने के बाद उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।चड्ढा का दावा है कि उनके नाम को ‘Shifted’ के तौर पर दर्ज करने की प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), असिस्टेंट इलेक्ट्रोल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) और चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) से जुड़े अधिकारी शामिल रहे।उनका आरोप है कि ये अधिकारी जानते हैं कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके तबादले, पोस्टिंग और करियर से जुड़े फैसले राज्य सरकार के प्रभाव में आते हैं।

राघव चड्ढा की वोटर लिस्ट को लेकर क्या विवाद है?

राघव चड्ढा की वोटर लिस्ट को लेकर क्या विवाद है?

राघव चड्ढा ने दावा किया है कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘Shifted’ कैटेगरी में डाल दिया गया। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। हालांकि, AAP ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट का Special Intensive Revision चुनाव आयोग कर रहा है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

Punjab Voters List पर राघव चड्ढा ने AAP पर क्या आरोप लगाए?

Punjab Voters List विवाद पर राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।उन्होंने दावा किया कि AAP सरकार उन अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बना सकती है जो चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हैं। चड्ढा के मुताबिक, अधिकारियों को अपने ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर को लेकर सरकार के प्रभाव का पता होता है।इसी आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल उनके खिलाफ राजनीतिक बदले के लिए किया जा रहा है।चड्ढा ने यह भी दावा किया कि AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए दूसरे पूर्व AAP नेताओं को भी पंजाब पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के जरिए निशाना बनाया गया है।उन्होंने AAP छोड़ने के बाद पार्टी नेतृत्व पर उनके प्रति नाराजगी रखने का आरोप भी लगाया।हालांकि, ये सभी आरोप राघव चड्ढा के दावे हैं और उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

AAP ने राघव चड्ढा के आरोपों पर क्या कहा?

राघव चड्ढा के आरोपों को आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।AAP ने कहा कि पंजाब में मतदाता सूची का Special Intensive Revision राज्य सरकार नहीं, बल्कि भारत निर्वाचन आयोग करा रहा है। पार्टी के मुताबिक, इसलिए वोटर लिस्ट में किसी नाम के बदलाव या वर्गीकरण के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराना गलत है।AAP ने चड्ढा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण कराने की कोशिश में बैकडेटेड प्रक्रिया का सहारा लेते हुए पकड़े गए थे।पार्टी ने कहा कि अब चड्ढा इस मामले का दोष AAP और पंजाब सरकार पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।इस तरह AAP Raghav Chadha controversy में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं।

Punjab Draft Electoral Roll पर चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चड्ढा के राजनीतिक आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल यह सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है। अगर किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से छूट गया है तो उसे तय प्रक्रिया के तहत वापस जोड़ा जा सकता है।CEO कार्यालय के अधिकारी के मुताबिक, राजनीतिक आरोपों पर टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन वास्तविक मतदाता का नाम छूटने की स्थिति में उसे उचित प्रक्रिया के जरिए शामिल किया जाएगा।इसका मतलब है कि मौजूदा सूची को अंतिम मतदाता सूची नहीं माना जाना चाहिए। ड्राफ्ट सूची में आपत्तियों और दावों के बाद जरूरी सुधार किए जा सकते हैं।

Punjab Electoral Roll में ‘Shifted’ का मतलब क्या है?

वोटर लिस्ट में किसी मतदाता का नाम ‘Shifted’ श्रेणी में होना मूल रूप से इस बात से जुड़ा है कि संबंधित व्यक्ति अपने दर्ज पते से कहीं और स्थानांतरित हो गया है या नहीं।हालांकि, राघव चड्ढा के मामले में ‘Shifted’ श्रेणी में नाम दर्ज होने को लेकर राजनीतिक विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि उन्होंने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।दूसरी ओर, AAP ने किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार किया है और कहा है कि SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में है।इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति ड्राफ्ट प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित चुनावी अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

राघव चड्ढा ने किन अधिकारियों पर सवाल उठाए?

चड्ढा ने अपने आरोपों में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई स्तर के अधिकारियों का जिक्र किया है।उनके मुताबिक, BLO, AERO और CEO कार्यालय से जुड़े अधिकारी उनके नाम की स्थिति बदलने की प्रक्रिया का हिस्सा रहे।उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों पर राज्य सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण का प्रभाव हो सकता है और इसी वजह से राजनीतिक दबाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।हालांकि, पंजाब के CEO कार्यालय ने इन राजनीतिक आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्या Punjab Voters List में राघव चड्ढा का नाम वापस जुड़ सकता है?

फिलहाल यह Punjab draft electoral roll है, अंतिम मतदाता सूची नहीं। पंजाब CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से छूट गया है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस जोड़ा जा सकता है।इसलिए ‘Shifted’ श्रेणी में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का अधिकार स्थायी रूप से खत्म हो गया है।मौजूदा विवाद में आगे की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच यह तय करेगी कि चड्ढा का नाम किस आधार पर ‘Shifted’ श्रेणी में दर्ज किया गया और क्या इसमें कोई गलती हुई है।

Punjab Voter List Controversy का राजनीतिक असर क्या होगा?

Punjab voter list controversy ऐसे समय सामने आई है जब राज्य में राजनीतिक समीकरणों को लेकर पहले से ही काफी हलचल है।राघव चड्ढा का AAP छोड़कर बीजेपी में जाना इस विवाद को और राजनीतिक महत्व देता है। चड्ढा ने इसे सीधे राजनीतिक बदले से जोड़ते हुए पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।दूसरी ओर, AAP का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधीन है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।इसलिए फिलहाल विवाद का सबसे अहम सवाल यही है कि चड्ढा के नाम को ‘Shifted’ कैटेगरी में दर्ज करने का वास्तविक आधार क्या था।जब तक आधिकारिक जांच या प्रक्रिया से इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक दावों के रूप में ही देखे जाने चाहिए।

निष्कर्ष

Punjab Voters List में राघव चड्ढा का नाम ‘Shifted’ कैटेगरी में दर्ज होने से पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। चड्ढा ने इसे AAP सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि AAP ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची का SIR चुनाव आयोग करा रहा है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। फिलहाल यह ड्राफ्ट सूची है, इसलिए आगे की चुनावी प्रक्रिया के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

राघव चड्ढा ने पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर क्या दावा किया?

राघव चड्ढा ने दावा किया कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘Shifted’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।

राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट में बदलने का क्या मामला है?

चड्ढा का नाम पंजाब के मोहाली में मतदाता के तौर पर दर्ज रहा है। अब ड्राफ्ट सूची में उनके नाम को ‘Shifted’ श्रेणी में दर्ज किए जाने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के दावे पर क्या कहा?

AAP ने आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि Special Intensive Revision चुनाव आयोग करा रहा है और पंजाब सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट क्या होती है?

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मतदाता सूची का प्रारंभिक संस्करण होती है। इसमें नामों और विवरणों को लेकर दावे या आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं और तय प्रक्रिया के बाद जरूरी सुधार किए जा सकते हैं।

पंजाब की वोटर लिस्ट को लेकर विवाद क्यों हुआ?

विवाद तब शुरू हुआ जब राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनका नाम ‘Shifted’ कैटेगरी में डाल दिया गया है और इसके पीछे राजनीतिक दबाव है। AAP ने आरोप खारिज कर जिम्मेदारी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर होने की बात कही है।

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