US NATO ICC Withdrawal: NATO Allies से ICC छोड़ने को क्यों कह रहा America? ‘End the Charade’ वाले बयान से मची हलचल
अमेरिका ने NATO सहयोगियों से ICC छोड़ने और Rome Statute से बाहर निकलने की अपील की है। France और Netherlands ने इसका विरोध किया। इस कदम से अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के बीच ICC को लेकर मतभेद और गहरे हो सकते हैं।
अमेरिका ने अपने NATO सहयोगी देशों से International Criminal Court यानी ICC से बाहर निकलने और उसके संस्थापक समझौते Rome Statute को छोड़ने की अपील की है। US NATO ICC Withdrawal को लेकर सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक Washington ने NATO देशों से ICC की आलोचना करने और उसे किसी भी तरह का Material Support देना बंद करने को भी कहा है।
US ने NATO Countries से ICC छोड़ने को क्यों कहा?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का मानना है कि ICC उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता और कार्रवाई की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करता है। अमेरिकी NATO Mission ने कथित तौर पर NATO देशों से Rome Statute से बाहर निकलने, ICC की आलोचना करने और अदालत को Material Support देना रोकने की अपील की। अमेरिका ने ICC की क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से खत्म करने की बात भी कही है।
US NATO ICC Withdrawal की मांग आखिर क्यों उठी?
US NATO ICC Withdrawal की मांग NATO के 32 राजदूतों की जुलाई में हुई बंद कमरे की बैठक के दौरान सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी दूत मैथ्यू व्हिटेकर ने सहयोगी देशों से ICC छोड़ने की अपील की।अमेरिकी NATO Mission ने कथित तौर पर एक दस्तावेज भी NATO देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच साझा किया। इसमें देशों से Rome Statute से बाहर निकलने की दिशा में तत्काल कदम उठाने और ICC की गतिविधियों को लेकर अपनी चिंताओं को सार्वजनिक करने को कहा गया।रिपोर्ट में अमेरिकी दस्तावेज के हवाले से ICC के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसी दस्तावेज में ‘End the Charade of the ICC’ जैसी टिप्पणी का भी उल्लेख है।
NATO ICC Withdrawal पर France और Netherlands ने क्या कहा?
अमेरिका की मांग को NATO के सभी सहयोगियों का समर्थन नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार France और Netherlands ने बैठक में ICC का बचाव किया और अमेरिकी रुख से असहमति जताई।दो NATO राजनयिकों ने व्हिटेकर की टिप्पणियों को कथित तौर पर ‘shocking’ और ‘disappointing’ बताया। इससे साफ है कि NATO Allies ICC को लेकर गठबंधन के भीतर भी एकराय नहीं है।NATO खुद ICC का सदस्य नहीं है। हालांकि, अमेरिका और Turkey को छोड़कर NATO के बाकी सदस्य देश Rome Statute के पक्षकार हैं। इसलिए अगर इन देशों में से कुछ अमेरिकी अपील पर ICC छोड़ते हैं, तो इसका अदालत के अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर असर पड़ सकता है।
US International Criminal Court से इतना नाराज क्यों है?
US International Criminal Court विवाद की जड़ में अमेरिका की संप्रभुता को लेकर चिंता है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio पहले ही ICC पर अमेरिकी संप्रभुता में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा चुके हैं।अमेरिका ICC का सदस्य नहीं है और उसने लंबे समय से इस अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर आपत्ति जताई है। 2020 में ICC ने Afghanistan में अमेरिकी सैनिकों पर कथित War Crimes की जांच शुरू की थी। बाद में इस जांच को कम प्राथमिकता दी गई।अमेरिका का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और समझौतों का इस्तेमाल उसकी स्वतंत्र कार्रवाई को सीमित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में Trump ICC Policy के तहत अदालत पर दबाव बढ़ाने के कदम सामने आए हैं।
US ICC Sanctions के बाद क्यों बढ़ा विवाद?
ICC को लेकर अमेरिका का दबाव सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार Washington ने पिछले महीने ICC के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें ICC President Tomoko Akane भी शामिल हैं।इसके अलावा ICC से जुड़े कुछ मामलों में अमेरिका की संभावित जवाबी कार्रवाई की चर्चा भी होती रही है। Caribbean क्षेत्र में कथित अमेरिकी Drug-related Boat Attacks की जांच की मांग ने भी इस विवाद को नया आयाम दिया है।ऐसे में US ICC Sanctions और NATO सहयोगियों से अदालत से दूरी बनाने की अपील को अमेरिका के व्यापक ICC विरोधी अभियान के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
International Criminal Court क्या है और इसकी भूमिका क्यों अहम है?
International Criminal Court की स्थापना 2002 में हुई थी। इसका उद्देश्य Genocide, War Crimes और अन्य गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपों की जांच और अभियोजन करना है।ICC का महत्व इसलिए है क्योंकि यह ऐसे मामलों में कार्रवाई करने की कोशिश करता है जहां गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता होती है।हालांकि अमेरिका ICC का सदस्य नहीं है और उसने इसके अधिकार क्षेत्र को लेकर लगातार आपत्तियां जताई हैं। International Criminal Court 2026 को लेकर मौजूदा विवाद इसी पुराने मतभेद के और गहराने का संकेत देता है।
NATO पर ICC विवाद का क्या असर पड़ सकता है?
NATO ICC Withdrawal की अमेरिकी अपील ऐसे समय सामने आई है जब Washington और कई यूरोपीय सहयोगियों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद मौजूद हैं।अगर कुछ NATO सदस्य Rome Statute से बाहर निकलने का फैसला करते हैं, तो ICC को मिलने वाला राजनीतिक और संस्थागत समर्थन कमजोर हो सकता है। वहीं अगर यूरोपीय NATO देश अमेरिकी दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं, तो इससे Washington और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच मतभेद और स्पष्ट हो सकते हैं।फिलहाल रिपोर्ट में सामने आया रुख किसी सामूहिक NATO फैसले को नहीं दर्शाता। यह अमेरिकी प्रशासन की ओर से सहयोगी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर सामने आया है।
निष्कर्ष
US NATO ICC Withdrawal की मांग ने अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच ICC को लेकर मौजूद मतभेदों को सामने ला दिया है। Washington चाहता है कि NATO देश Rome Statute से बाहर निकलें और ICC का समर्थन बंद करें, जबकि France और Netherlands जैसे देशों ने अदालत का बचाव किया है। अब बड़ा सवाल यही है कि अमेरिकी दबाव के बावजूद कितने NATO Allies उसके साथ खड़े होते हैं।
FAQ (Frequently Asked Questions):
US ने NATO Allies से ICC से Withdraw होने को क्यों कहा?
अमेरिका का आरोप है कि ICC उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता और स्वतंत्र कार्रवाई में हस्तक्षेप करता है। इसी आधार पर Washington NATO देशों से Rome Statute छोड़ने की अपील कर रहा है।
International Criminal Court यानी ICC क्या है?
ICC एक अंतरराष्ट्रीय अदालत है जिसकी स्थापना 2002 में Genocide, War Crimes और अन्य गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपों पर कार्रवाई के लिए हुई थी।
US और ICC के बीच विवाद क्यों है?
अमेरिका ICC का सदस्य नहीं है और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर आपत्ति जताता रहा है। Afghanistan में अमेरिकी सैनिकों से जुड़े कथित War Crimes की जांच भी विवाद का हिस्सा रही है।
NATO Countries से ICC छोड़ने की मांग क्यों की गई?
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका चाहता है कि उसके NATO सहयोगी ICC की आलोचना करें, Rome Statute से बाहर निकलें और अदालत को Material Support देना बंद करें।
ICC से Withdraw होने पर NATO Countries पर क्या असर पड़ेगा?
किसी देश का Rome Statute छोड़ना उस देश के ICC के साथ कानूनी और संस्थागत संबंधों को प्रभावित कर सकता है। सामूहिक रूप से कई देशों के बाहर निकलने पर ICC के अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर असर पड़ सकता है।