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Europe Wildfire CO2 Emissions 2026: आग के गोलों में बदल रहे हैं यूरोप के जंगल, 2.7 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ने दुनिया के सामने क्यों खड़ी कर दी है डरावनी चुनौती?

यूरोप में 2026 की जंगलों की आग से अब तक करीब 27 मिलियन टन CO2 उत्सर्जित हुआ। फ्रांस में जुलाई में रिकॉर्ड 0.89 MtC कार्बन निकला। बढ़ती गर्मी और सूखे से आग का खतरा बढ़ रहा है, जिससे यूरोप का कार्बन सिंक कमजोर हो रहा है।

Europe Wildfire CO2 Emissions 2026: आग के गोलों में बदल रहे हैं यूरोप के जंगल, 2.7 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ने दुनिया के सामने क्यों खड़ी कर दी है डरावनी चुनौती?

Europe Wildfire CO2 Emissions: यूरोप में 2026 की जंगलों की आग अब सिर्फ जमीन और जंगलों को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इस साल अब तक यूरोप की वाइल्डफायर से अनुमानित 27 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (MtCO2) वातावरण में पहुंच चुकी है। यूरोपीय संघ की कोपरनिकस एटमॉस्फियर मॉनिटरिंग सर्विस (CAMS) के आंकड़ों के मुताबिक फ्रांस में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक रही, जहां जुलाई में ही आग से 0.89 मिलियन टन कार्बन (MtC) उत्सर्जित हुआ। यह फ्रांस में जुलाई के लिए अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।समस्या सिर्फ इतनी नहीं है कि आग से जंगलों में जमा कार्बन वापस वातावरण में जा रहा है। बड़े पैमाने पर जंगल जलने से जमीन और जंगलों की भविष्य में कार्बन सोखने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। ऐसे में यूरोप के लिए एक तरफ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना चुनौती है, तो दूसरी तरफ जंगलों जैसे प्राकृतिक कार्बन सिंक को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

फ्रांस में जुलाई की आग ने बनाया नया रिकॉर्ड

फ्रांस में 2026 का फायर सीजन खास तौर पर गंभीर रहा। CAMS के मुताबिक जुलाई 2026 में फ्रांस की आग से 0.89 MtC कार्बन उत्सर्जित हुआ, जबकि इससे पहले जुलाई का रिकॉर्ड 2022 में 0.64 MtC था। CAMS सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन और ग्लोबल फायर एसिमिलेशन सिस्टम की मदद से जंगलों और अन्य वनस्पतियों में लगी आग से होने वाले उत्सर्जन का अनुमान लगाता है। फ्रांस में जुलाई तक साल-दर-साल आग से होने वाला उत्सर्जन भी उपलब्ध रिकॉर्ड में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था।2026 में यूरोप के कई हिस्सों में लंबे समय तक गर्मी, कम बारिश और सूखी मिट्टी ने जंगलों को आग के लिए बेहद संवेदनशील बना दिया। इसका असर सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं रहा। स्पेन और पश्चिमी यूरोप के दूसरे हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर आग देखने को मिली।
यूरोपीय फॉरेस्ट फायर इंफॉर्मेशन सिस्टम (EFFIS) के आंकड़ों के अनुसार 2 सितंबर 2026 तक यूरोपीय संघ में 6,47,375 हेक्टेयर जमीन जल चुकी थी, जिसमें 30 हेक्टेयर से बड़े 1,913 आग के मामले शामिल थे। यह क्षेत्र 2006-2025 के करीब 3.28 लाख हेक्टेयर औसत से काफी ज्यादा है, हालांकि 2025 के रिकॉर्ड स्तर से कम है।
यानी 27 मिलियन टन CO2 का आंकड़ा किसी एक बड़ी आग का नतीजा नहीं है, बल्कि पूरे यूरोप में फैली व्यापक फायर एक्टिविटी का परिणाम है।

Source: Copernicus Atmosphere Monitoring Service
Source: Copernicus Atmosphere Monitoring Service

गर्मी और सूखे ने आग को और खतरनाक बनाया

वैज्ञानिकों के मुताबिक 2026 में पश्चिमी यूरोप में जिस तरह गर्मी, कम बारिश और मिट्टी में नमी की कमी एक साथ देखने को मिली, उसने आग के लिए बेहद अनुकूल परिस्थितियां बना दीं।वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन के अध्ययन में दक्षिण-पश्चिम फ्रांस और मध्य स्पेन की 2026 की आग की परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के मुताबिक इंसानी गतिविधियों से पैदा हुई ग्लोबल वार्मिंग ने इन गर्म और सूखे हालात की संभावना को काफी बढ़ाया। दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में इसी स्तर की गंभीर फायर वेदर कंडीशन अब करीब 20 साल में एक बार देखने को मिल सकती है, जबकि मध्य स्पेन में ऐसी स्थिति करीब 6 साल में एक बार आने का अनुमान है।
मध्य स्पेन में 2026 जैसी गंभीर फायर वेदर कंडीशन अब औद्योगिक क्रांति से पहले के मुकाबले कम से कम 20 गुना ज्यादा संभावित हो गई हैं। दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में ऐसी स्थिति कम से कम दो गुना ज्यादा संभावित हुई है। हालांकि वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करते हैं कि आग के पीछे सिर्फ जलवायु परिवर्तन ही जिम्मेदार नहीं है। जंगलों की संरचना, वनस्पति, जमीन का इस्तेमाल, आबादी और फायर मैनेजमेंट भी आग के फैलने की रफ्तार और नुकसान को प्रभावित करते हैं।

Source: World Weather Attribution
Source: World Weather Attribution

जंगलों की आग से यूरोप का कार्बन सिंक भी कमजोर हो रहा

यह संकट इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोप की जलवायु नीति में जंगल और जमीन कार्बन सोखने का बड़ा माध्यम हैं। जमीन, भूमि उपयोग में बदलाव और वानिकी यानी एलयूएलयूसीएफ सेक्टर ने 2023 में करीब 198 MtCO2e कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर शुद्ध उत्सर्जन को वातावरण से हटाया था। यह उस साल यूरोपीय संघ के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के करीब 6% के बराबर था।लेकिन इस प्राकृतिक कार्बन सिंक की क्षमता लगातार कमजोर हुई है। 2014 से 2023 के बीच एलयूएलयूसीएफ सेक्टर की औसत कार्बन रिमूवल क्षमता पिछले दशक की तुलना में करीब 30% कम रही। यूरोपियन एनवायरनमेंट एजेंसी के मुताबिक इसके पीछे जंगलों की बढ़ती उम्र, लकड़ी की कटाई, प्राकृतिक आपदाएं, सूखा और जलवायु परिवर्तन से पेड़ों की वृद्धि पर पड़ने वाला असर जैसे कई कारण हैं। जंगलों में लगने वाली आग भी इस दबाव को बढ़ाती है।
यूरोपीय संघ ने 2030 तक एलयूएलयूसीएफ सेक्टर से 310 MtCO2e के शुद्ध कार्बन रिमूवल का लक्ष्य रखा है। लेकिन मौजूदा नीतियों और सदस्य देशों की योजनाओं के आधार पर यूरोप अभी इस लक्ष्य की राह पर नहीं है।
यही वजह है कि जंगल जलने का मतलब सिर्फ उस समय का CO2 उत्सर्जन नहीं है। अगर कोई जंगल बुरी तरह जल जाता है तो वह आने वाले वर्षों में उतनी मात्रा में कार्बन सोखने में सक्षम नहीं रह सकता, जितना स्वस्थ जंगल सोखता।

Source: EEA
Source: EEA

जंगल बचाने वाले कार्बन क्रेडिट पर भी बढ़ा खतरा

यूरोप में बढ़ती आग का असर नेचर-बेस्ड कार्बन प्रोजेक्ट्स और फॉरेस्ट कार्बन क्रेडिट पर भी पड़ सकता है। ऐसे प्रोजेक्ट इस अनुमान पर काम करते हैं कि पेड़ों और जंगलों में जमा कार्बन लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा। लेकिन बड़ी आग कुछ ही घंटों या दिनों में कई वर्षों से जमा कार्बन को वातावरण में वापस भेज सकती है।इसी जोखिम से निपटने के लिए कई कार्बन क्रेडिट सिस्टम बफर पूल का इस्तेमाल करते हैं। इसमें कुछ अतिरिक्त क्रेडिट अलग रखे जाते हैं, ताकि किसी प्रोजेक्ट के जंगल में आग, बीमारी या दूसरी प्राकृतिक आपदा से कार्बन स्टोरेज खत्म होने पर उन क्रेडिट को रिटायर करके नुकसान की भरपाई की जा सके।
कैलिफोर्निया के कार्बन ऑफसेट सिस्टम का अनुभव दिखाता है कि लगातार बढ़ती जंगल की आग इस व्यवस्था पर कितना दबाव डाल सकती है। कार्बनप्लान और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के अध्ययन के अनुसार कैलिफोर्निया के कार्यक्रम में करीब 68 लाख क्रेडिट वाइल्डफायर जोखिम के लिए अलग रखे गए थे, लेकिन 2024 तक आग से जुड़े संचयी नुकसान 1.07 करोड़ से ज्यादा क्रेडिट तक पहुंच चुके थे। इसका मतलब है कि पुराने जोखिम अनुमानों के आधार पर बनाए गए बफर आधुनिक आग के बढ़ते खतरे के सामने पर्याप्त नहीं हो सकते।
इसका सबक यूरोप के लिए भी महत्वपूर्ण है। जंगलों को सिर्फ इसलिए कार्बन प्रोजेक्ट के रूप में नहीं देखा जा सकता कि आज वे CO2 सोख रहे हैं। यह भी देखना होगा कि बदलते मौसम में वे अगले कई दशकों तक सुरक्षित रह पाएंगे या नहीं।आने वाले दशकों में आग का खतरा और बढ़ सकता है

आने वाले दशकों में आग का खतरा और बढ़ सकता है

अगस्त 2026 में ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन ने यूरोप में भविष्य के वाइल्डफायर जोखिम को लेकर और बड़ी चिंता जताई है। पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च के नेतृत्व में हुए अध्ययन के मुताबिक अगर दुनिया कम उत्सर्जन वाले रास्ते पर रहती है, तो सदी के अंत तक यूरोप में सालाना जलने वाला क्षेत्र आज के औसत की तुलना में करीब 39% बढ़ सकता है। ज्यादा उत्सर्जन वाले परिदृश्य में यह बढ़ोतरी करीब 192% तक पहुंच सकती है, यानी जला हुआ क्षेत्र लगभग तीन गुना हो सकता है।हालांकि तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। अध्ययन के अनुसार बेहतर फायर प्रिवेंशन, शुरुआती पहचान और तेज फायरफाइटिंग क्षमता से नुकसान काफी कम किया जा सकता है। बेहतर फायर मैनेजमेंट से संभावित बढ़ोतरी को करीब 72% से 92% तक कम किया जा सकता है। लेकिन गंभीर जलवायु परिवर्तन की स्थिति में केवल फायर मैनेजमेंट से पूरा खतरा खत्म नहीं होगा।
यानी यूरोप के सामने चुनौती दोहरी है। एक तरफ उसे जंगलों में आग लगने से रोकने, आग का जल्दी पता लगाने और उसे तेजी से बुझाने की क्षमता बढ़ानी होगी। दूसरी तरफ गर्मी और सूखे को बढ़ाने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को भी कम करना होगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Europe की Wildfires ने 2026 में कितना CO2 Release किया?

2026 में अब तक यूरोप की जंगलों की आग से अनुमानित 27 मिलियन टन CO2 उत्सर्जित हुआ है। यह आंकड़ा पूरे यूरोप में हुई आग से जुड़े उत्सर्जन का अनुमान है।

France में Wildfire Emissions का नया Record क्यों बना?

फ्रांस में लंबे समय तक गर्मी, कम बारिश और मिट्टी में नमी की कमी ने आग के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाईं। जुलाई 2026 में फ्रांसीसी जंगलों की आग से 0.89 MtC कार्बन उत्सर्जित हुआ, जो जुलाई के लिए रिकॉर्ड है।

Copernicus के अनुसार Europe में Wildfires से कितना Carbon निकला?

कोपरनिकस के फायर एमिशन डेटा के आधार पर 2026 में अब तक यूरोप की जंगलों की आग से करीब 27 MtCO2 उत्सर्जन का अनुमान है। CAMS सैटेलाइट और फायर मॉडलिंग सिस्टम से आग के उत्सर्जन का आकलन करता है।

France Wildfires ने कितने Hectares क्षेत्र को प्रभावित किया?

पूरे यूरोपीय संघ के लिए EFFIS के अनुसार 2 सितंबर 2026 तक 6,47,375 हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका था। यह आंकड़ा सिर्फ फ्रांस का नहीं, बल्कि पूरे EU का है।

Climate Change का Europe Wildfire Season पर क्या असर है?

जलवायु परिवर्तन के कारण गर्म और सूखे हालात की संभावना बढ़ रही है। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन के मुताबिक 2026 में दक्षिण-पश्चिम फ्रांस और मध्य स्पेन में गंभीर फायर वेदर की संभावना मानव-जनित ग्लोबल वार्मिंग के कारण काफी बढ़ी।

Wildfire CO2 Emissions Environment के लिए क्यों चिंताजनक हैं?

आग सीधे जंगलों और वनस्पतियों में जमा कार्बन को वातावरण में छोड़ती है। इसके साथ बड़े पैमाने पर जंगल नष्ट होने से भविष्य में जमीन और जंगलों की CO2 सोखने की क्षमता भी घट सकती है। यही यूरोप के कमजोर होते कार्बन सिंक और जलवायु लक्ष्यों के लिए बड़ी चुनौती है।

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