RIT Global Scholar Quest: RIT का भारत में पहला इनोवेशन प्रोग्राम पूरा, छात्रों ने दिखाई प्रतिभा - जानिए विजेता को क्या मिला?
RIT ने भारत में अपना पहला Global Scholar Quest आयोजित किया, जिसमें कक्षा 11-12 के छात्रों ने वास्तविक समस्याओं के समाधान पेश किए। मुंबई में हुए फिनाले में विजेता को ₹1 लाख और $50,000 के RIT स्कॉलरशिप पूल का अवसर मिला।
अमेरिका की Rochester Institute of Technology (RIT) ने भारत में अपना पहला Global Scholar Quest (GSQ) स्टूडेंट इनोवेशन प्रोग्राम आयोजित किया है। इसका मकसद सिर्फ छात्रों की पढ़ाई या परीक्षा के नंबर देखना नहीं, बल्कि यह समझना था कि वे वास्तविक समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक समाधान कैसे तैयार करते हैं। अगस्त में मुंबई में हुए ग्रैंड फिनाले में विजेता टीम को ₹1 लाख कैश प्राइज के साथ RIT के $50,000 स्कॉलरशिप पूल तक पहुंच दी गई। तीन छात्रों को Rising Star Awards भी दिए गए।
RIT का पहला India Innovation Programme, छात्रों को मिला असली समस्याओं पर काम करने का मौका
Global Scholar Quest का पहला India Edition मई से अगस्त 2026 के बीच चला। कार्यक्रम में Grade 11 और 12 के छात्रों को नामांकन के जरिए शामिल किया गया। इसमें International Baccalaureate (IB), Cambridge और भारतीय बोर्ड से जुड़े स्कूलों के छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को चार स्तरों में तैयार किया गया था, जिसमें छात्रों की समस्या पहचानने, नए विचार विकसित करने और उन्हें काम करने योग्य समाधान में बदलने की क्षमता पर ध्यान दिया गया।
GSQ में Artificial Intelligence, Climate और Healthcare जैसे विषयों समेत कुल 10 Innovation Tracks रखे गए थे। शुरुआती ऑनलाइन स्क्रीनिंग और टीम सबमिशन के बाद चुने गए छात्रों को मेंटरशिप दी गई। इसमें TIFR के फिजिसिस्ट और Creator International School के संस्थापक डॉ. एमए रहमान के साथ इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने छात्रों को मार्गदर्शन दिया।

अंतिम चरण में चुनी गई टीमों ने मुंबई में अपने आइडिया और प्रोटोटाइप RIT तथा इंडस्ट्री जूरी के सामने पेश किए। मूल्यांकन में आइडिया की Originality, उसे लागू करने की संभावना और वास्तविक दुनिया पर उसके संभावित असर को देखा गया।
24 अगस्त को मुंबई के BKC में हुए Grand Finale के साथ भारत के पहले GSQ Chapter का समापन हुआ। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, फिनाले में देशभर की Finalist Teams ने अपने Innovation Solutions प्रस्तुत किए।
RIT ने कहा- भारत में सिर्फ एडमिशन नहीं, लंबे समय का रिश्ता बनाना है
RIT की भारत यात्रा सिर्फ Global Scholar Quest तक सीमित नहीं रही। यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ Enrollment और Global Strategy अधिकारियों ने मुंबई में 120 से ज्यादा स्कूल प्रिंसिपल्स, Counsellors और Education Leaders के साथ भी बातचीत की।
इस दौरान International Education, Student Mobility, Innovation और स्कूलों तथा Universities के बीच लंबे समय के सहयोग पर चर्चा हुई। RIT का कहना है कि भारत में उसका उद्देश्य सिर्फ ज्यादा छात्रों को एडमिशन देना नहीं, बल्कि स्कूलों, काउंसलर्स, शिक्षकों, छात्रों और परिवारों के साथ लंबे समय के रिश्ते बनाना है।

RIT की Kathleen B. Davis के मुताबिक GSQ के जरिए यूनिवर्सिटी छात्रों को कॉलेज में आने से पहले ही समझना चाहती है। खासकर यह देखना कि छात्र अनिश्चित परिस्थितियों में कैसे सोचते हैं, प्रयोग कैसे करते हैं और अपनी जिज्ञासा को किसी ठोस आइडिया में कैसे बदलते हैं।
भारत में RIT पहले से Tiger STRIPES जैसे Hands-on Learning Initiatives के जरिए स्कूलों के साथ काम कर रहा है। यूनिवर्सिटी के अनुसार इस पहल में भाग लेने वाले स्कूलों और छात्रों की जागरूकता बढ़ी है।
Indian Students के लिए RIT का Co-op Programme भी बड़ा आकर्षण
RIT की पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Cooperative Education यानी Co-op है। इसमें छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के दौरान ही कंपनियों में वास्तविक काम का अनुभव हासिल कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी के मुताबिक उसके छात्रों ने Disney, Apple, PwC और Deloitte जैसी कंपनियों में Co-op और रोजगार के अवसर हासिल किए हैं।
यहां Co-op को Post-Graduation के बाद मिलने वाले Optional Practical Training (OPT) से अलग समझना जरूरी है। Co-op पढ़ाई के दौरान काम का अनुभव देता है, जबकि OPT अलग Post-Graduation Work Opportunity है।
भारत से RIT में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह मॉडल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेश में पढ़ाई की बड़ी लागत के बीच Work Experience और Career Exposure डिग्री की Practical Value बढ़ा सकते हैं।
Engineering और Computing में भारतीय छात्रों की सबसे ज्यादा रुचि
RIT के अनुसार भारत उसके महत्वपूर्ण International Markets में शामिल है। Undergraduate स्तर पर भारत से आने वाले Applications पिछले साल के आसपास ही रहे हैं, जबकि Graduate Applications में कमी देखी गई है।
भारतीय छात्रों के बीच Engineering और Computing सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले क्षेत्र हैं। इसके बाद Business के कार्यक्रमों में खासकर Data Analytics और Sports से जुड़े विषयों को लेकर रुचि देखी जाती है।
RIT का भारत में करीब 30,000 Alumni का नेटवर्क भी है। यूनिवर्सिटी Undergraduate छात्रों को Research में भाग लेने के अवसर भी देती है।
Admission के मामले में RIT Holistic Approach अपनाता है। यूनिवर्सिटी फिलहाल SAT और ACT Optional रखती है। Academic Performance, Essays, Recommendations और पूरे Student Profile को महत्व दिया जाता है। RIT के अनुसार, Score जमा करने वाले छात्रों का औसत SAT करीब 1360 रहा है और औसत Class GPA लगभग 96/100 बताया गया है।
RIT ने शुरू किया Bachelor's Programme in AI
RIT के भारत दौरे के दौरान एक और बड़ा Academic Development सामने आया। यूनिवर्सिटी ने Bachelor's Programme in Artificial Intelligence शुरू किया है, जिसकी पहली Cohort Fall 2026 में शुरू हो रही है।यह Programme RIT के पहले से मौजूद Master's Programme in AI से अलग है। Bachelor's Course उन छात्रों के लिए बनाया गया है जो सीधे Undergraduate स्तर पर AI की पढ़ाई शुरू करना चाहते हैं।
RIT AI को केवल एक Degree तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग Disciplines में भी शामिल करने की दिशा में काम कर रहा है। यूनिवर्सिटी AI Institute स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है।
इसके साथ Responsible Use of AI पर भी जोर दिया जा रहा है। RIT का कहना है कि छात्रों को AI का इस्तेमाल एक Tool के रूप में समझना चाहिए, लेकिन Academic Work में ईमानदारी और Ethical Use जरूरी है।
AI के अलावा RIT Health Sciences में भी विस्तार कर रहा है। Occupational Therapy शुरू हो चुकी है, जबकि Physical Therapy और Nursing जैसे क्षेत्रों में आगे विस्तार की योजना बताई गई है। यूनिवर्सिटी का Academic Portfolio Art and Design, Liberal Arts और Business जैसे क्षेत्रों को भी कवर करता है।
US Visa Rules में बदलाव के बीच RIT की भारत पर नजर
अमेरिका की बदलती Immigration और Visa Policies का असर International Students के फैसलों पर पड़ रहा है। RIT की टीम ने भी माना कि Visa Regulations में बदलाव Study Abroad Planning को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके बावजूद RIT का कहना है कि वह छात्रों को Admission से लेकर University Experience तक Support करने पर ध्यान दे रहा है। भारतीय छात्रों के पास अमेरिका के अलावा UK, Australia और दूसरे देशों के विकल्प भी हैं, इसलिए Study Destination का फैसला हर छात्र की प्राथमिकताओं और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
RIT के लिए Experiential Learning और Professional Experience अभी भी उसके US Education Model की बड़ी खासियत हैं।
भारत में RIT की रणनीति सिर्फ एडमिशन तक सीमित नहीं
मुंबई में आयोजित Educator Gathering ने यह साफ किया कि RIT भारत में अपना Engagement लंबे समय के लिए बढ़ाना चाहता है। कार्यक्रम में 120 से ज्यादा School Leaders और Education Professionals शामिल हुए।
RIT का जोर स्कूलों, Counsellors और Educators के साथ Two-Way Relationship बनाने पर है। यानी यूनिवर्सिटी सिर्फ अपनी जानकारी साझा नहीं करना चाहती, बल्कि भारतीय छात्रों और परिवारों की जरूरतों को भी समझना चाहती है।
Global Scholar Quest इसी रणनीति का एक हिस्सा है। इसके जरिए RIT ने छात्रों को परीक्षा के अंकों से अलग Innovation, Problem Solving और Practical Thinking दिखाने का मंच दिया। भारत में GSQ का पहला Chapter पूरा होने के साथ अब RIT की नजर इस तरह के Engagement को आगे बढ़ाने पर है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
1. Rochester Institute of Technology का पहला Student Innovation Programme India में कब आयोजित हुआ?
RIT का पहला Global Scholar Quest India Chapter 2026 में आयोजित हुआ। इसका आयोजन मई से अगस्त तक चला और Grand Finale 24 अगस्त 2026 को मुंबई में हुआ।
2. RIT Student Innovation Programme क्या है?
Global Scholar Quest एक Innovation Programme है, जिसमें Grade 11 और 12 के छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर काम करके नए Ideas और Solutions विकसित करने का मौका दिया जाता है।
3. Rochester Institute of Technology क्या है?
Rochester Institute of Technology यानी RIT अमेरिका की एक University है, जो Technology, Engineering, Computing, Design, Business और अन्य क्षेत्रों में Undergraduate और Graduate Education प्रदान करती है।
4. RIT ने India में अपना पहला Innovation Programme क्यों आयोजित किया?
RIT का उद्देश्य भारतीय छात्रों को कॉलेज में दाखिले से पहले उनकी Problem-Solving और Innovation क्षमता दिखाने का अवसर देना और भारत के Schools, Counsellors तथा Educators के साथ लंबे समय का संबंध बनाना है।
5. Programme में कितने Students ने भाग लिया?
GSQ का India Chapter School Nomination के जरिए आयोजित किया गया था। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण में राष्ट्रीय स्तर पर 40 स्कूलों के लिए जगह बताई गई थी। अंतिम चरण में चुनी गई टीमों ने मुंबई में अपने Solutions प्रस्तुत किए।
6. RIT Student Innovation Programme में Students ने क्या सीखा?
छात्रों ने वास्तविक समस्याओं की पहचान, Idea Development, Teamwork, Innovation और अपने Solutions को Jury के सामने प्रस्तुत करने का अनुभव हासिल किया। उन्हें TIFR के वैज्ञानिक डॉ. एमए रहमान और अन्य Innovation Specialists से Mentorship भी मिली।