Home / National / Mumbai Goa Highway Delay, 15 साल की देरी पर गडकरी नाराज, अक्टूबर में खुद क्यों करेंगे बड़ा इंस्पेक्शन?
National

Mumbai Goa Highway Delay, 15 साल की देरी पर गडकरी नाराज, अक्टूबर में खुद क्यों करेंगे बड़ा इंस्पेक्शन?

मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में देरी पर नितिन गडकरी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें प्रोजेक्ट में हुई देरी पर शर्म आती है। करीब 93–94% काम पूरा है। अक्टूबर में गडकरी खुद सड़क मार्ग से मुंबई से गोवा जाकर स्थिति देखेंगे।

Mumbai Goa Highway Delay, 15 साल की देरी पर गडकरी नाराज,  अक्टूबर में खुद क्यों करेंगे बड़ा इंस्पेक्शन?

Mumbai Goa Highway Delay: मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में करीब 15 साल से हो रही देरी पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक प्रोजेक्ट अटकने पर उन्हें शर्म आती है और वह इसके पूरा होने के बाद होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे। गडकरी ने बताया कि हाईवे का करीब 93–94% काम पूरा हो चुका है और वह अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचकर सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे, ताकि पूरे रास्ते को खुद देखकर यह जांच सकें कि यात्रियों का सफर वास्तव में कितना सुविधाजनक हुआ है।मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र से होकर गुजरता है। करीब 555 किमी लंबे कॉरिडोर में लगभग 460 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में आता है। इस परियोजना का मकसद पुराने दो लेन वाले मार्ग को चार लेन में बदलना और मुंबई से गोवा की सड़क यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटाकर लगभग 6 घंटे करना था। चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था और इसे शुरुआती तौर पर 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई समयसीमाएं निकलने के बाद भी पूरा कॉरिडोर अभी तक तैयार नहीं हो पाया है।

93–94% काम पूरा, फिर भी क्यों अटका है हाईवे

ताजा स्थिति में हाईवे का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण हिस्से अभी भी अधूरे हैं। इनमें बाईपास, पुल और दूसरे संबंधित निर्माण कार्य शामिल हैं। महाराष्ट्र के अधिकारियों ने सितंबर की शुरुआत में परियोजना को करीब 90–95% पूरा बताया था। चिपलून बाईपास को मानसून के बाद खोलने और माणगांव बाईपास को जनवरी 2027 तक खोलने की योजना बताई गई थी। हालांकि, पूरे प्रोजेक्ट के लिए इसे अंतिम और पक्की राष्ट्रीय स्तर की उद्घाटन तारीख नहीं माना जाना चाहिए।इस परियोजना की जटिलता का एक कारण यह भी है कि मुंबई से गोवा तक का पूरा मार्ग एक ही एजेंसी नहीं बना रही है। महाराष्ट्र के करीब 460 किमी हिस्से में 84 किमी पनवेल-इंदापुर सेक्शन NHAI के पास है, जबकि बाकी करीब 376 किमी का काम महाराष्ट्र सरकार के लोक निर्माण विभाग से जुड़ा है। अलग-अलग हिस्सों को कई पैकेज में बांटा गया है, इसलिए एक हिस्से की प्रगति दूसरे हिस्से से काफी अलग रही है।
देरी के पीछे जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद, यूटिलिटी शिफ्टिंग, कानूनी अड़चनें, पर्यावरण और वन मंजूरी, ठेकेदारों की धीमी प्रगति तथा कुछ जगहों पर निर्माण से जुड़ी समस्याएं रही हैं। गडकरी पहले भी इन कारणों का उल्लेख कर चुके हैं। कुछ हिस्सों में मानसून के दौरान जलभराव ने भी काम और यातायात दोनों को प्रभावित किया है।
इस साल जुलाई में रायगढ़ में भारी बारिश के दौरान तीन दिनों में करीब 300–350 मिमी बारिश हुई थी। इसके बाद पातालगंगा और अंबा नदियों में बाढ़ तथा आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने से मुंबई-गोवा हाईवे के कुछ हिस्सों पर अस्थायी रूप से पानी चढ़ गया था। NHAI ने इसके बाद हाईवे बहाली के लिए क्विक एक्शन टीम तैनात की थी।

गडकरी बोले- उद्घाटन में नहीं जाऊंगा, सड़क से स्थिति देखूंगा

गडकरी ने बुधवार को गोवा के पणजी के पास पोरवोरिम में छह लेन के एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान मुंबई-गोवा हाईवे की देरी पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया है कि हाईवे का उद्घाटन होने पर वह समारोह में नहीं जाएंगे, क्योंकि परियोजना में बहुत ज्यादा देरी हुई है।उन्होंने कहा कि अक्टूबर में वह मुंबई एयरपोर्ट उतरेंगे और वहां से सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे। इस दौरान वह हाईवे की पूरी स्थिति को खुद देखेंगे और यह समझने की कोशिश करेंगे कि यात्रियों के लिए यात्रा वास्तव में आसान हुई है या नहीं। मंगलवार को इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई थी।
यानी अब सिर्फ कागजों पर प्रगति रिपोर्ट देखने के बजाय मंत्री खुद सड़क पर सफर करके बचे हुए काम और यात्रा की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने की बात कर रहे हैं।

ठेकेदारों पर सख्ती, अधिकारियों पर भी कार्रवाई का संकेत

गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे से आगे बढ़कर दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी और खराब काम को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि वह एक साल में ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।उनके मुताबिक देरी और खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। गडकरी पहले भी हाईवे परियोजनाओं में समय पर काम और निर्माण की गुणवत्ता पर जोर देते रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब मुंबई-गोवा हाईवे के कई हिस्सों में काम पूरा होने के बावजूद यात्रियों को डायवर्जन, ट्रैफिक जाम, जलभराव और मरम्मत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ नए बने हिस्सों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं।

हाईवे पर सिर्फ सड़क नहीं, यात्रियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी

गडकरी ने गोवा सरकार से मुंबई-गोवा मार्ग पर बेहतर रोडसाइड सुविधाएं विकसित करने की भी अपील की। उनका सुझाव है कि हाईवे के किनारे ऐसी सुविधाएं हों, जहां गोवा की स्थानीय वास्तुकला, खान-पान, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिले। इससे हाईवे सिर्फ आने-जाने का रास्ता न रहकर पर्यटकों के लिए अनुभव का हिस्सा बन सकता है।उन्होंने पेट्रोल और डीजल पंपों के साथ बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और दूसरे वैकल्पिक ईंधन की सुविधाएं विकसित करने की जरूरत भी बताई। पोरवोरिम में जिस एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया, उसके बाद उन्होंने सड़क ढांचे को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरण के अनुकूल विकास पर भी जोर दिया।
मुंबई-गोवा हाईवे के मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बाकी बचे हिस्से वास्तव में कब तक पूरी तरह तैयार होते हैं। अभी गडकरी के अनुसार काम करीब 93–94% पूरा है, जबकि महाराष्ट्र सरकार की ओर से कुछ महत्वपूर्ण बाईपास को 2027 की शुरुआत तक खोलने की योजना बताई गई है। अक्टूबर में गडकरी की सड़क यात्रा के बाद जमीनी स्थिति की एक और तस्वीर सामने आ सकती है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Nitin Gadkari ने Mumbai-Goa Highway Delay पर क्या चेतावनी दी?

नितिन गडकरी ने कहा कि हाईवे के चौड़ीकरण में हुई लंबी देरी पर उन्हें शर्म आती है। उन्होंने कहा कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे और देरी व खराब काम के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Mumbai-Goa Highway का काम कितना पूरा हुआ है?

गडकरी के अनुसार सितंबर 2026 में मुंबई-गोवा हाईवे का करीब 93–94% काम पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र के अधिकारियों ने भी परियोजना की प्रगति लगभग 90–95% बताई है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बाईपास, पुल और दूसरे काम अभी बाकी हैं।

Mumbai-Goa Highway में देरी की वजह क्या है?

जमीन अधिग्रहण, कानूनी विवाद, यूटिलिटी शिफ्टिंग, वन और पर्यावरण मंजूरी, ठेकेदारों की धीमी प्रगति तथा अलग-अलग निर्माण पैकेज में काम की असमान गति इसकी प्रमुख वजहों में रही है। मानसून के दौरान जलभराव ने भी कुछ हिस्सों में काम और यातायात प्रभावित किया।

Nitin Gadkari contractors के खिलाफ क्या action लेंगे?

गडकरी ने कहा है कि वह देरी और खराब निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन जैसी सख्ती करेंगे। उन्होंने एक साल में अधिकतम ठेकेदारों पर कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाने की बात कही है।

Mumbai-Goa Highway की inspection कब होगी?

गडकरी ने कहा है कि वह अक्टूबर 2026 में मुंबई एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे और पूरे हाईवे की स्थिति खुद देखकर यात्रियों के सफर की सुविधा का आकलन करेंगे।

Mumbai-Goa Highway कब तक पूरा होने की उम्मीद है?

अभी पूरे हाईवे के लिए एक नई, अंतिम राष्ट्रीय उद्घाटन तारीख स्पष्ट नहीं है। गडकरी ने सितंबर 2026 में काम को 93–94% पूरा बताया है। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार चिपलून बाईपास मानसून के बाद और माणगांव बाईपास जनवरी 2027 तक खोलने की योजना है।

Was this article useful?