गुजरात के किसानों पर ₹74 हजार करोड़ का कर्ज! आखिर कैसे देश के Top-10 राज्यों में पहुंचा Gujarat?
गुजरात में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कृषि ऋण 31 मार्च 2026 तक ₹74,176 करोड़ पहुंच गया, जिससे राज्य देश में 10वें स्थान पर है। हालांकि, यह पूरी राशि डिफॉल्ट या NPA नहीं है। केंद्र ने फिलहाल देशव्यापी एकमुश्त कर्जमाफी से इनकार किया है।
गुजरात में किसानों के Gujarat Farm Loans का आंकड़ा 74,176.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 31 मार्च 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के पास दर्ज इस बकाया कृषि ऋण के साथ गुजरात देश में 10वें स्थान पर है। ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब देश में किसान कर्जमाफी का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
Gujarat Farm Loans का आंकड़ा कितना बड़ा है?

केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में 31 मार्च 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल बकाया कृषि ऋण ₹74,176.52 करोड़ था।राज्य का यह आंकड़ा देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा दर्ज कुल बकाया कृषि ऋण का करीब 4.2% है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि बकाया कृषि ऋण को सीधे तौर पर डिफॉल्ट या खराब ऋण नहीं माना जा सकता।उपलब्ध आंकड़ों में यह अलग से नहीं बताया गया है कि इस राशि में कितना हिस्सा overdue accounts, NPAs या stressed loans का है।
Gujarat Agricultural Loans में राज्य का कौन सा Rank है?
Gujarat Agricultural Loans के मामले में गुजरात देश में 10वें स्थान पर है।सबसे ज्यादा बकाया कृषि ऋण तमिलनाडु में दर्ज किया गया, जहां यह राशि ₹3,44,996.64 करोड़ रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश ₹2,69,415.73 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर रहा।गुजरात से आगे उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, राजस्थान और मध्य प्रदेश भी हैं।यानी गुजरात का आंकड़ा देश के कई बड़े कृषि राज्यों से कम है, लेकिन फिर भी राज्य राष्ट्रीय स्तर पर कृषि ऋण के मामले में Top-10 में शामिल है।
गुजरात के पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो तस्वीर कैसी है?
गुजरात के ₹74,176.52 करोड़ के मुकाबले राजस्थान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बकाया कृषि ऋण ₹88,599.32 करोड़ और मध्य प्रदेश में ₹79,353.97 करोड़ था।वहीं पंजाब में यह आंकड़ा ₹48,421.94 करोड़ और हरियाणा में ₹39,786.04 करोड़ रहा।इस तुलना से पता चलता है कि गुजरात में कृषि ऋण का स्तर पंजाब और हरियाणा से काफी अधिक है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश उससे आगे हैं।
क्या ₹74 हजार करोड़ का मतलब किसानों पर इतना कर्ज डिफॉल्ट है?
नहीं। यह आंकड़ा outstanding agricultural loans को दर्शाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि ₹74,176.52 करोड़ की पूरी राशि overdue, defaulted या NPA है।लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में किसानों की संख्या, छोटे और सीमांत किसानों की हिस्सेदारी, जिला स्तर पर कर्ज का वितरण या NPAs का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।इसलिए इस आंकड़े से गुजरात में किसानों की वास्तविक ऋण समस्या की पूरी तस्वीर निकालना सही नहीं होगा। इतना जरूर है कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कृषि ऋण exposure काफी बड़ा है।
क्या केंद्र सरकार Farm Loan Waiver करेगी?
गुजरात के आंकड़ों के बीच सबसे अहम बात यह है कि केंद्र सरकार ने फिलहाल छोटे और सीमांत किसानों के कृषि ऋण की देशव्यापी एकमुश्त कर्जमाफी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन होने से इनकार किया है।वित्त मंत्रालय ने कहा है कि outstanding agricultural loans को माफ करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल केंद्र सरकार के विचाराधीन नहीं है।इसके बजाय सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के stressed assets से निपटने वाले ढांचे का उल्लेख किया है। इसके तहत वित्तीय परेशानी झेल रहे कर्जदारों के ऋण को संबंधित बैंक अपनी बोर्ड-अनुमोदित नीतियों और नियामकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार restructure कर सकते हैं।
Gujarat Farm Loan Waiver की चर्चा क्यों महत्वपूर्ण है?
Gujarat Farm Loans का आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है जब कृषि ऋण और कर्जमाफी राजनीतिक और आर्थिक बहस के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।हालांकि, उपलब्ध सरकारी आंकड़े केवल बकाया कृषि ऋण की मात्रा बताते हैं। इनमें यह जानकारी नहीं है कि कितने किसान कर्ज के दबाव में हैं या कितने किसानों का ऋण वास्तव में default या NPA की स्थिति में है।इसलिए ₹74 हजार करोड़ के आंकड़े को किसानों पर सीधे तौर पर ‘कर्ज का बोझ’ बताने के बजाय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कृषि ऋण exposure के रूप में देखना ज्यादा उचित है।
ये आंकड़े कहां से आए?
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के हिसाब से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बकाया कृषि ऋण का विवरण रखा।ये आंकड़े बैंकों की ओर से NABARD के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और इन्हें provisional बताया गया है।इसलिए भविष्य में आंकड़ों में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
Gujarat Agricultural Loans का ₹74,176.52 करोड़ का आंकड़ा गुजरात को देश में 10वें स्थान पर रखता है। हालांकि, इसे सीधे किसानों के डिफॉल्ट या खराब ऋण के रूप में नहीं देखा जा सकता। फिलहाल केंद्र ने देशव्यापी एकमुश्त farm loan waiver से इनकार किया है और वित्तीय संकट वाले कर्जदारों के लिए बैंकिंग व्यवस्था के तहत restructuring का रास्ता उपलब्ध है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Gujarat Farm Loans बढ़कर ₹74,000 करोड़ तक कैसे पहुंचे?
31 मार्च 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास गुजरात का outstanding agricultural loan ₹74,176.52 करोड़ दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़े इस राशि के बढ़ने के अलग-अलग कारण नहीं बताते।
Gujarat Agricultural Loans में Gujarat का India में कौन सा rank है?
गुजरात सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बकाया कृषि ऋण के मामले में देश में 10वें स्थान पर है।
क्या ₹74,176 करोड़ किसानों का defaulted loan है?
नहीं। यह outstanding agricultural loans का आंकड़ा है। इसमें overdue, defaulted या NPAs का अलग से विवरण उपलब्ध नहीं है।
क्या केंद्र सरकार Gujarat Farm Loan Waiver की योजना बना रही है?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, छोटे और सीमांत किसानों के outstanding agricultural loans की देशव्यापी एकमुश्त कर्जमाफी का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
Gujarat Agriculture Loans के आंकड़े किस आधार पर जारी किए गए हैं?
ये आंकड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा NABARD पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और सरकार ने इन्हें provisional बताया है।