जंतर-मंतर मारपीट मामले में Swatantra Bhardwaj को कोर्ट से बड़ा झटका, 14 दिन की Judicial Custody
Swatantra Bhardwaj को जंतर-मंतर पर संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली की अदालत ने 14 दिन की Judicial Custody में भेज दिया है। वह 21 सितंबर को फिर अदालत में पेश होंगे। मामले में SC/ST Act और अलग POCSO FIR भी दर्ज है।
Swatantra Bhardwaj 14 Days Judicial Custody में भेजे गए
Swatantra Bhardwaj Case में 7 सितंबर को बड़ा अपडेट सामने आया। Patiala House Courts के Additional Sessions Judge Saurabh Pratap Singh Laler ने उन्हें जंतर-मंतर पर संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में 14 दिन की Judicial Custody में भेज दिया। अब उन्हें 21 सितंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।यह आदेश उनकी एक दिन की Police Custody पूरी होने के बाद आया। इससे पहले 6 सितंबर को Duty Magistrate Anjali Singh ने उन्हें एक दिन की Judicial Custody में भेजा था, क्योंकि उस दिन मामले की सुनवाई Duty Magistrate के स्तर पर हुई थी। आगे की custody पर फैसला संबंधित अदालत को करना था।

क्या है Jantar Mantar Assault Case ?
यह मामला 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party यानी CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़प से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी। वह अपनी नाबालिग बेटी और छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे।मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ा जब Swatantra Bhardwaj से जुड़े एक वायरल वीडियो पॉडकास्ट में कथित तौर पर घटना को लेकर बयान सामने आए। इसके बाद CJP और अन्य लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग तेज कर दी। दिल्ली पुलिस ने चोट को लेकर वायरल skull fracture के दावों पर अलग तस्वीर पेश की। पुलिस के अनुसार संजय कुमार को झड़प के दौरान एक आरोपी के हाथ में पहने गए कड़े से चोट लगी थी और RML Hospital की मेडिकल रिपोर्ट में चोट को simple nature का बताया गया था। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में skull fracture की पुष्टि नहीं हुई थी।
Swatantra Bhardwaj Arrest की पूरी Timeline
Swatantra Bhardwaj की गिरफ्तारी से पहले की कार्रवाई को तारीख के हिसाब से समझना जरूरी है।4 सितंबर: Delhi Police Crime Branch ने Swatantra Bhardwaj को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में detained किया।
5 सितंबर: उन्हें दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया। Patiala House Court ने उन्हें एक दिन की Police Custody में भेज दिया।
6 सितंबर: Police Custody पूरी होने के बाद उन्हें Duty Magistrate के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें एक दिन की Judicial Custody में भेजा।
7 सितंबर: Patiala House Courts के Additional Sessions Judge Saurabh Pratap Singh Laler ने उन्हें 14 दिन की Judicial Custody में भेज दिया। अब अगली पेशी 21 सितंबर को होगी।
Swatantra Bhardwaj के खिलाफ कौन-कौन से Charges हैं ?
Jantar Mantar Assault Case की शुरुआत Bharatiya Nyaya Sanhita यानी BNS की धारा 115(2) और 126(2) के तहत हुई थी। ये प्रावधान क्रमशः चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने से संबंधित हैं।बाद में FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के प्रावधान और Criminal Intimidation से संबंधित धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा था कि कथित हमले के पीछे जातिगत भेदभाव या prejudice का कोई तत्व था या नहीं।
इन धाराओं का FIR में शामिल होना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
Swatantra Bhardwaj SC/ST Act मामले में क्या हुआ ?
SC/ST Act से जुड़े प्रावधान बाद की जांच के दौरान FIR में जोड़े गए। पुलिस के अनुसार जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता करना था कि संजय कुमार पर कथित हमले की मंशा में जातिगत भेदभाव या prejudice का कोई तत्व मौजूद था या नहीं।इसलिए इस प्रावधान को केवल मारपीट की धारा के विस्तार के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पुलिस को आरोपों के उस पहलू की भी जांच करनी है जिस पर SC/ST Act के प्रावधान लागू किए गए हैं।

Swatantra Bhardwaj POCSO Case क्या है ?
Swatantra Bhardwaj Case से जुड़ा एक अलग POCSO मामला भी दर्ज किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह FIR एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर कथित rape threats और intimidation से संबंधित है। यह मामला जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट की FIR से अलग है। इसलिए दोनों मामलों को एक ही घटना की FIR समझना सही नहीं होगा।नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। POCSO FIR दर्ज होना भी आरोपों के अदालत में साबित होने के बराबर नहीं है।
Swatantra Bhardwaj Court Hearing में क्या हुआ ?
Swatantra Bhardwaj को 5 सितंबर को एक दिन की Police Custody मिलने के बाद पुलिस को पूछताछ के लिए सीमित समय मिला। 6 सितंबर को उन्हें Duty Magistrate के सामने पेश किया गया, जहां एक दिन की Judicial Custody दी गई। इसके बाद 7 सितंबर को संबंधित Sessions Court ने 14 दिन की Judicial Custody का आदेश दिया।Judicial Custody का मतलब है कि आरोपी अदालत के आदेश के तहत न्यायिक हिरासत में रहेगा। यह किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने का फैसला नहीं होता।
Swatantra Bhardwaj ने Delhi High Court का रुख क्यों किया ?
Swatantra Bhardwaj ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए Delhi High Court में Habeas Corpus Petition दाखिल की है। उनकी ओर से वकील Umesh Sharma ने 7 सितंबर को मामले को urgent basis पर सुनवाई के लिए पेश किया।Delhi High Court की Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya और Justice Tejas Karia की बेंच ने मामले को urgent hearing के लिए उसी दिन list करने की अनुमति दी। उपलब्ध 7 सितंबर की रिपोर्टों में यही स्थिति दर्ज है। इसलिए फिलहाल इसे गिरफ्तारी के खिलाफ अंतिम राहत या अंतिम फैसला बताना सही नहीं होगा। High Court की कार्यवाही और निचली अदालत में चल रही custody proceedings अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं।
Swatantra Bhardwaj Latest News में अब क्या ?
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम घटनाक्रम 7 सितंबर का 14 दिन का Judicial Custody order है। उन्हें 21 सितंबर को फिर अदालत में पेश किया जाना है।इसके साथ ही Delhi Police की जांच जारी है। मूल मारपीट मामले के अलावा SC/ST Act और Criminal Intimidation से जुड़े प्रावधान तथा अलग POCSO FIR भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
वहीं गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली Habeas Corpus Petition पर Delhi High Court में urgent hearing की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आगे की स्थिति अदालत के आदेशों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
आगे क्या होगा ?
अब Swatantra Bhardwaj 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। इस दौरान मामले की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।मामले में पुलिस को कथित मारपीट, SC/ST Act के तहत लगाए गए आरोपों और अलग POCSO FIR से जुड़े तथ्यों की जांच करनी है। दूसरी ओर गिरफ्तारी को लेकर High Court में दायर याचिका की कार्यवाही भी महत्वपूर्ण रहेगी।
किसी भी आरोपी के खिलाफ FIR, गिरफ्तारी या Judicial Custody को दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
निष्कर्ष
Swatantra Bhardwaj Case में 7 सितंबर को दिल्ली की अदालत ने उन्हें 14 दिन की Judicial Custody में भेज दिया। 4 सितंबर की detention से शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया अब 21 सितंबर की अगली पेशी तक पहुंच गई है। मामले में SC/ST Act और अलग POCSO FIR भी जांच के दायरे में हैं, जबकि गिरफ्तारी को लेकर Delhi High Court में Habeas Corpus Petition पर कार्यवाही जारी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Swatantra Bhardwaj को 14 Days Judicial Custody में क्यों भेजा गया ?
जंतर-मंतर पर संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में Police Custody पूरी होने के बाद 7 सितंबर को Patiala House Courts के Additional Sessions Judge ने उन्हें 14 दिन की Judicial Custody में भेज दिया।
Swatantra Bhardwaj Jantar Mantar Assault Case क्या है ?
यह मामला 23 जून 2026 को CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ हुई कथित झड़प और चोट से जुड़ा है। Delhi Police के अनुसार संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी।
Swatantra Bhardwaj को Delhi Police ने कब गिरफ्तार किया ?
उन्हें 4 सितंबर को बुलंदशहर में detained किया गया था। इसके बाद 5 सितंबर को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां एक दिन की Police Custody दी गई।
Swatantra Bhardwaj के खिलाफ कौन-कौन से Charges लगाए गए हैं ?
शुरुआत में BNS की धारा 115(2) और 126(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। बाद में SC/ST Act और Criminal Intimidation से जुड़े प्रावधान जोड़े गए। इसके अलावा एक अलग POCSO FIR भी दर्ज हुई है।
Delhi Court ने Swatantra Bhardwaj को कितने दिनों की Judicial Custody दी ?
7 सितंबर 2026 को अदालत ने उन्हें 14 दिन की Judicial Custody में भेजा। उन्हें 21 सितंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
Swatantra Bhardwaj Case में SC/ST Act क्यों लगाया गया ?
Police के अनुसार जांच में यह देखा जा रहा है कि कथित हमले की मंशा में जातिगत भेदभाव या prejudice का कोई तत्व था या नहीं। इसी पहलू की जांच के तहत SC/ST Act के प्रावधान FIR में जोड़े गए।