US Immigrant Visa Pause 2026: ट्रंप प्रशासन ने दुनियाभर में रोकी वीजा अपॉइंटमेंट, भारत समेत दूसरे आवेदकों पर क्या होगा असर ?
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने दुनियाभर में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट्स को अस्थायी रूप से एडजस्ट किया है। नई ट्रेनिंग के चलते भारत समेत कई देशों के आवेदकों के इंटरव्यू में देरी हो सकती है, जबकि वीजा रद्द करने और H-1B फीस बढ़ाने की नीति भी चर्चा में है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का असर अब कानूनी तरीके से अमेरिका जाने वाले लोगों पर भी दिख रहा है। US Immigrant Visa Pause 2026 के तहत दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों और कॉन्सुलेट्स में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट्स को अस्थायी तौर पर एडजस्ट किया जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इसका कारण कॉन्सुलर अधिकारियों के लिए नई ग्लोबल ट्रेनिंग है, जिसमें आवेदकों की आर्थिक स्थिति और उनके भविष्य में अमेरिकी सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना की जांच पर जोर दिया जाएगा।
यह कदम ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन पहले ही वीजा रद्द करने, इमिग्रेशन स्क्रीनिंग कड़ी करने और अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की प्रक्रिया पर नए प्रतिबंधों को आगे बढ़ा रहा है।

US Immigrant Visa Pause 2026 से किसे सबसे ज्यादा असर?
यह रोक मुख्य रूप से अमेरिका के बाहर से इमिग्रेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों की इंटरव्यू अपॉइंटमेंट प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। इनमें परिवार के आधार पर अमेरिका जाने वाले आवेदक भी शामिल हैं। यानी अमेरिकी नागरिक के पति-पत्नी, माता-पिता, बच्चों या भाई-बहनों के जरिए इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर रहे लोगों को इंटरव्यू में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
भारत में अमेरिकी कॉन्सुलेट्स के जरिए प्रोसेस होने वाले फैमिली-बेस्ड इमिग्रेंट वीजा आवेदक भी इस ग्लोबल एडजस्टमेंट के दायरे में हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उनके पूरे इमिग्रेशन केस अपने आप रद्द हो गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रभावित इंटरव्यू को बाद की तारीखों में रीशेड्यूल किया जा सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कदम स्थायी रोक के तौर पर घोषित नहीं किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया अगस्त की शुरुआत में शुरू हुई और इसके सितंबर के शुरुआती या मध्य तक चलने की उम्मीद है। प्रभावित इंटरव्यू सितंबर, अक्टूबर या नवंबर में रीशेड्यूल किए जा सकते हैं।
अमेरिका ने वीजा अपॉइंटमेंट क्यों रोकी?
अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि दुनियाभर के अमेरिकी दूतावासों और कॉन्सुलेट्स में अधिकारियों के लिए एक नई ट्रेनिंग शुरू की गई है। इसका उद्देश्य वीजा अधिकारियों को ऐसे आवेदकों की पहचान करने के लिए तैयार करना है, जिनके अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सुविधाओं पर निर्भर होने की संभावना मानी जा सकती है।
इसे अमेरिका की Public Charge नीति से भी जोड़ा गया है। इसका सामान्य मतलब है कि इमिग्रेंट वीजा आवेदक को यह दिखाना होता है कि वह अमेरिका में आर्थिक रूप से खुद को संभाल सकेगा और सरकार पर आर्थिक बोझ बनने की संभावना कम है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त 2026 में कुछ इमिग्रेंट वीजा आवेदकों के लिए Public Charge Bond की पायलट प्रक्रिया भी शुरू की है।
विदेश विभाग ने कहा है कि नई ट्रेनिंग से अधिकारियों को आवेदकों का मूल्यांकन ज्यादा व्यापक और एक समान तरीके से करने में मदद मिलेगी।
चीन, भारत और एशिया पर क्या असर?
इस मामले में चीन या किसी एक एशियाई देश के लिए अलग से वैश्विक रोक घोषित नहीं की गई है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक यह ग्लोबल इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट एडजस्टमेंट है, इसलिए अमेरिका के बाहर इमिग्रेंट वीजा इंटरव्यू का इंतजार कर रहे अलग-अलग देशों के आवेदक प्रभावित हो सकते हैं।
भारत के लिए स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय परिवार और रोजगार आधारित इमिग्रेशन के जरिए अमेरिका जाने की प्रक्रिया में रहते हैं। हालांकि, सभी भारतीय इमिग्रेंट वीजा आवेदकों पर एक जैसा असर नहीं होगा। उदाहरण के लिए, अमेरिकी विदेश विभाग ने 2026 में भारत के कुछ रोजगार-आधारित वीजा कैटेगरी में वार्षिक सीमा पूरी होने की अलग-अलग जानकारी भी जारी की है। EB-2 कैटेगरी में भारत के लिए उपलब्ध संख्या मई 2026 में पूरी हो गई थी और नए वित्त वर्ष की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होने पर स्थिति बदल सकती है।
इसलिए मौजूदा अपॉइंटमेंट एडजस्टमेंट को भारत के लिए अलग वीजा बैन समझना सही नहीं होगा।
अगस्त में इंटरव्यू था तो अब क्या होगा?
जिन आवेदकों का इंटरव्यू अगस्त में निर्धारित था, उन्हें फिलहाल देरी के लिए तैयार रहना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कई अपॉइंटमेंट को रद्द करने के बजाय बाद की तारीखों पर रीशेड्यूल किया जाना है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने हर देश और हर आवेदक के लिए एक निश्चित नई तारीख घोषित नहीं की है।
इसलिए भारतीय आवेदकों को अपने संबंधित अमेरिकी कॉन्सुलेट या नेशनल वीजा सेंटर से मिलने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना चाहिए। बिना आधिकारिक सूचना के यह मान लेना सही नहीं होगा कि किसी केस की अपॉइंटमेंट सितंबर या अक्टूबर की किसी खास तारीख पर अपने आप पहुंच जाएगी।
ट्रंप प्रशासन ने B1-B2 वीजा पर भी कड़ा रुख अपनाया
इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट में बदलाव के साथ ट्रंप प्रशासन ने B1 और B2 बिजनेस-टूरिस्ट वीजा को लेकर भी सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि ऐसे विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द किए जा सकते हैं जो B1 या B2 वीजा लेकर अमेरिका गए और बाद में वहां असाइलम के लिए आवेदन कर दिया। प्रशासन का तर्क है कि अगर किसी व्यक्ति ने शुरुआत में शॉर्ट-टर्म यात्रा के उद्देश्य से वीजा लिया था, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के लिए असाइलम आवेदन किया, तो यह वीजा की शर्तों से जुड़ा मामला बन सकता है।
Associated Press की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे मामलों में 2 लाख तक वीजा प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने कोई अंतिम संख्या नहीं बताई है। यह कार्रवाई 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए B1-B2 वीजा पर भी असर डाल सकती है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद अलग-अलग कारणों से 1.75 लाख से ज्यादा वीजा पहले ही रद्द किए जा चुके हैं।
H-1B वीजा पर भी 1 लाख डॉलर से ज्यादा का प्रस्ताव
ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति का एक बड़ा हिस्सा H-1B वीजा भी है। अमेरिकी Department of Homeland Security ने नए H-1B कैप-सब्जेक्ट पिटीशन पर $103,265 की फीस लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह मौजूदा सामान्य लागत की तुलना में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होगी।
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और अन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में विदेशी प्रोफेशनल्स को नियुक्त करने की अनुमति देता है। मौजूदा वार्षिक कैप 65,000 है, जबकि अमेरिकी संस्थानों से एडवांस्ड डिग्री रखने वालों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध होते हैं।
प्रस्तावित फीस का भुगतान H-1B पिटीशन दाखिल करने वाला अमेरिकी नियोक्ता करेगा। यह हर H-1B एक्सटेंशन, ट्रांसफर या कैप-एग्जेम्प्ट पिटीशन पर अपने आप लागू नहीं होगी। कुछ यूनिवर्सिटी, रिसर्च और सरकारी संस्थानों की कैप-एग्जेम्प्ट पिटीशन इससे बाहर रह सकती हैं।
DHS का अनुमान है कि प्रस्तावित फीस से सरकार को सालाना करीब 8.8 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि मिल सकती है। सरकार का कहना है कि इससे इमिग्रेशन सिस्टम, फ्रॉड जांच, नेशनल सिक्योरिटी स्क्रीनिंग, आईटी सिस्टम और रिकॉर्ड मैनेजमेंट जैसी गतिविधियों का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी।
ट्रंप की इमिग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव
US Immigrant Visa Pause 2026 को अकेले देखा जाए तो यह कॉन्सुलर अधिकारियों की ट्रेनिंग और अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग से जुड़ा अस्थायी कदम है। लेकिन इसे ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन नीति के संदर्भ में देखा जाए तो तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होती है।
प्रशासन कानूनी और गैर-कानूनी दोनों तरह के इमिग्रेशन पर ज्यादा कड़ी जांच कर रहा है। वीजा रद्द करने, Public Charge जांच बढ़ाने, H-1B की लागत बढ़ाने और इमिग्रेंट वीजा स्क्रीनिंग को सख्त करने जैसे कदम इसी दिशा में हैं।
हालांकि, इन नीतियों को लेकर अमेरिका में कानूनी चुनौतियां भी जारी हैं। हाल के महीनों में अमेरिकी अदालतों ने ट्रंप प्रशासन की कुछ इमिग्रेशन नीतियों पर रोक लगाई या उनकी कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं। इसलिए आने वाले समय में इस नीति की वास्तविक स्थिति अदालतों और अमेरिकी प्रशासन के अगले फैसलों पर भी निर्भर करेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
1. US Immigrant Visa Pause क्या है?
यह अमेरिकी दूतावासों और कॉन्सुलेट्स में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट और इंटरव्यू शेड्यूलिंग को प्रभावित करने वाला अस्थायी ग्लोबल एडजस्टमेंट है। इसे कॉन्सुलर अधिकारियों की नई ट्रेनिंग से जोड़ा गया है।
2. America ने Immigrant Visa Processing पर रोक क्यों लगाई?
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार अधिकारियों को आवेदकों की आर्थिक स्थिति और उनके भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना की बेहतर जांच के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है।
3. US Immigrant Visa Pause से China पर क्या असर पड़ा?
यह चीन के लिए अलग से लगाया गया वीजा बैन नहीं है। दुनियाभर में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट एडजस्ट होने के कारण चीन के आवेदक भी प्रभावित हो सकते हैं।
4. Asia के किन देशों के Visa Applicants प्रभावित हुए हैं?
ग्लोबल एडजस्टमेंट होने के कारण अमेरिका के बाहर इमिग्रेंट वीजा इंटरव्यू का इंतजार कर रहे अलग-अलग एशियाई देशों के आवेदक प्रभावित हो सकते हैं। हर देश के लिए अलग प्रभाव और रीशेड्यूलिंग प्रक्रिया हो सकती है।
5. Hong Kong के Immigrant Visa Applicants पर क्या असर पड़ा है?
हांगकांग से अमेरिका के इमिग्रेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोग भी ग्लोबल अपॉइंटमेंट एडजस्टमेंट के कारण देरी का सामना कर सकते हैं। इसे हांगकांग के खिलाफ अलग वीजा प्रतिबंध नहीं बताया गया है।
6. क्या यह Visa Pause सभी प्रकार के US Visas पर लागू है?
नहीं। यह मुख्य रूप से इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट से जुड़ा है। B1-B2 जैसे नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर अलग नीतियां लागू हैं, जबकि H-1B के लिए अलग फीस प्रस्तावित की गई है।
7. Trump Administration ने Immigrant Visa Restrictions क्यों लगाए?
प्रशासन का कहना है कि वह इमिग्रेशन सिस्टम में आर्थिक आत्मनिर्भरता, सुरक्षा जांच और वीजा नियमों के पालन को ज्यादा सख्त बनाना चाहता है।
8. Immigrant Visa Processing कब तक प्रभावित रह सकती है?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा अपॉइंटमेंट एडजस्टमेंट सितंबर की शुरुआत या मध्य तक रह सकता है। प्रभावित इंटरव्यू को सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में रीशेड्यूल किए जाने की संभावना बताई गई है, लेकिन हर आवेदक के लिए निश्चित तारीख अलग हो सकती है।