Home / National / Jitendra Mishra Ram Mandir CEO बने! 5,585 आवेदनों के बीच पूर्व Air Marshal को मिली मंदिर की पहली बड़ी जिम्मेदारी
National

Jitendra Mishra Ram Mandir CEO बने! 5,585 आवेदनों के बीच पूर्व Air Marshal को मिली मंदिर की पहली बड़ी जिम्मेदारी

एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया है। करीब 5,585 आवेदनों के बाद उनका चयन हुआ। 40 साल वायुसेना में सेवा दे चुके मिश्रा मंदिर प्रशासन, व्यवस्था, प्रक्रियाओं और भविष्य के विकास को संभालेंगे।

Jitendra Mishra Ram Mandir CEO बने! 5,585 आवेदनों के बीच पूर्व Air Marshal को मिली मंदिर की पहली बड़ी जिम्मेदारी

अयोध्या के राम मंदिर प्रशासन में बड़ा बदलाव हुआ है। Jitendra Mishra Ram Mandir CEO के रूप में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। इस पद के लिए 5,585 आवेदन आए थे, जिनमें से तीन उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट के बाद मिश्रा का चयन किया गया।

Jitendra Mishra Ram Mandir CEO: कौन हैं पूर्व Air Marshal?

जीतेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैं और भारतीय वायुसेना में करीब 40 साल तक सेवा दे चुके हैं। वह 30 अप्रैल 2026 को Air Officer Commanding-in-Chief, West Air Command के पद से रिटायर हुए थे।इससे पहले वह Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। लंबे सैन्य अनुभव के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राम मंदिर के पहले CEO कौन बने हैं?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। ट्रस्ट के मुताबिक, इस पद के लिए 5,585 आवेदन मिले थे। चयन समिति ने तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया, जिसके बाद जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर फैसला हुआ।

Ram Mandir First CEO के लिए 5,585 लोगों ने किया था आवेदन

राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO के चयन के लिए बाकायदा प्रक्रिया अपनाई। 11 से 18 जुलाई के बीच चयन पैनल को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए।इसके बाद तीन सदस्यीय चयन समिति ने उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की। इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे।इन आवेदनों में से तीन उम्मीदवारों को अंतिम सूची के लिए चुना गया और जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया।

Ram Mandir CEO Appointment क्यों है खास?

राम मंदिर ट्रस्ट में Ram Mandir CEO Appointment ऐसे समय हुआ है जब मंदिर के प्रशासन और चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी और जून में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे का भी उल्लेख किया गया है।ऐसे माहौल में एक पेशेवर और पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासन में पारदर्शिता और व्यवस्थागत सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी पहले पूर्णकालिक CEO की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। उनका कहना था कि इतने बड़े मंदिर प्रोजेक्ट के लिए पेशेवर प्रशासन बेहद जरूरी है।

Jitendra Mishra की क्या होगी जिम्मेदारी?

ट्रस्ट के अनुसार, CEO की भूमिका सिर्फ रोजमर्रा के प्रशासन तक सीमित नहीं होगी। उन्हें संगठन के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कई अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:

  • संस्था के लिए जरूरी सिस्टम और प्रक्रियाएं विकसित करना।
  • संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना।
  • ट्रस्ट के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की कार्यप्रणाली की निगरानी करना।
  • मौजूदा गतिविधियों का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना।
  • भविष्य के विकास की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना।
  • सभी वैधानिक और नियामकीय आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करना।
  • ट्रस्ट डीड में तय प्रावधानों के अनुपालन की निगरानी करना।

ट्रस्ट के अनुसार, CEO संगठन के अधिकारियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों और स्टाफ से संबंधित मामलों में सर्वोच्च कार्यकारी प्राधिकारी की भूमिका निभाएंगे।

Ram Mandir Trust ने नए Trustees का भी किया ऐलान

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने कुछ नए सदस्यों को भी Trustee बनाया है। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव शामिल हैं।यह फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया गया, जिसमें ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी कमलनयन दास, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Ram Mandir Administration में क्या बदलेगा?

Ram Mandir Administration को पेशेवर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में CEO की नियुक्ति को अहम कदम माना जा रहा है। इतने बड़े धार्मिक परिसर और उससे जुड़ी लगातार बढ़ती गतिविधियों के संचालन के लिए स्पष्ट सिस्टम, प्रक्रियाएं और जवाबदेही जरूरी है।जीतेंद्र मिश्रा के सामने अब ट्रस्ट की गतिविधियों को व्यवस्थित करने, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।

निष्कर्ष

Jitendra Mishra Ram Mandir CEO की नियुक्ति राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 5,585 आवेदनों के बीच चयनित पूर्व Air Marshal के पास करीब चार दशक का सैन्य प्रशासनिक अनुभव है। अब उनके सामने राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को मजबूत करने, प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

राम मंदिर के पहले CEO के रूप में किसे नियुक्त किया गया है?

एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया है।

Jitendra Mishra कौन हैं?

जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल हैं। उन्होंने करीब 40 साल तक वायुसेना में सेवा की और 30 अप्रैल 2026 को West Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief पद से रिटायर हुए।

Ram Mandir Trust ने Jitendra Mishra को CEO क्यों नियुक्त किया?

ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन को पेशेवर तरीके से व्यवस्थित करने, सिस्टम और प्रक्रियाओं को मजबूत करने तथा संगठन के प्रभावी संचालन के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है।

Jitendra Mishra की Ram Mandir में क्या जिम्मेदारी होगी?

उनकी जिम्मेदारियों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करना, सिस्टम और प्रक्रियाएं विकसित करना, कर्मचारियों व अधिकारियों के कामकाज की निगरानी और वैधानिक नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना शामिल है। 5. क्या Jitendra Mi

क्या Jitendra Mishra Ram Mandir Trust के पहले CEO हैं?

हां, ट्रस्ट ने उन्हें राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है।

Ram Mandir Trust का नाम क्या है?

राम मंदिर का प्रबंधन Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust करता है।

Was this article useful?