Kanda Express Onion Sale: नासिक से दिल्ली आएगी ‘कांदा एक्सप्रेस’, ₹35 किलो मिलेगा प्याज - जानिए क्या है सरकार का प्लान?
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए दिल्ली प्याज पहुंचा रही है। 840 टन की पहली खेप के बाद NCCF और भारत ब्रांड स्टोर्स पर प्याज ₹35 किलो में बेचने की तैयारी है।
Kanda Express Onion Sale: प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान दिल्ली-NCR के लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए महाराष्ट्र के नासिक से दिल्ली तक प्याज पहुंचाने के लिए स्पेशल ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन चलाई जा रही है। प्याज की बिक्री नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) के आउटलेट और उसके संचालित भारत ब्रांड स्टोर्स के जरिए होगी। पहले चरण में दिल्ली समेत देश के 5 बड़े खपत वाले केंद्रों तक बफर स्टॉक का प्याज पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली में ₹55 किलो तक पहुंचा प्याज, अब ₹35 में बेचने की तैयारी
सरकार का यह फैसला प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी के बाद लिया गया है। 24 अगस्त 2026 को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत ₹43.53 प्रति किलो पहुंच गई। यह पिछले साल इसी समय के ₹27.37 प्रति किलो से करीब 59% ज्यादा है।
थोक बाजार में भी प्याज महंगा हुआ है। औसत थोक कीमत ₹35.58 प्रति किलो रही, जो एक साल पहले ₹21.23 प्रति किलो थी। यानी थोक भाव में करीब 68% की बढ़ोतरी हुई है।
बड़े शहरों की बात करें तो 24 अगस्त को चेन्नई में प्याज करीब ₹60 किलो, दिल्ली में ₹55 किलो और कोलकाता में ₹53 किलो तक बिक रहा था। ऐसे में सरकार ₹35 किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराकर सीधे खुदरा बाजार में राहत देने की कोशिश कर रही है।
नासिक से दिल्ली आएगा ‘कांदा एक्सप्रेस’
सरकार ने प्याज को उन इलाकों से बड़े खपत वाले शहरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे का इस्तेमाल किया है, जहां इसकी उपलब्धता बेहतर है। इसी के तहत महाराष्ट्र के नासिक जिले के लासलगांव से दिल्ली के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए बफर स्टॉक का प्याज भेजा जा रहा है।

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पहली खेप में करीब 840 टन प्याज दिल्ली भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसे 21 रेलवे कोच वाली रैक के जरिए भेजने की योजना है। सरकार का मकसद बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली की प्रमुख मंडियों तक पहुंचाना है, ताकि थोक बाजार में उपलब्धता बढ़े और कीमतों पर दबाव कम हो।
हालांकि, उपभोक्ता स्तर पर ₹35 किलो की बिक्री शुरू होने का समय ट्रेन के दिल्ली पहुंचने पर निर्भर है। सूत्रों के मुताबिक पहली ट्रेन के 26 या 27 अगस्त यानी बुधवार या गुरुवार तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद NCCF की ओर से सस्ती दर पर बिक्री शुरू की जाएगी।
105 भारत ब्रांड स्टोर पर भी मिलेगा ₹35 किलो प्याज
दिल्ली-NCR में सरकार सिर्फ मंडियों के जरिए ही राहत देने की कोशिश नहीं कर रही है। NCCF शुरुआत में दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपने 10 रिटेल आउटलेट के जरिए प्याज बेचने की तैयारी में है।
इसके अलावा NCCF द्वारा संचालित 105 भारत ब्रांड रिटेल स्टोर्स पर भी प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। बिक्री बफर स्टॉक से आने वाले प्याज की होगी।
इस तरह सरकार की रणनीति दो स्तरों पर काम करेगी। एक तरफ बड़ी मात्रा में प्याज मंडियों तक पहुंचाकर थोक कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश होगी, वहीं दूसरी तरफ चुनिंदा रिटेल आउटलेट और स्टोर पर सीधे कम कीमत में प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
दिल्ली अकेला नहीं, इन 5 शहरों में पहुंचेगा बफर स्टॉक
केंद्र सरकार ने शुरुआत में प्याज की सप्लाई के लिए पांच बड़े खपत केंद्र चुने हैं। इनमें दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी शामिल हैं।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि शुरुआत में इन पांच केंद्रों तक बफर स्टॉक से प्याज भेजा जाएगा। बाद में बाजार की जरूरत और कीमतों की स्थिति को देखते हुए दूसरे शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
सरकार ने साफ किया है कि देश में प्याज की कुल उपलब्धता को लेकर कोई बड़ी कमी नहीं है। 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह करीब 308 लाख टन था। यानी उत्पादन का स्तर लगभग समान है, लेकिन अलग-अलग समय और क्षेत्रों में सप्लाई तथा मांग के अंतर से कीमतों में तेजी आ सकती है।
सरकार के पास क्यों है प्याज का बफर स्टॉक?
केंद्र सरकार प्याज का बफर स्टॉक, यानी जरूरत के समय बाजार में उतारने के लिए सुरक्षित रखा गया अतिरिक्त स्टॉक, बनाए रखती है। इसका उद्देश्य तब बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना है, जब कीमतें तेजी से बढ़ने लगें।
इसके लिए सरकार की एजेंसियां, जिनमें NCCF और NAFED शामिल हैं, किसानों से प्याज खरीदती हैं। इसे कीमत स्थिरीकरण व्यवस्था के तहत रखा जाता है। जब बाजार में कीमतें बढ़ती हैं तो सरकार इस स्टॉक को मंडियों और खुदरा बिक्री के जरिए बाजार में उतारती है।
इस बार भी बढ़ती कीमतों के बीच बफर स्टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि मंडियों में ज्यादा मात्रा में प्याज पहुंचने से थोक भाव पर दबाव कम होगा और इसका फायदा आगे चलकर खुदरा ग्राहकों को भी मिल सकता है।
अगस्त-सितंबर में क्यों बढ़ते हैं प्याज के दाम?
प्याज की कीमतों में अगस्त और सितंबर के दौरान उतार-चढ़ाव आम बात है। इस समय अलग-अलग फसल चक्रों से आने वाली सप्लाई, मौसम, मंडियों तक माल पहुंचने और मांग में बदलाव का असर कीमतों पर पड़ता है।
त्योहारी सीजन के आसपास मांग बढ़ने से भी बाजार पर दबाव बन सकता है। ऐसे समय में अगर किसी क्षेत्र से सप्लाई कम हो या परिवहन में दिक्कत आए तो खुदरा कीमत तेजी से ऊपर जा सकती है।
इसी वजह से सरकार बाजार पर लगातार नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से प्याज निकालकर उन शहरों में भेजती है जहां कीमतें ज्यादा बढ़ रही हों।
‘कांदा एक्सप्रेस’ का असली मकसद क्या है?
कांदा एक्सप्रेस का मकसद सिर्फ दिल्ली में ₹35 किलो प्याज बेचना नहीं है। इसका बड़ा उद्देश्य प्याज की सप्लाई बढ़ाकर थोक कीमतों को नीचे लाना है।
नासिक देश के प्रमुख प्याज उत्पादन और व्यापार केंद्रों में है। वहां से बड़ी मात्रा में प्याज रेल के जरिए सीधे बड़े खपत वाले शहरों तक पहुंचाने से परिवहन को तेज और बड़े स्तर पर किया जा सकता है।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा प्याज मंडियों में पहुंचे, थोक भाव कम हों और उसका असर खुदरा बाजार में भी दिखाई दे। इसके साथ ही NCCF के जरिए ₹35 किलो की बिक्री से उपभोक्ताओं को सीधे राहत देने का इंतजाम किया गया है।
इससे पहले भी सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल किया है। अक्टूबर 2024 में भी नासिक से दिल्ली तक बफर स्टॉक का प्याज रेल के जरिए पहुंचाया गया था और उसका एक हिस्सा ₹35 किलो की दर से खुदरा बिक्री के लिए रखा गया था।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सरकार की नजर इस बात पर है कि बफर स्टॉक की सप्लाई बढ़ने के बाद मंडी और खुदरा कीमतों में कितना बदलाव आता है। अगर थोक भाव नीचे आते हैं और इसका फायदा सप्लाई चेन के जरिए दुकानों तक पहुंचता है, तो आम ग्राहकों को भी राहत मिल सकती है।
दिल्ली-NCR में ₹35 किलो प्याज की बिक्री शुरू होने से फिलहाल उन ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा जो NCCF के संबंधित आउटलेट और भारत ब्रांड स्टोर्स से खरीदारी कर पाएंगे। आगे बाजार की स्थिति को देखते हुए सरकार दूसरे शहरों और केंद्रों तक भी सप्लाई बढ़ा सकती है।
FAQ:
Kanda Express क्या है और यह Delhi में Onions क्यों ला रही है?
कांदा एक्सप्रेस विशेष रेलवे सेवा है, जिसके जरिए नासिक जैसे प्रमुख प्याज उत्पादन क्षेत्र से बफर स्टॉक का प्याज बड़े खपत वाले शहरों तक पहुंचाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सप्लाई बढ़ाकर प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है।
Kanda Express के जरिए Delhi में Onion कितने रुपये प्रति किलो मिलेगा?
दिल्ली-NCR में सरकार बफर स्टॉक का प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से बेचने की तैयारी कर रही है।
Government ₹35/kg पर Onions क्यों बेच रही है?
प्याज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार बफर स्टॉक का प्याज कम कीमत पर बेच रही है। साथ ही मंडियों में बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचाकर थोक भाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
Delhi में Onion Prices बढ़ने की वजह क्या है?
अगस्त में प्याज की कीमतों पर मौसमी मांग, अलग-अलग फसल चक्रों से आने वाली सप्लाई, मौसम और सप्लाई चेन जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। इस बार 24 अगस्त को दिल्ली में खुदरा कीमत करीब ₹55 किलो तक पहुंच गई थी।
Kanda Express में कितनी मात्रा में Onions Delhi पहुंचाए जाएंगे?
पहली खेप में करीब 840 टन बफर स्टॉक का प्याज लासलगांव, नासिक से दिल्ली भेजा जा रहा है।
Government Onion Sale कहां-कहां होगी?
दिल्ली-NCR में NCCF के शुरुआती 10 रिटेल आउटलेट और NCCF द्वारा संचालित 105 भारत ब्रांड स्टोर्स पर ₹35 किलो की दर से प्याज बेचने की तैयारी है। बफर स्टॉक की सप्लाई शुरुआती चरण में दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे पांच बड़े खपत केंद्रों तक भी भेजी जाएगी।
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