यही वजह है कि ट्रंप भारत का उदाहरण देकर अमेरिका में एक समान राष्ट्रीय वोटर ID व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। SAVE America Act इसी दिशा में संघीय चुनावों के लिए नागरिकता प्रमाण और फोटो ID से जुड़े नियम सख्त करने का प्रस्ताव रखता है।
ट्रंप के बयान के बाद भारत में भी सियासत शुरू
ट्रंप की टिप्पणी के बाद भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप के रुख का समर्थन करते हुए भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण दिया और कहा कि भारत में करोड़ों मतदाताओं के लिए पहचान की व्यवस्था लागू है।
वहीं कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तंज कसा और कहा, “Please take Gyanesh Kumar to America.” उनकी टिप्पणी से साफ है कि ट्रंप के बयान का असर भारतीय राजनीति में भी दिखाई दे रहा है।
अभी SAVE America Act कहां अटका है?
SAVE America Act को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में समर्थन मिला है, लेकिन सीनेट में इसे लेकर विरोध बना हुआ है। फरवरी 2026 में अपडेटेड बिल प्रतिनिधि सभा से 218-213 वोटों से पास हुआ था। इसके बाद सीनेट में इसे लेकर राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है।
सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व इसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने भी कहा था कि कानून का मुख्य उद्देश्य वोटर रजिस्ट्रेशन के समय नागरिकता का प्रमाण और मतदान के समय पहचान पत्र की आवश्यकता तय करना है।
भारत का उदाहरण देकर ट्रंप क्या हासिल करना चाहते हैं?
ट्रंप का पूरा तर्क इस बात पर आधारित है कि अमेरिका में भी भारत जैसी सख्त मतदाता पहचान व्यवस्था लागू की जाए। वह इसे चुनावी धोखाधड़ी रोकने और चुनाव की विश्वसनीयता बढ़ाने से जोड़ते हैं।
लेकिन भारत और अमेरिका की चुनाव व्यवस्था की संरचना अलग है। इसलिए भारत का उदाहरण राजनीतिक बहस में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन दोनों देशों की चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह एक जैसा मानना सही नहीं होगा।
फिलहाल Trump India Voter ID विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि भारत की चुनाव व्यवस्था को ट्रंप अमेरिकी चुनाव सुधार के समर्थन में मॉडल के तौर पर पेश कर रहे हैं, जबकि अमेरिका में इस बात पर राजनीतिक सहमति नहीं बन पा रही है कि देशभर में एक समान फोटो ID और नागरिकता प्रमाण की व्यवस्था कितनी सख्त होनी चाहिए।
FAQs
1. ट्रंप ने भारत की वोटर ID व्यवस्था का उदाहरण क्यों दिया?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में अनिवार्य फोटो ID और नागरिकता प्रमाण की मांग के समर्थन में भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण दिया। उनका तर्क है कि भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था है।
2. SAVE America Act क्या है?
SAVE America Act अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान के नियमों को सख्त करने वाला प्रस्तावित कानून है। इसमें नागरिकता का प्रमाण और संघीय चुनावों में फोटो ID की आवश्यकता का प्रावधान है।
3. क्या भारत में वोट देने के लिए सिर्फ Voter ID जरूरी है?
नहीं। भारत में EPIC यानी Voter ID प्रमुख पहचान पत्र है, लेकिन चुनाव आयोग निर्धारित दूसरे फोटो पहचान दस्तावेजों को भी स्वीकार करता है।
4. ट्रंप ने भारत के कितने मतदाताओं का जिक्र किया?
ट्रंप ने 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 64.6 करोड़ मतदाताओं के मतदान का जिक्र किया और भारत की पहचान व्यवस्था को अमेरिकी चुनाव सुधार के तर्क के रूप में इस्तेमाल किया।
5. अमेरिका में Voter ID को लेकर विवाद क्यों है?
अमेरिका में मतदान के नियम राज्यों के अनुसार अलग-अलग हैं। ट्रंप और उनके समर्थक देशभर में सख्त पहचान और नागरिकता सत्यापन चाहते हैं, जबकि विरोधियों का कहना है कि अतिरिक्त दस्तावेजी नियम कुछ पात्र नागरिकों के लिए मतदान मुश्किल बना सकते हैं।
6. क्या SAVE America Act कानून बन चुका है?
नहीं। बिल को प्रतिनिधि सभा से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी सीनेट से भी पारित होना और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना जरूरी है।