केरल का नाम ‘Keralam’ करने की मांग कहां से आई?
राज्य का नाम ‘Keralam’ करने की मांग नई नहीं है। केरल विधानसभा ने पहले भी इस दिशा में प्रस्ताव पारित किए थे। जून 2024 का प्रस्ताव विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित था कि राज्य का नाम उसकी मलयालम भाषाई पहचान के अनुरूप ‘Keralam’ किया जाए।
फरवरी 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा था कि यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान से जुड़ा है। इसके बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य विधानसभा से इस पर राय मांगी।
इस प्रक्रिया में राज्य विधानसभा की राय महत्वपूर्ण है, लेकिन अंतिम विधायी अधिकार संसद के पास होता है। राज्य का नाम बदलने के लिए संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित होना जरूरी है।
क्या अब आधिकारिक तौर पर ‘Keralam’ हो गया है Kerala?
अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। लोकसभा से Kerala Name Change Bill पारित होना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे तुरंत राज्य का आधिकारिक नाम नहीं बदल जाता।
संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य का नाम बदलने के लिए संसद की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। विधेयक को दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून का रूप लेगा। इसके बाद संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम बदला जाएगा।
इसलिए फिलहाल सही स्थिति यह है कि लोकसभा ने ‘Kerala’ को ‘Keralam’ करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है, लेकिन नाम परिवर्तन की पूरी संवैधानिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
विपक्ष के विरोध के बीच क्या हुआ?
मानसून सत्र में विपक्ष पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा की मांग कर रहा है। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर के कथित चंदा विवाद पर चर्चा की मांग भी विपक्ष उठा रहा है।
सरकार ने छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा और जवाब देने की पेशकश की है, लेकिन विपक्ष की मांगों को लेकर गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इसी हंगामे के बीच Kerala to Keralam Bill और सहकारी क्षेत्र से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित हुआ।
निष्कर्ष
Kerala to Keralam Bill का लोकसभा से पारित होना राज्य के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में एक बड़ा पड़ाव है। हालांकि, ‘Kerala’ से ‘Keralam’ का आधिकारिक बदलाव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी होगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संसद के दोनों सदनों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केरल जल्द ही आधिकारिक तौर पर ‘Keralam’ के नाम से जाना जाएगा।
FAQ
1. Kerala to Keralam Bill क्या है?
यह 2026 का विधेयक है, जिसका उद्देश्य संविधान में दर्ज राज्य का नाम ‘Kerala’ से बदलकर ‘Keralam’ करना है।
2. लोकसभा ने Kerala का नाम बदलने वाला बिल कब पारित किया?
लोकसभा ने इसे मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित किया।
3. क्या अब Kerala का नाम आधिकारिक तौर पर Keralam हो गया है?
नहीं। लोकसभा की मंजूरी के बाद भी राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति सहित आगे की संवैधानिक प्रक्रिया बाकी है।
4. Kerala का नाम Keralam करने की मांग क्यों की गई?
मुख्य आधार मलयालम भाषाई और सांस्कृतिक पहचान है। ‘Keralam’ राज्य के नाम का मलयालम रूप है और केरल विधानसभा ने इसी नाम को आधिकारिक रूप देने का प्रस्ताव रखा था।
5. Kerala का नाम बदलने के लिए कौन–सा संवैधानिक प्रावधान लागू होता है?
राज्य के नाम में बदलाव की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत होती है। इसमें संसद को राज्य के नाम, क्षेत्र या सीमाओं में बदलाव का अधिकार दिया गया है।