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UAE Iran Ballistic Missiles , ईरान पर UAE का बड़ा एक्शन – दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद तेहरान से पूरा कारोबार बंद, क्या मिडिल ईस्ट में भड़कने वाला है बड़ा युद्ध?

UAE Iran Ballistic Missiles: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी व्यापार, कारोबारी लेन-देन और वित्तीय गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी हैं। यह फैसला 18 अगस्त को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा ईरान से अपनी दिशा में

UAE Iran Ballistic Missiles , ईरान पर UAE का बड़ा एक्शन – दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद तेहरान से पूरा कारोबार बंद, क्या मिडिल ईस्ट में भड़कने वाला है बड़ा युद्ध?

UAE Iran Ballistic Missiles: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी व्यापार, कारोबारी लेन-देन और वित्तीय गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी हैं। यह फैसला 18 अगस्त को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा ईरान से अपनी दिशा में आती दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाए जाने के बाद लिया गया। UAE के मुताबिक, एक मिसाइल उसके क्षेत्रीय जल से बाहर समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी UAE के क्षेत्रीय जल में गिरी। इस घटना में किसी नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। ईरान ने मिसाइल लॉन्च करने के UAE के आरोप को खारिज कर दिया है।

मिसाइलों के बाद UAE ने ईरान से कारोबार क्यों रोका?

UAE विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती ऐसी गतिविधियां क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। इसी वजह से ईरान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियां, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेन-देन अगले आदेश तक रोक दिए गए हैं।

 

यानी यह फैसला सिर्फ सामान की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच होने वाले वित्तीय लेन-देन पर भी असर पड़ेगा। यह कदम ऐसे समय आया है जब UAE और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव कम करने और आर्थिक संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश चल रही थी।

 

UAE का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह एक तरफ अमेरिका और इजराइल के साथ अपने सुरक्षा संबंध बनाए रखता है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के साथ व्यापार और कूटनीतिक संपर्क को भी पूरी तरह खत्म करने से बचता रहा है। अब ताजा मिसाइल घटना ने इस संतुलन को फिर मुश्किल बना दिया है।


UAE ने मिसाइलों को लेकर क्या कहा?

UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से लॉन्च की गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इसके बाद UAE में लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। यह कई महीनों बाद UAE में इस तरह की गंभीर मिसाइल चेतावनी थी।

 

बाद में UAE के आकलन में कहा गया कि मिसाइलें संभवतः समुद्री यातायात को निशाना बना रही थीं। एक मिसाइल UAE के क्षेत्रीय जल से बाहर गिरी, जबकि दूसरी उसके क्षेत्रीय जल के भीतर गिरी। UAE ने किसी नुकसान या चोट की सूचना नहीं दी है। देश की सेना ने इसके बाद भी हाई अलर्ट बनाए रखने की बात कही। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि UAE ने मिसाइलों को ईरान से लॉन्च किए जाने की बात कही है, लेकिन ईरान इस आरोप से साफ इनकार कर रहा है। इसलिए मिसाइलों के इरादे और जिम्मेदारी को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं।


ईरान ने मिसाइल हमले के आरोप पर क्या कहा?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने UAE के आरोप को पूरी तरह खारिज किया। ईरान ने कहा कि इस तरह के आरोप क्षेत्रीय देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ईरान ने UAE से बिना ठोस आधार के आरोप लगाने से बचने को कहा है। यानी फिलहाल स्थिति यह है कि UAE का दावा है कि उसकी ओर ईरान से दो बैलिस्टिक मिसाइलें आईं, जबकि तेहरान ने इन्हें लॉन्च करने से इनकार किया है।

 

दोनों देशों के रिश्ते पहले सुधर रहे थे, फिर क्यों बिगड़े?

ताजा घटनाक्रम को समझने के लिए UAE और ईरान के पिछले कुछ महीनों के रिश्तों को देखना जरूरी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा तनाव रहा है, लेकिन हाल के महीनों में UAE ने ईरान के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संपर्क बनाए रखने की कोशिश की थी।

 

क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान UAE पर ईरान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए व्यापक संघर्ष के दौरान UAE पर करीब 3,000 मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करने की बात सामने आई। इसके बाद जून में तनाव कम करने की दिशा में एक समझौते की कोशिश हुई, लेकिन जुलाई में स्थिति फिर बिगड़ने लगी।

 

UAE लगातार यह संकेत देता रहा है कि वह खुद को बड़े क्षेत्रीय युद्ध में शामिल नहीं करना चाहता। लेकिन अब उसके खिलाफ नए मिसाइल खतरे की रिपोर्ट ने उसकी स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

 

मामला सिर्फ UAE तक सीमित नहीं, Hormuz भी बड़ी वजह

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील हिस्सा Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस दुनिया के बाजारों तक पहुंचती है।

 

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस जलमार्ग को लेकर पहले से ही स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। UAE ने इससे पहले भी इस रणनीतिक जलमार्ग में अपने से जुड़ी शिपिंग गतिविधियों पर हमलों को लेकर ईरान पर आरोप लगाए थे। दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि होर्मुज को पूरी तरह सामान्य करने से पहले अमेरिका को अपनी कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।

 

इसी बीच होर्मुज के आसपास दूसरे जहाजों पर हमलों की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, तेल की सप्लाई और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

 

UAE के फैसले का ईरान पर क्या असर पड़ेगा?

UAE के साथ व्यापार और वित्तीय संपर्क ईरान के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अगर यह रोक लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर ईरानी कारोबारियों, आयातकों-निर्यातकों और वित्तीय लेन-देन पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ UAE के लिए भी ईरान के साथ व्यापार पूरी तरह रोकना आसान फैसला नहीं है। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से अबू धाबी ने आर्थिक संबंधों की तुलना में क्षेत्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

 

इस फैसले का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। अगर खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ता है, तो तेल की कीमत, समुद्री बीमा, शिपिंग लागत और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव आ सकता है। 18 अगस्त को होर्मुज को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

 

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि UAE का आर्थिक प्रतिबंध कितने समय तक चलता है और क्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू होती है। UAE ने इसे “until further notice”, यानी अगले आदेश तक लागू रखने की बात कही है।

 

अगर मिसाइल घटना की जांच के बाद तनाव कम करने की कोशिश सफल होती है तो व्यापारिक रिश्ते दोबारा बहाल हो सकते हैं। लेकिन अगर होर्मुज में सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं या UAE को दोबारा सुरक्षा खतरा महसूस होता है, तो दोनों देशों के बीच पहले से कमजोर होता भरोसा और ज्यादा टूट सकता है।

 

फिलहाल इतना साफ है कि दो बैलिस्टिक मिसाइलों की घटना ने UAE और ईरान के बीच सुधरते रिश्तों को फिर झटका दिया है और इसका असर खाड़ी की सुरक्षा से लेकर वैश्विक तेल बाजार तक पहुंच सकता है।

FAQs

18 अगस्त 2026 को UAE ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से उसकी दिशा में दो बैलिस्टिक मिसाइलें detect कीं। एक UAE के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बाहर और दूसरी उसके भीतर समुद्र में गिरी। किसी नुकसान या चोट की सूचना नहीं मिली। ईरान ने मिसाइल लॉन्च करने से इनकार किया है।

UAE ने क्षेत्रीय तनाव और शांति एवं सुरक्षा पर बढ़ते खतरे का हवाला देते हुए ईरान के साथ सभी व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेन-देन को अगले आदेश तक रोक दिया है।

नहीं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने UAE के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। इसलिए मिसाइलों की जिम्मेदारी को लेकर अभी दोनों देशों के दावे अलग हैं।

UAE के मुताबिक उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया था। इसके बाद दुबई समेत UAE के कई हिस्सों में लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन चेतावनी भेजी गई।

UAE के अनुसार दोनों मिसाइलें समुद्र में गिरीं और किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। UAE ने बताया कि उसकी सेना हाई अलर्ट पर है।

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