Bicycle Scam Delhi में कीमत को लेकर क्या दावा किया गया?
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि शिकायतकर्ता कंपनी SK Bikes ने कहा है कि वही मॉडल की माउंटेन टेरेन (MTB) साइकिल अन्य राज्यों को लगभग Rs.4,100 प्रति साइकिल की दर से सप्लाई की जा रही है। AAP का आरोप है कि–
- दिल्ली सरकार ने प्रति साइकिल लगभग Rs. 6,957 की दर से खरीद की।
- बाजार में उपलब्ध साइकिल की तुलना में यह कीमत काफी अधिक बताई गई।
- इसी वजह से सरकारी खरीद पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
टेंडर प्रक्रिया में किन अनियमितताओं का आरोप?
AAP ने Delhi Bicycle Tender को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
- टर्नओवर की शर्त बढ़ाने का आरोप
AAP का कहना है कि–
- कुल टेंडर मूल्य लगभग Rs.90 करोड़ था।
- सामान्य नियमों के अनुसार पात्रता के लिए लगभग Rs.180 करोड़ तक का टर्नओवर पर्याप्त होना चाहिए था।
- लेकिन इसे बढ़ाकर Rs.360 करोड़ कर दिया गया।
- इससे कई कंपनियां स्वतः बाहर हो गईं।
- हाल का वित्तीय वर्ष शामिल नहीं किया गया
AAP ने आरोप लगाया कि–
- 2026-27 के टेंडर में 2025-26 के वित्तीय वर्ष को पात्रता से बाहर रखा गया।
- इसके कारण कुछ कंपनियां बोली लगाने के योग्य नहीं रहीं।
- प्री-बिड बैठक नहीं हुई
AAP का दावा है कि–
- सामान्य प्रक्रिया के तहत प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जाती है।
- इस टेंडर में ऐसी बैठक नहीं हुई।
- कंपनियों द्वारा भेजे गए सुझावों और आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया।
अन्य राज्यों का उदाहरण देकर क्या कहा गया?
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में भी इसी तरह की साइकिल खरीद हुई है लेकिन वहां पात्रता की शर्तें अलग थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि–
- राजस्थान में 3.70 लाख साइकिलों के टेंडर के लिए लगभग Rs.150 करोड़ टर्नओवर की शर्त थी।
- छत्तीसगढ़ में 1.60 लाख साइकिलों के लिए लगभग Rs.90 करोड़ टर्नओवर रखा गया।
- जबकि दिल्ली में कम संख्या में साइकिल खरीदने के बावजूद Rs.360 करोड़ का टर्नओवर मांगा गया।
AAP का कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई।
किन कंपनियों ने शिकायत की?
AAP के मुताबिक शिकायत करने वालों में शामिल हैं–
- SK Bikes
- World MSME Forum
- अन्य संबंधित कंपनियां
पार्टी का दावा है कि इन कंपनियों ने विजिलेंस आयोग, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखित शिकायत भेजी है।
दिल्ली सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
इस खबर के प्रकाशित होने तक दिल्ली सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल ये सभी आरोप AAP द्वारा लगाए गए हैं और इनकी किसी स्वतंत्र एजेंसी या जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है। यदि सरकार या संबंधित विभाग की ओर से प्रतिक्रिया आती है तो खबर को उसी अनुसार अपडेट किया जाएगा।
निष्कर्ष
Rs.90 Crore Bicycle Scam Delhi को लेकर AAP ने दिल्ली सरकार पर स्कूल छात्राओं के लिए साइकिल खरीद में टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, अधिक कीमत पर खरीद और एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस पूरे मामले की सच्चाई किसी संभावित जांच या सरकारी स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।
FAQs
Q1. Rs.90 करोड़ साइकिल टेंडर विवाद क्या है?
AAP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने स्कूल छात्राओं के लिए साइकिल खरीद के टेंडर में कथित तौर पर अनियमितताएं कीं और एक पसंदीदा कंपनी को फायदा पहुंचाया।
Q2. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
AAP का दावा है कि टेंडर की शर्तें जानबूझकर बदली गईं, साइकिलें अधिक कीमत पर खरीदी गईं और प्रतिस्पर्धा सीमित की गई।
Q3. यह टेंडर किस उद्देश्य के लिए जारी किया गया था?
यह टेंडर दिल्ली के सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए लगभग 1.30 लाख साइकिलों की खरीद के लिए जारी किया गया था।
Q4. सौरभ भारद्वाज ने टेंडर प्रक्रिया में कौन-सी अनियमितताओं का दावा किया है?
उन्होंने अधिक टर्नओवर की शर्त, प्री-बिड मीटिंग न कराने, हाल के वित्तीय वर्ष को बाहर रखने और अधिक कीमत पर खरीद जैसे आरोप लगाए हैं।
Q5. दिल्ली सरकार ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
खबर लिखे जाने तक दिल्ली सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Q6. क्या इस मामले में किसी जांच की मांग की गई है?
AAP के अनुसार, कई कंपनियों ने विजिलेंस आयोग, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। फिलहाल किसी आधिकारिक जांच की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।