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Trump को बड़ा झटका! 75 देशों के Immigrant Visa Freeze पर अमेरिकी कोर्ट ने लगाई रोक

अमेरिकी जज ने Trump प्रशासन की 75 देशों के Immigrant Visa रोकने वाली नीति को “patently unlawful” बताते हुए रद्द कर दिया। इस फैसले से Pakistan और Bangladesh समेत प्रभावित देशों के visa applicants को बड़ी राहत मिल सकती है।

Trump को बड़ा झटका! 75 देशों के Immigrant Visa Freeze पर अमेरिकी कोर्ट ने लगाई रोक

अमेरिका में Donald Trump की सख्त immigration policy को बड़ा कानूनी झटका लगा है। एक अमेरिकी संघीय जज ने Trump Immigrant Visa Freeze Struck Down करते हुए 75 देशों के नागरिकों के लिए immigrant visa जारी करने पर लगाई गई रोक को गैरकानूनी करार दिया है।Manhattan की US District Judge Jeannette Vargas ने कहा कि State Department की जनवरी में घोषित यह नीति Secretary of State Marco Rubio के कानूनी अधिकार से बाहर थी। अदालत के मुताबिक, किसी applicant की nationality के आधार पर immigrant visa जारी करने पर पूरी तरह रोक लगाना संघीय immigration law की व्यवस्था के खिलाफ है।इस फैसले से Pakistan और Bangladesh समेत कई देशों के उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके immigrant visa applications इस नीति से प्रभावित हुए थे।

US Immigrant Visa Freeze पर कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने Trump प्रशासन की policy को “patently unlawful” यानी स्पष्ट रूप से गैरकानूनी बताया।Judge Vargas के अनुसार, policy ने applicant की nationality के आधार पर immigrant visa जारी करने पर एक व्यापक रोक लगा दी थी। अदालत ने माना कि federal immigration law के तहत Secretary of State के पास consular officers द्वारा immigrant visas की processing को इस तरह रोकने का अधिकार नहीं था।यानी मामला सिर्फ visa processing धीमी करने का नहीं था, बल्कि पूरी-की-पूरी nationality-based रोक को लेकर था।

Trump Immigrant Visa Freeze Struck Down: किन 75 देशों पर पड़ा था असर?

जनवरी में लागू की गई policy का असर दुनिया के 75 देशों के applicants पर पड़ा था।इसमें Latin America के Brazil, Colombia और Uruguay जैसे देश शामिल थे। इसके अलावा Bosnia और Albania जैसे Balkan देशों के साथ-साथ Pakistan और Bangladesh भी प्रभावित देशों में थे।इसके अलावा Africa, Middle East और Caribbean के कई देशों के नागरिक भी इस suspension के दायरे में आए थे।US State Department ने इस policy का बचाव करते हुए कहा था कि इन देशों के applicants में अमेरिका की public resources पर निर्भर होने का जोखिम अधिक था।

Pakistan और Bangladesh के Applicants के लिए क्या बदलेगा?

इस मामले में Pakistan और Bangladesh का नाम खास तौर पर सामने आया है क्योंकि दोनों देशों के immigrant visa applicants इस suspension से प्रभावित हुए थे।हालांकि, इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि हर applicant को तुरंत visa मिल जाएगा। अदालत ने policy को चुनौती दी है, लेकिन individual visa applications पर सामान्य immigration requirements और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं लागू रह सकती हैं।इसलिए प्रभावित applicants के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि nationality के आधार पर लगाई गई व्यापक रोक अब कानूनी चुनौती के घेरे में आ गई है।

Trump प्रशासन ने Visa Freeze क्यों लगाया था?

Trump प्रशासन ने policy के पीछे आर्थिक और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था।State Department के मुताबिक, प्रभावित देशों के applicants में अमेरिका की federal, state और local government resources पर निर्भर होने का जोखिम अधिक था। इसी आधार पर immigrant visa issuance को suspend किया गया था।Trump प्रशासन पहले से ही immigration को लेकर कई कड़े कदम उठा रहा है और उसका कहना रहा है कि इन नीतियों का उद्देश्य national security और domestic security को मजबूत करना है।वहीं immigrant rights groups ने प्रशासन की immigration crackdown policies पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऐसी नीतियां due process और अन्य अधिकारों को प्रभावित कर सकती हैं तथा ethnic minorities के बीच असुरक्षा बढ़ा सकती हैं।

Court में मामला कैसे पहुंचा?

US Immigrant Visa Freeze के खिलाफ immigrant rights organisations ने अदालत का रुख किया था।इस मुकदमे में Catholic Legal Immigration Network और African Communities Together के साथ immigrant visa applicants तथा ऐसे US citizens भी शामिल थे, जो अपने परिवार के सदस्यों को immigrant visa के जरिए अमेरिका बुलाना चाहते थे।इसी मामले में Judge Jeannette Vargas ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।Vargas को पूर्व Democratic President Joe Biden ने federal judge नियुक्त किया था।

अब Trump प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?

इस फैसले के बाद Trump प्रशासन के सामने immigration policy को लेकर एक और कानूनी चुनौती खड़ी हो गई है।अदालत ने स्पष्ट किया है कि executive branch की immigration policy भी Congress द्वारा बनाए गए federal immigration laws की सीमाओं के भीतर होनी चाहिए।

यही वजह है कि Trump Immigrant Visa Freeze Struck Down का फैसला सिर्फ 75 देशों के applicants के लिए अहम नहीं है, बल्कि Trump प्रशासन की व्यापक immigration strategy के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन इस फैसले के खिलाफ तुरंत appeal करेगा या policy में बदलाव करेगा।

निष्कर्ष

Trump Immigrant Visa Freeze Struck Down होने से 75 देशों के immigrant visa applicants के लिए बड़ी कानूनी राहत का रास्ता खुला है। Pakistan और Bangladesh भी प्रभावित देशों में शामिल थे।लेकिन इस फैसले को सभी applicants के लिए automatic visa approval के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। Individual applications पर बाकी immigration requirements लागू रहेंगी।फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि Trump प्रशासन अदालत के इस फैसले को स्वीकार करता है या इसे आगे चुनौती देता है।

FAQ:

US Judge ने Trump की Immigrant Visa Freeze Policy को क्यों रद्द किया?

अदालत ने माना कि nationality के आधार पर immigrant visa issuance पर व्यापक रोक लगाना Secretary of State के कानूनी अधिकार से बाहर था और federal immigration law के अनुरूप नहीं था।

Trump Administration ने कितने देशों के Immigrant Visas पर रोक लगाई थी?

State Department की policy के तहत 75 देशों के applicants के immigrant visa issuance को suspend किया गया था।

क्या Pakistan और Bangladesh इस Visa Freeze से प्रभावित हुए थे?

हां। Pakistan और Bangladesh उन देशों में शामिल थे, जिनके applicants पर इस policy का असर पड़ा था।

क्या इस फैसले से Pakistan के सभी Visa Applicants को तुरंत राहत मिलेगी?

फैसले से nationality-based suspension को चुनौती मिली है, लेकिन individual applicants को अन्य immigration requirements और processing procedures का पालन करना होगा।

Trump Administration ने Immigrant Visa Freeze क्यों लगाया था?

State Department ने दावा किया था कि प्रभावित देशों के आवेदकों में अमेरिकी सरकार की welfare सुविधाओं पर निर्भर होने यानी “public charge” बनने का जोखिम ज्यादा है। इसी आधार पर 75 देशों के नागरिकों के immigrant visas जारी करने पर रोक लगाई गई थी।

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