Delhi Police Drops Case Against Minor: PM मोदी को गाली, माफी और फिर राहत… नाबालिग के केस में आया बड़ा ट्विस्ट, जानिए क्या होगा ?

Delhi Police Drops Case Against Minor

Delhi Police Drops Case Against Minor : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज जीरो एफआईआर (Zero FIR) को नियमित एफआईआर (Regular FIR) में बदलने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसका मतलब यह है कि फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर लड़की के लिए माफी की मांग तेज हो गई थी और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह “भटके हुए बच्चों” को माफ करते हैं। इसके बाद लड़की और उसके परिवार ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए मामले को समाप्त करने की अपील की थी।

Delhi Police Drops Case Against Minor

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा आंदोलन किया था। इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक युवती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी।

वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के नोएडा में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके आधार पर नोएडा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की और मामला आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया, क्योंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र की थी।

कुछ दिनों बाद वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की सामने आई और उसने खुद को 15 वर्ष की नाबालिग बताया। उसने कहा कि प्रदर्शन के दौरान वह दूसरे लोगों के प्रभाव में आ गई थी और उसी बहकावे में उसने ऐसी बातें कह दीं।

 

नाबालिग ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी

मामले के तूल पकड़ने के बाद लड़की ने वीडियो जारी कर पूरे देश से माफी मांगी। उसने कहा कि वह केवल 15 वर्ष की है और उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। उसने स्वीकार किया कि उसने ऐसी बातें कहीं जो माफी के योग्य नहीं थीं। उसने कहा कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती है तथा वह पूरे देश और प्रधानमंत्री से क्षमा मांगती है। लड़की ने यह भी कहा कि अब उसे अपने किए पर गहरा पछतावा है और वह खुद की ओर भी ठीक से नहीं देख पा रही।

इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जबकि कई लोगों ने उसकी कम उम्र को देखते हुए उसे दूसरा मौका देने की अपील भी की।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक इंस्टाग्राम रील के जरिए कहा कि वह उन “भटके हुए बच्चों” को माफ करते हैं जिन्होंने उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अदालतों में घसीटना, मुकदमों में उलझाना और लगातार परेशान करना परिस्थितियों को नहीं बदलेगा। उन्होंने समाज से भी अपील की कि इन बच्चों को सुधार का अवसर दिया जाए।

प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद मामले का स्वर काफी बदल गया और लड़की के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने की मांग और तेज हो गई।

 

लड़की की मां ने भी की भावुक अपील

लड़की की मां ने भी सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को माफ कर “जीवनदान” दिया है। उन्होंने अनुरोध किया कि गलत नाम और उम्र के आधार पर दर्ज एफआईआर को भी समाप्त किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने एक और महत्वपूर्ण मांग उठाई। उनका कहना था कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि कम उम्र के बच्चे आसानी से दूसरों के प्रभाव में आ जाते हैं और उन्हें दुनिया की पूरी समझ नहीं होती।

 

दिल्ली पुलिस ने मामला आगे क्यों नहीं बढ़ाया?

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी तक नियमित एफआईआर (Regular FIR) दर्ज ही नहीं की गई है। उनके अनुसार नोएडा पुलिस ने केवल जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर मामला दिल्ली भेजा था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे नियमित एफआईआर में परिवर्तित नहीं किया।

यही वजह है कि तकनीकी रूप से मामला आगे नहीं बढ़ाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार जब नियमित एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई, तो उसे वापस लेने का भी सवाल नहीं उठता। यानी फिलहाल नाबालिग के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी।

 

Zero FIR और Regular FIR में क्या अंतर होता है?

भारत में Zero FIR ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत कोई भी पुलिस थाना अपने क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) की परवाह किए बिना शिकायत दर्ज कर सकता है। बाद में यह मामला उस पुलिस थाने को भेज दिया जाता है, जहां घटना वास्तव में हुई हो।

इस मामले में वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर का था, जबकि शिकायत नोएडा में दर्ज हुई थी। इसलिए नोएडा पुलिस ने Zero FIR दर्ज कर उसे आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया था।

दिल्ली पुलिस के निर्णय के बाद फिलहाल यह मामला नियमित आपराधिक मुकदमे में नहीं बदलेगा।

 

अरविंद केजरीवाल और CJP ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि एक रुचिका को डराया जाएगा तो उसके स्थान पर दस और युवा सामने आएंगे। उन्होंने लड़की को भरोसा दिलाया कि यदि उसे किसी प्रकार की कानूनी सहायता की जरूरत होगी तो वह उसके साथ खड़े रहेंगे।

वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि किसी प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल गलत हो सकता है, लेकिन केवल इसी आधार पर आपराधिक कानून का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

 

आंदोलन की पृष्ठभूमि क्या थी?

यह पूरा विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस आंदोलन से जुड़ा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा था।

इस आंदोलन में हजारों छात्र शामिल हुए थे। प्रसिद्ध नवाचार विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपने 26 दिन के अनशन के दौरान इस आंदोलन का समर्थन किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव भी देखने को मिला।

25 जुलाई को आंदोलन समाप्त हुआ। CJP का दावा था कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसी दौरान तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और बाद में संसद ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 भी पारित किया, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर कड़ी रोक लगाना है।

 

FAQ

  1. दिल्ली पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ मामला क्यों नहीं बढ़ाया?
    दिल्ली पुलिस ने Zero FIR को नियमित एफआईआर में बदलने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई, इसलिए फिलहाल उसके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी।
  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाबालिग को क्यों माफ किया?
    प्रधानमंत्री ने कहा कि वह “भटके हुए बच्चों” को माफ करते हैं और उन्हें अदालतों में घसीटना परिस्थितियों का समाधान नहीं है।
  3. नाबालिग पर क्या आरोप थे?
    उस पर जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप था।
  4. क्या इस मामले में कानूनी कार्रवाई हुई थी?
    नोएडा पुलिस ने Zero FIR दर्ज की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे नियमित एफआईआर में परिवर्तित नहीं किया।
  5. नाबालिगों के मामलों में कौन-सा कानून लागू होता है?
    भारत में नाबालिगों से जुड़े मामलों की सुनवाई और प्रक्रिया किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (Juvenile Justice Act, 2015) के प्रावधानों के अनुसार की जाती है।