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एक देश जिसे कहा जाता है धरती की साँस : कहानी ब्राज़ील की !

भूगोल और स्थान ब्राज़ील दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश है और दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा राष्ट्र है। यह पूर्वी तट पर अटलांटिक महासागर के किनारे 7,400 किलोमीटर लंबा समुद्री किनारा रखता है और हर दक्षिण अमेरिकी देश स

एक देश जिसे कहा जाता है धरती की साँस : कहानी ब्राज़ील की !

भूगोल और स्थान

ब्राज़ील दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश है और दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा राष्ट्र है। यह पूर्वी तट पर अटलांटिक महासागर के किनारे 7,400 किलोमीटर लंबा समुद्री किनारा रखता है और हर दक्षिण अमेरिकी देश से इसकी सीमा लगती है, सिवाय चिली और इक्वाडोर के। यहाँ का भू-भाग विविध हैं जैसे अमेज़न वर्षावन, सूखी घास भूमियां (पाम्पास), पहाड़ियां, दलदली क्षेत्र, पठार और समुद्री तटीय मैदान शामिल हैं। अमेज़न नदी, जो कई सहायक नदियों का जाल है, उत्तर ब्राज़ील पर हावी है। यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है। ब्राज़ील में कई द्वीपसमूह भी आते हैं और यह चार समय क्षेत्रों में फैला हुआ है। यह एकमात्र देश है जहां विषुवत रेखा और मकर रेखा दोनों गुजरती हैं।

  • Capital: Brasilia
  • Area: 8,515,767 sq km
  • Population: 2 million
  • Languages: portuguese
  • Life expectancy:42 years

इतिहास

ब्राज़ील के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। 1500 में पुर्तगालियों ने यहां कदम रखा और इसे अपने अधीन किया। 1822 में ब्राज़ील ने स्वतंत्रता घोषित की और सम्राट पेड्रो प्रथम बना। 1888 में दासप्रथा समाप्त हुई और अगले वर्ष गणराज्य की स्थापना हुई। 1930 में गेटुलियो वार्गस ने तख्तापलट कर सत्ता संभाली और औद्योगीकरण व सामाजिक सुधार किए। द्वितीय विश्व युद्ध में 1943 में ब्राज़ील ने मित्र राष्ट्रों का साथ दिया। 1964 में सैन्य शासन शुरू हुआ जो 1985 तक चला। 1989 में प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव फिर शुरू हुए। 2002 में लूला पहले वामपंथी राष्ट्रपति बने। 2016 में राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ को हटाया गया। 2018 में जेयर बोल्सोनारो राष्ट्रपति बने और 2022 में लूला ने सत्ता में वापसी की। 2023 में बोल्सोनारो समर्थकों ने ब्राज़ीलिया में हिंसा की, जिसे कड़ी निंदा के साथ कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

लोग और संस्कृति

ब्राज़ील की संस्कृति पुर्तगाली, अफ्रीकी, आदिवासी और अन्य यूरोपीय व एशियाई परंपराओं का मिश्रण है। इसकी भाषा, धर्म, संगीत, कला और भोजन विभिन्न सांस्कृतिक प्रभावों से समृद्ध हुए हैं। इतालवी, जर्मन, जापानी और अरब प्रवासियों ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। ब्राज़ील की कला और सिनेमा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। फ़ुटबॉल यहाँ जुनून की तरह है, और देश ने अब तक पाँच बार विश्व कप जीता है।

प्रकृति और जैव विविधता

ब्राज़ील दुनिया में सबसे अधिक जीव-जंतुओं की विविधता वाला देश है, जहाँ 600 स्तनधारी, 1,500 मछलियाँ, 1,600 पक्षी और लगभग 1 लाख कीट प्रजातियाँ पाई जाती हैं। देश की अधिकतर वन्यजीव प्रजातियाँ अमेज़न और अन्य जंगलों में पाई जाती हैं, जबकि पाम्पास और अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में भी कई अनोखे जीव रहते हैं। मध्य-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित पैंटानाल दुनिया का सबसे बड़ा दलदली क्षेत्र है, जहाँ एनाकोंडा, कैपिबारा और खतरनाक कैमन पाए जाते हैं। वनों का दोहन हजारों वर्षों से होता आ रहा है, लेकिन यूरोपीय आगमन के बाद यह तेजी से बढ़ा है। आज केवल 7% क्षेत्र ही संरक्षित है। ब्राज़ील का मौसम क्षेत्रानुसार विविध है—गर्मियों में समुद्र तट और वर्षावन, सर्दियों में पहाड़ और अंगूर के बाग आकर्षण का केंद्र होते हैं।

ब्राज़ील की धरती का सबसे अनोखा तोहफ़ा है अमेज़न वर्षावन—दुनिया का सबसे बड़ा ट्रॉपिकल रेनफॉरेस्ट। यह सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि धरती की साँस है। लाखों प्रजातियों के पेड़-पौधे और जानवर यहाँ रहते हैं, और कई ऐसी प्रजातियाँ हैं जिन्हें इंसान ने पहली बार यहीं देखा। अमेज़न नदी, जो कभी शांत तो कभी उफनती लहरों के साथ बहती है, इस देश की जान है।

राजधानी ब्रासीलिया अपने आधुनिक और अनोखे वास्तुकला के लिए मशहूर है, जबकि रियो डी जेनेरो तो मानो पूरी दुनिया के सपनों का शहर है। ऊँचे पहाड़ों पर खड़ा क्राइस्ट द रिडीमर का विशालकाय प्रतिमा रियो का प्रतीक है। हर साल यहाँ का कार्निवल दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है—रंग-बिरंगे परिधानों में सांबा नर्तक सड़कों पर उतरते हैं और शहर कई दिनों तक एक विशाल पार्टी में बदल जाता है।

ब्राज़ील भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण?

ब्राज़ील भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और वैश्विक साझेदार है। दोनों देश लोकतांत्रिक, विकासशील और विविधताओं से भरे राष्ट्र हैं जो वैश्विक मंचों जैसे BRICS, G20 और संयुक्त राष्ट्र में मिलकर कार्य करते हैं। ब्राज़ील जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और वैश्विक शासन सुधार जैसे मुद्दों पर भारत के साथ साझा दृष्टिकोण रखता है। दोनों देशों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। सांस्कृतिक, शैक्षणिक और लोगों के बीच संपर्क भी संबंधों को मजबूत बना रहे हैं। इन सभी कारणों से ब्राज़ील भारत के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है।

भारत ब्राज़ील संबंध

भारत और ब्राज़ील के बीच 1948 से मजबूत राजनयिक संबंध हैं, जो 2006 में रणनीतिक साझेदारी में बदल गए। दोनों देश BRICS, G20 और अन्य वैश्विक मंचों पर मिलकर काम करते हैं। विज्ञान, तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सौर ऊर्जा में साझेदारी और भी गहरी हुई है। यह संबंध दोनों देशों के वैश्विक प्रभाव को मजबूत बनाते हैं।

भारत ब्राज़ील व्यापारिक संबंध

भारत और ब्राज़ील के बीच 2017 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 7.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा। इसमें भारत ने ब्राज़ील को 2.94 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि ब्राज़ील से 4.66 बिलियन डॉलर का आयात किया गया, जिससे भारत को 1.7 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा हुआ। भारत से ब्राज़ील को प्रमुख निर्यात वस्तुएँ थीं दवाइयाँ, ऑर्गेनिक केमिकल्स, मशीनरी, वस्त्र और मानव निर्मित फाइबर। वहीं ब्राज़ील से भारत ने मुख्य रूप से कच्चा तेल (1.5 बिलियन डॉलर), गन्ना चीनी (924 मिलियन डॉलर), तांबे का अयस्क, सोया तेल और सोना आयात किया। इस मजबूत व्यापारिक रिश्ते के साथ दोनों देश निवेश के क्षेत्र में भी आईटी, ऊर्जा, फार्मा, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राज़ील यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 से 8 जुलाई 2025 तक ब्राज़ील की राजकीय यात्रा की। इस दौरान, उन्हें ब्राज़ील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "Grand Collar of the National Order of the Southern Cross" प्रदान किया गया। ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के बाद, ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने छह प्रमुख क्षेत्रों—डिफेंस, आतंकवाद विरोध, डिजिटल परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य—में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही, 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने और आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर एकजुट रुख अपनाने का संकल्प लिया।

निष्कर्ष:

ब्राज़ील और भारत के बीच मजबूत दोस्ताना और रणनीतिक संबंध हैं जो समय के साथ और भी गहरे होते जा रहे हैं। दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की हालिया ब्राज़ील यात्रा ने इस साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। भविष्य में यह साझेदारी दोनों देशों के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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