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SIR में Ex-Indian Envoy से Citizenship Proof क्यों मांगा गया?

तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रिटायर्ड IFS अधिकारी नवदीप सूरी को पंजाब में SIR के दौरान Citizenship Proof देने को कहा गया। 2003 के रिकॉर्ड से जानकारी मैच न होने के बाद उनसे पासपोर्ट मांगा गया, जिससे SIR प्रक्रिया और नागरिकता दस्तावेजों को लेकर सवाल उठे।

SIR में Ex-Indian Envoy से Citizenship Proof क्यों मांगा गया?

पंजाब में चल रहे Former Indian Ambassador SIR से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दस्तावेजों और नागरिकता सत्यापन को लेकर बहस तेज कर दी है। रिटायर्ड भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी नवदीप सूरी ने दावा किया कि तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उनसे अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे गए। नवदीप सूरी भारत के संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और ऑस्ट्रेलिया में राजदूत तथा हाई कमिश्नर रह चुके हैं। 2019 में सेवानिवृत्त होने के बाद वह पंजाब के अमृतसर में रह रहे हैं। उनका मामला पंजाब में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आया।

SIR के दौरान नवदीप सूरी से Citizenship Proof क्यों मांगा गया?

सूरी के मुताबिक, उन्होंने अपने Booth Level Officer (BLO) के पास जाकर Voter ID और Aadhaar Card जमा किए थे। उस समय उन्हें बताया गया कि उनके दस्तावेज सही हैं। हालांकि, बाद में उन्हें एक संदेश मिला कि उनके कुछ विवरण SIR के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 2003 के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। सूरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि इसके बाद उनसे भारतीय नागरिकता का प्रमाण देने के लिए कहा गया। उनके अनुसार, समस्या का एक कारण यह भी था कि वर्ष 2003 में वह भारत से बाहर अपनी राजनयिक जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके बाद उन्हें अपना Passport प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।

2003 के रिकॉर्ड से क्यों जुड़ा है मामला?

पंजाब में SIR के दौरान मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड को पुराने रिकॉर्ड से मिलाकर सत्यापन किया जा रहा है। सूरी के मामले में भी उनके विवरण की तुलना 2003 के रिकॉर्ड से की गई। चूंकि वह उस समय विदेश में भारत की सेवा कर रहे थे, इसलिए उनके नाम या अन्य विवरण को पुराने रिकॉर्ड से जोड़ने में समस्या सामने आई। इसी वजह से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने की स्थिति बनी। सूरी ने इस पूरे मामले की विडंबना पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके व्यक्ति को भी अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है, तो आम नागरिक की स्थिति क्या होगी।

Aadhaar और Passport क्या Citizenship का Proof हैं?

यहां SIR Citizenship Verification से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। Aadhaar मुख्य रूप से व्यक्ति की पहचान और निवास से जुड़ा दस्तावेज है। यह अपने आप में भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। वहीं, पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को दस्तावेजों और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के बाद जारी किया जाता है, लेकिन विदेश मंत्रालय पहले स्पष्ट कर चुका है कि पासपोर्ट को अकेले नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता। यही वजह है कि SIR जैसी प्रक्रिया में अलग-अलग दस्तावेजों की भूमिका और स्वीकार्यता को लेकर बहस होती रही है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इससे जुड़े मुद्दे पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया था कि भारतीय पासपोर्ट और Aadhaar को नागरिकता प्रमाण के रूप में अधिक स्पष्ट तरीके से स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने गैर-नागरिक निवासियों के लिए अलग पहचान वाले Aadhaar की बात भी रखी थी।

Punjab SIR में अब तक क्या हुआ?

पंजाब में SIR की पहली चरण की प्रक्रिया के दौरान चुनाव अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच की। यह अभियान 25 जून से 3 अगस्त तक चला। इस दौरान राज्य के करीब 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 1.94 करोड़ के Enumeration Forms एकत्र कर उन्हें डिजिटल किया गया। करीब 20 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखा गया। अब 117 विधानसभा क्षेत्रों के लिए Draft Electoral Rolls प्रकाशित किए जा चुके हैं। मतदाता 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच अपने नाम और विवरण को लेकर दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। चुनाव अधिकारी इन दावों और आपत्तियों की जांच 8 अक्टूबर तक करेंगे। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली है।

SIR Verification को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

नवदीप सूरी का मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि वह कोई सामान्य मतदाता नहीं, बल्कि भारत के पूर्व राजनयिक हैं, जिन्होंने विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि, उनका मामला अपने आप में यह साबित नहीं करता कि SIR प्रक्रिया गलत है। यह मामला मुख्य रूप से इस सवाल को सामने लाता है कि पुराने रिकॉर्ड से जानकारी मेल न खाने पर नागरिकों से कौन-से दस्तावेज मांगे जाएंगे और उनकी जांच किस प्रक्रिया के तहत होगी। SIR Electoral Roll Revision का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करना है, लेकिन ऐसी प्रक्रिया में दस्तावेजों की स्पष्टता और नागरिकों को अपनी स्थिति समझाने का पर्याप्त अवसर बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

निष्कर्ष

नवदीप सूरी का मामला Former Indian Ambassador SIR प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल सामने लाता है। तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व राजनयिक से नागरिकता प्रमाण मांगे जाने की घटना ने यह बहस छेड़ दी है कि SIR में पुराने रिकॉर्ड, Aadhaar, Voter ID और Passport जैसे दस्तावेजों को किस तरह देखा जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले पर चुनाव आयोग, पंजाब सरकार या केंद्र की ओर से सूरी के दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

FAQ:

SIR के दौरान Ex-Indian Envoy से Citizenship Proof क्यों मांगा गया?

नवदीप सूरी के अनुसार, उनके विवरण 2003 के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसी वजह से उनसे अतिरिक्त दस्तावेजों के जरिए अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने को कहा गया।

SIR क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद विवरणों को जांचना और उसे अपडेट करना है।

Former Indian Ambassador से कौन-से Citizenship Documents मांगे गए?

सूरी के अनुसार, पहले उन्होंने Voter ID और Aadhaar Card जमा किया था। बाद में 2003 के रिकॉर्ड से विवरण नहीं मिलने के बाद उनसे Passport प्रस्तुत करने को कहा गया।

क्या SIR के दौरान सभी Voters को Citizenship Proof देना होगा?

हर मतदाता से एक जैसे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएं, यह जरूरी नहीं है। यदि पुराने रिकॉर्ड या मौजूदा विवरण में विसंगति सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकते हैं।

Election Commission SIR के तहत Voter Verification कैसे कर रहा है?

SIR के तहत मतदाताओं के विवरण को पुराने चुनावी रिकॉर्ड और वर्तमान जानकारी से मिलाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया जा रहा है।

क्या Former Diplomats भी SIR Verification के दायरे में आते हैं?

हां। SIR मतदाता सूची में शामिल पात्र मतदाताओं की समीक्षा की प्रक्रिया है। किसी व्यक्ति का पूर्व राजनयिक होना उसे मतदाता सूची के सत्यापन से बाहर नहीं करता।

SIR में Citizenship Proof के लिए कौन-कौन से Documents मान्य हैं?

दस्तावेजों की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और सत्यापन प्रक्रिया पर निर्भर करती है। Aadhaar पहचान और निवास से जुड़ा दस्तावेज है और अकेले निर्णायक नागरिकता प्रमाण नहीं माना जाता।

Electoral Roll में नाम Verify करने की प्रक्रिया क्या है?

मतदाता Draft Electoral Roll में अपना नाम और विवरण जांच सकते हैं। यदि कोई गलती या आपत्ति हो, तो निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

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